Day: December 4, 2017

परिवारों में घटते संस्कार व मूल्य, सद्गुण ही बनाते हैं विश्व विजेता (पत्रिका)

– अतुल कनक, वरिष्ठ टिप्पणीकार आधुनिक परिवेश में बदलते पारिवारिक मूल्यों के बीच परिवार में बच्चों की संख्या बढ़ाने से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है उन्हें प्रेम, सौहार्द और संस्कारों की भाषा सिखाना। गुणी संतान न हो तो अभिभावकों का भविष्य अंधकारमय ही माना जाता है। मानव सभ्यता पर हुए हुए विभिन्न प्रयोगों से यह साबित […]

घातक दुष्प्रभावों से ध्यान हटाने की कोशिश (पत्रिका)

– भारत डोगरा, वरिष्ठ पत्रकार लंदन स्कूल ऑफ हाईजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसन ने बताया कि तंबाकू उद्योग की तरह एल्कोहल उद्योग भी तरह-तरह के हथकंडों को अपना कर कैंसर और एल्कोहल के नजदीकी संबंध को स्पष्ट होने से ध्यान हटाता रहा है। शराब के स्वास्थ्य पर बहुत प्रतिकूल असर के बारे में जानकारियां बहुत पहले […]

भारत सुपर पावर बन सकता है, बशर्ते… (पंजाब केसरी)

अमेरिका के 44वें राष्ट्रपति का कार्यकाल पूरा करने के बाद बराक ओबामा की पहली भारत यात्रा समाप्त हो गई है। इस दौरान नई दिल्ली में एच.टी. समिट में उन्होंने कई मुद्दों पर अपने विचार रखे। इनमें से सबसे महत्वपूर्ण शायद उनका यह आकलन था कि ‘‘भारत-अमेरिका एक साथ काम करें तो ऐसी कोई समस्या नहीं […]

अब पाक राजनेता की बेटी ने खोली सेना की पोल (पंजाब केसरी)

—विजय कुमार कुछ समय पूर्व पाकिस्तान के पूर्व तानाशाह परवेज मुशर्रफ ने आतंकवादी सरगनाओं ओसामा बिन लाडेन, अल जवाहिरी तथा हक्कानी को पाकिस्तान के हीरो बताया था। उसने तालिबान तथा लश्कर जैसे आतंकवादी संगठनों को भारत विरोधी गतिविधियों के लिए पाकिस्तान सरकार द्वारा धन तथा प्रशिक्षण दिए जाने, कश्मीर में आतंकवादी भेजने तथा उन्हें पूरी […]

खुशियों का रसायन (हिन्दुस्तान)

एक लोकप्रिय फिल्मी गीत है- मन क्यों बहका, रे बहका, आधी रात को…। कवि, गीतकारों के लिए ही नहीं, वैज्ञानिकों के लिए भी मन की थाह पाना कभी आसान नहीं रहा। खासकर यह कि कोई विपरीत स्थितियों में भी कैसे खुश रह लेता है और कुछ ऐसे होते हैं कि लगता है, उनके दुख भरे […]

चुनौती और अवसर, दोनों है प्रदूषण (हिन्दुस्तान)

मोंटेक सिंह अहलूवालिया, पूर्व उपाध्यक्ष, योजना आयोग दिल्ली का वायु प्रदूषण अब भी सुर्खियों में है। इस मसले का हल निकालना इसलिए जरूरी है, क्योंकि दिल्ली देश का एकमात्र प्रदूषित शहर नहीं है। दुनिया के 20 सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में 11 भारत के हैं। इतना ही नहीं, अगले 20 वर्षों में शहरी आबादी में बड़े […]

लापरवाही का इलाज (जनसत्ता)

भारत की गिनती दुनिया के उन देशों में होती है जहां स्वास्थ्य पर सरकारी खर्च बहुत कम होता है। भारत में यह डेढ़ फीसद से भी कम है, जबकि चीन में तीन फीसद से ज्यादा। इसलिए भारत में सार्वजनिक चिकित्सा व्यवस्था हमेशा संसाधनों और कर्मियों की तंगी से जूझती रहती है। जननी सुरक्षा और राष्ट्रीय […]

दिल्ली की हवा (जनसत्ता)

दिल्ली के फीरोजशाह कोटला मैदान में भारत-श्रीलंका के बीच चल रहे क्रिकेट टेस्ट मैच में रविवार को इसलिए बार-बार बाधा आती रही कि श्रीलंका के खिलाड़ियों को धूल-धुंध और धुएं के वातावरण में खेलना मुश्किल हो रहा था। वे मुंह और नाक ढक कर खेलने उतरे, उसके बावजूद उनकी आंखों में जलन और सांस लेने […]

कट्टरपंथियों के आगे झुका पाक (प्रभात खबर)

आशुतोष चतुर्वेदी प्रधान संपादक, प्रभात खबर पिछले दिनों पाकिस्तान में घटित घटनाएं चिंतित करने वाली हैं. सेना ने एक बार फिर सरकार को कमजोर करने का दांव खेला और उसमें वह सफल रही. सेना ने इस्लामी कट्टरपंथियों को हवा देकर लोकतांत्रिक रूप से चुनी सरकार को और कमजोर कर दिया. पाकिस्तान हमारा पड़ोसी मुल्क है, […]

संपादकीय:Editorials (Hindi & English) © 2016