आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मानव सभ्यता का संकट (राष्ट्रीय सहारा)

सन्नी कुमार नई प्रौद्योगिकी जीवन को बेहतर बनाने के जितने दावों के साथ मानव जीवन में प्रवेश करती है, उससे जुड़ी आशंकाएं भी उतनी ही मजबूत होती हैं। ‘‘आर्टििफशियल इंटेलीजेंस’ (एआई) की प्रौद्योगिकी भी इस सिद्धांत का अपवाद नहीं है बल्कि कई मायनों में यह पूर्व की तुलना में अधिक आशंकामूलक है। दरअसल, पूर्व की…

This content is for Monthly Subscription, Half-yearly Subscription and Yearly Subscription members only.
Log In Register
Updated: March 15, 2019 — 12:36 pm