उन्मत्त राष्ट्रवाद और चुनाव (राष्ट्रीय सहारा)


राजेंद्र शर्मा पुलवामा की घटना से लेकर, चुनाव की तारीखों की घोषणा के बीच गुजरे तीन सप्ताह से कुछ ज्यादा के दौरान सत्ताधारी भाजपा ने जो कुछ कहा और किया है, उसके बाद इसमें किसी संदेह की गुंजाइश नहीं रह जाती है कि उसके हिसाब से उसके हाथ बाजी पलटने वाला मुद्दा लग गया है।…


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Updated: March 15, 2019 — 12:34 PM