सियासी दल पहले स्वयं को सुशासित करें फिर आंतरिक लोकतंत्र की स्थापना करें (दैनिक जागरण)


[ उदय प्रकाश अरोड़ा ]: आज भारत का पढ़ा-लिखा तबका भी यह मानने लगा है कि राजनीति एक गंदी चीज है। वह चूंकि साफ-सुथरी हो ही नहीं सकती, लिहाजा उससे बचकर रहना चाहिए। शायद इसी वजह से आज बोलचाल की भाषा में राजनीति शब्द का प्रयोग नकारात्मक अर्थ में होने लगा है। सवाल यह खड़ा…


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Updated: February 12, 2019 — 6:22 am