लोभ और लाभ के बीच पूरे देश का नज़ारा (दैनिक भास्कर)


लाभ से हमारा जीवन संचालित होता है। हमारे सारे लक्ष्य और उद्‌देश्य लाभ से प्रेरित होते हैं, लेकिन जब लाभ की आकांक्षा बढ़ती है तो लोभ आ जाता है। राम ने शबरी से कहा था, ‘जो भी हमें प्राप्त है, वह संतुष्टि दे रहा है, वही लाभ हमें प्राप्त होता है।’ रावण लोभ से भरा…


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Updated: November 21, 2016 — 10:02 am