भारतीय कविता की द्विवार्षिकी (प्रभात खबर)


रविभूषण, वरिष्ठ साहित्यकार बर्टोल्ट ब्रेष्ट (10 फरवरी, 1898-14 अगस्त, 1956) एक कविता है- ‘क्या अंधेरे दौर में/गाया भी जायेगा?/ हां अंधेरे दौर को भी/गाया जायेगा.’ आज अंधकार कहीं अधिक सघन है और कविता सदैव रोशनी फैलाती है. अंधकार के खिलाफ कविता हमेशा तन कर खड़ी रही है. हमारा समय हिंसा, धर्मांधता, कट्टरता, निरंकुशता और एक प्रकार…


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Updated: April 10, 2017 — 6:44 AM