नहीं तो रूठ जाएंगे राम (राष्ट्रीय सहारा)

चित्रकूट के घाट पर भई संतन की भीर। तुलसीदास चंदन घिसें, तिलक देंय रघुवीर।।एक जमाने तक यह चौपाई सुनाकर रामचरितमानस के वाचक रामभक्त तुलसीदास के महत्त्व बखान किया करते थे; श्री राम को मर्यादा पुरु षोत्तम कहते हुए समाज को राम के जीवन आदर्श याद दिलाते थे; उन पर चलने के लिए प्रेरित करते थे,…

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Updated: April 4, 2017 — 6:39 am