नाम के लिए (हिन्दुस्तान)


उनका तकिया कलाम है- मैं शोहरत नहीं चाहता। अच्छे काम को लेकर किसी की तारीफ पर उनके बोल होते हैं- मैं भी ऐसा कर सकता हूं, पर मुझे नाम नहीं चाहिए। कोई प्रसिद्धि न चाहे, यह अच्छी बात है, मगर केवल इसलिए अच्छे काम न करना तो मूर्खता है। हालांकि इतना मूर्ख कोई नहीं होता।…


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Updated: March 30, 2017 — 7:10 AM