गिफ्ट और ग्लैमर के दौर में करवाचौथ (हिन्दुस्तान)

पद्मा सचदेव, चर्चित साहित्यकार आज करवाचौथ है। 80 साल की उम्र में पीछे पलटकर इस त्योहार को याद करती हूं, तो स्मृतियों की आलमारी से कई सुनहरी यादें आंखों के सामने रूप धरकर घूमने लगती हैं। मैं जम्मू में अपने माता-पिता, भाई-बहनों के साथ रहती थी। हमारा सामूहिक परिवार था। कोई आठ-दस साल की थी,…

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Updated: October 17, 2019 — 1:22 PM