भारत को अरबपति नहीं, लखपति चाहिए (प्रभात खबर)


प्रभु चावला एडिटोरियल डायरेक्टर द न्यू इंडियन एक्सप्रेस जब बाजार एवं अर्थ-केंद्रित अर्थशास्त्रियों द्वारा धकेली आपूर्ति मांग से आगे निकल जाती है, तो 116 वर्षों पुराना एक आर्थिक सिद्धांत उनके प्रवचन का सर्वप्रमुख उद्देश्य बन जाता है- ‘बीमार भारतीय अर्थव्यवस्था हेतु सुधारों के लिए दबाव दो, मगर पुराने नुस्खों के इस्तेमाल पर जोर डालो.’ वर्ष…


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Updated: September 10, 2019 — 11:18 PM