आरक्षण, दलित दर्द और हिंदू (प्रभात खबर)


तरुण विजय वरिष्ठ नेता, भाजपा यह निर्विवाद सत्य है कि यदि बाबा साहब आंबेडकर की पहल तथा संवैधानिक आरक्षण व्यवस्था न होती, तो अनुसूचित जाति का हिंदू समाज या तो धर्मांतरित हो गया होता अथवा श्रीराम का नाम अधरों पर लिए आज भी कचरा बीन रहा होता. हिंदुओं की संवेदना (बड़ी जाति के हिंदू) के…


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Updated: August 23, 2019 — 3:23 PM