प्रकृति से छेड़छाड़ (दैनिक जागरण)


विकास की दौड़ में सीमाएं लांघने का ही परिणाम है कि पर्यावरण का स्वरूप बदलने लगा है। निर्माण व अन्य कारणों के लिए किया जाने वाला पेड़ कटान व प्रकृति से छेड़छाड़ लोगों के लिए ही मुश्किलें पैदा कर रहे हैं। लेकिन चिंताजनक है कि इस मुद्दे की गहराई को समझा नहीं जा रहा। बिगड़े…


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Updated: January 23, 2017 — 6:08 AM