कचरे का कारोबार और गरीबी की मार (बिजनेस स्टैंडर्ड)


सुनीता नारायण मेरी नजर कचरे के एक विशाल ढेर पर है जो बाकी कचरे से अलग है। यह कचरा मेरे, आपके और हम जैसे अनगिनत लोगों के घरों से आया है। इसे छांटा गया है, अलग किया गया है और इससे एक अलग तरह का ढेर लग गया है। मैं दिल्ली के टिकरी कलां में…


This content is for Monthly Subscription, Half-yearly Subscription and Yearly Subscription members only.
Log In Register


Updated: June 18, 2019 — 6:38 PM