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रक्त प्लाज्मा से दूसरों का जीवन बचाएं : Punjab Kesri Editorial


 भले ही भारत में कुछ ऐसी स्वैच्छिक संस्थाएं हैं, जो रक्त प्लाज्मा दान करने का कार्य कर रही हैं। यहां तक कि कुछ लोगों ने रक्त प्लाज्मा की सुविधा से अपने मरीजों को लाभ भी पहुंचाया है। कुछ अमरीका में रहने वाले भारतीयों द्वारा कोरोना वायरस पीड़ितों के लिए रक्त प्लाज्मा की व्यवस्था करने हेतु कई संस्थान बनाए हैं,

भले ही भारत में कुछ ऐसी स्वैच्छिक संस्थाएं हैं, जो रक्त प्लाज्मा दान करने का  कार्य कर रही हैं। यहां तक कि कुछ लोगों ने रक्त प्लाज्मा की सुविधा से अपने मरीजों को लाभ भी पहुंचाया है। कुछ अमरीका में रहने वाले भारतीयों द्वारा कोरोना वायरस पीड़ितों के लिए रक्त प्लाज्मा की व्यवस्था करने हेतु कई संस्थान बनाए हैं, क्योंकि यह एक थैरेपी है जो कइयों की जिंदगियों को बचा सकती है। भारत में निश्चित रूप से भारतीय रैडक्रॉस संस्था है जो लोगों को रक्त प्लाज्मा के लिए प्रेरित कर रही है कि जो लोग इस बीमारी से सफलतापूर्वक लड़कर ठीक हो गए हैं, वे उन रोगियों के लिए अपना प्लाज्मा दान करें जो अब भी गंभीर रूप से पीड़ित हैं। इसके परिणामस्वरूप कुछ और लोग सामने आए हैं जिन्होंने रक्त दान भी किया है, परन्तु ऐसे लोग उंगलियों पर गिने जा सकते हैं जिन्होंने स्वेच्छा से स्वस्थ होने पर अपना प्लाज्मा दान किया है। उल्लेखनीय है कि एक व्यक्ति का प्लाज्मा दो रोगियों की जान बचा सकता है। 

तो कइयों का यह सोचना है कि कोविड-19 महामारी के दौरान रक्तदान करना ठीक नहीं। इसी कारण राजधानी दिल्ली में ब्लड बैंक खाली पड़े हैं, क्योंकि संक्रमण के डर के चलते स्वैच्छिक रक्त प्लाज्मा दान करने की संख्या में गिरावट आई है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली सरकार ने भी कुछ दिन पूर्व रक्त प्लाज्मा बैंक शुरू करने का निर्णय लिया है। परन्तु ऐसा नहीं है क्योंकि प्लाज्मा केवल वे लोग दान कर सकते हैं जो कोरोना वायरस की चपेट से स्वस्थ होकर लौटे हैं और उन्हें ये बीमारी कुछ साल तो दोबारा नहीं हो पाएगी। उनके रक्त में वे एंटीबॉडीज हैं जो दूसरों को भी बचा सकती हैं और उन्हें भी सुरक्षित रख सकती हैं। ऐसे में रक्त दान देने से कतराना एक डर से अधिक कुछ नहीं। 

जबकि डाक्टरों ने स्पष्ट रूप से अनेकों निर्देश दिए हैं कि किन हालात में कौन-कौन प्लाज्मा दान दे सकता है। ‘‘यदि किसी का भी जीवन बचाने का मौका आए तो चूकना नहीं चाहिए।’’ यह कहना है उस अमरीकी महिला का जिसने सबसे पहले स्वस्थ होने पर अपना प्लाज्मा दान किया इसी सोच के अंतर्गत शायद न्यूयॉर्क के अस्पतालों में रक्तदान करने के लिए अनेकों ने अपने नाम रजिस्टर करवा रखे हैं तो अब क्या भारतीय दया,दान और उम्मीद की किरण जताने से पीछे हट जाएंगे। 


 सौजन्य - पंजाब केसरी।

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