अदालत ने समझी बेटियों की पीड़ा (पत्रिका)

आभा सिंह, विधि विशेषज्ञ अनेक मामले सामने आए हैं जिनमें मुताह के नाम पर अरब के पचास से सत्तर साल आयु के शेख गरीब भारतीय मुस्लिम तबके की 12 से 15 साल की बच्चियों से निकाह कर अपने साथ ले जा रहे थे। ये साफ तौर पर मानव तस्करी का मामला है जिसे धर्म और […]

टेस्ट क्रिकेट पर बाजार की मार या हार का भय? (पत्रिका)

मनोज जोशी, वरिष्ठ खेल पत्रकार चार दिनी टेस्ट क्रिकेट प्रस्ताव में क्या आईसीसी में मौजूद दिग्गज क्रिकेटर और उसकी तकनीकी समिति यह भूल गई कि टेस्ट क्रिकेट को ही सम्पूर्ण क्रिकेट कहा जाता है? क्या ऐसे फैसलों से क्रिकेट की यह सम्पूर्णता आहत नहीं होगी? क्रिकेट पर बाजार इतना हावी है कि वह अपनी शर्तों […]

यूनेस्को से अलगावः बना हुआ था अमरीका की आंख का कांटा (पत्रिका)

अतुल कौशिश वरिष्ठ पत्रकार, राजनीतिक टिप्पणीकार,तीन दशक की पत्रकारिता का अनुभव। यूनेस्को, सामान्यतया विश्व के पुरामहत्व के स्थलों की सुरक्षा के लिए जाना जाता है पर यह शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में भी कार्य करता है। अमरीका में यूनेस्को द्वारा घोषित पुरामहत्व के २३ स्थल हैं जबकि भारत में ३५ पुरामहत्व के स्थल हैं। […]

कानूनी धाराओं के सहारे मुश्किल होगा बचना (पत्रिका)

रंजना कुमारी, निदेशक, सेंटर फॉर सोशियल रिसर्च, नई दिल्ली सत्तासीन दलों को डर सताता रहता है कि उनके किसी नीतिगत फैसले से उनके समर्थक नाराज न हो जाएं और उन्हें चुनाव में हार का मुंह न देखना पड़े। दलों को अपने समर्थकों को जोड़े रखने के लिए मजबूरन लोकलुभावन फैसले लेने पड़ते हैं। हमारे देश […]

निर्णय को लेकर अभी कई अनसुलझे सवाल (पत्रिका)

कीर्ति सिंह, सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट, राष्ट्रीय विधि आयोग की सदस्य रहीं है १६ से १८ साल के बीच की नाबालिग लडक़ी यदि सहमति से भी अपने से पांच साल से ज्यादा उम्र के व्यक्ति से शारीरिक संबंध बनाए तो उसे जरूर बलात्कार की श्रेणी में ही रखा जाना चाहिए। मसलन लडक़ी सत्रह साल की […]

दिग्गज नेताओं और सहयोगी दलों की उपेक्षा भाजपा के लिए नहीं उचित (पंजाब केसरी)

1998 से 2004 तक प्रधानमंत्री रहे श्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी के गठबंधन सहयोगियों का तेजी से विस्तार हुआ और श्री वाजपेयी ने राजग के मात्र तीन दलों के गठबंधन को विस्तार देते हुए 26 दलों तक पहुंचा दिया। श्री वाजपेयी ने अपने किसी भी गठबंधन सहयोगी को किसी शिकायत […]

सोमालिया में आतंक (हिन्दुस्तान)

सोमालिया की राजधानी मोगादिशु में बारूदी ट्रक से जैसा आत्मघाती हमला हुआ और जितनी बड़ी संख्या में लोग वहां मारे गए, वह सोमालिया के इतिहास का सबसे घातक आतंकी हमला है। यह उस दौर की याद दिलाता है, जब 1990 के आसपास सोमालिया में सरकार नाम की कोई चीज नहीं रह गई थी, सब अराजकता […]

ऐन वक्त के फैसले की अफरा-तफरी (हिन्दुस्तान)

एस श्रीनिवासन, वरिष्ठ तमिल पत्रकार पिछले दिनों जब सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में पटाखों की बिक्री पर रोक लगाने का आदेश दिया, तो राजधानी से करीब 2600 किलोमीटर दूर बसे छोटे से शहर शिवकासी पर इस फैसले का सीधा असर हुआ। पटाखे, माचिस की तीली और कागज के पोस्टर बनाने के कारोबार […]

बीमारी की रेल (जनसत्ता)

हमारे रेल मंत्रालय का दावा है कि वह यात्रियों को विश्वस्तरीय सेवाएं मुहैया कराने के लिए सब कुछ कर रहा है। लेकिन रविवार को गोवा और मुंबई के बीच चलने वाली तेजस एक्सप्रेस में रेलवे की जलपान इकाई आइआरसीटीसी का खाना खाने के बाद छब्बीस यात्रियों का बीमार पड़ जाना मंत्रालय के दावे पर सवालिया […]

आयोग की साख (जनसत्ता)

हिमाचल प्रदेश में मतदान की तारीख घोषित किए जाने के समय से ही निर्वाचन आयोग को कई तरफ से आलोचना का सामना करना पड़ा है। उम्मीद थी कि हिमाचल प्रदेश और गुजरात के विधानसभा चुनावों के लिए तारीखों की घोषणा एक साथ की जाएगी। पर आयोग ने हिमाचल प्रदेश के साथ गुजरात के चुनाव की […]

संपादकीय:Editorials (Hindi & English) © 2016