ये हैं हमारे नेताओं के ‘विचित्र बयान’ (पत्रिका)

हमारे जनप्रतिनिधि, विधायक और सांसद एक संघर्षपूर्ण सफर तय करके मंत्री पद तक पहुंचते हैं जिसके बाद उनसे समाज के सही मार्गदर्शन की आशा की जाती है परंतु कभी-कभी हमारे ये जनप्रतिनिधि कुछ ऐसी बातें कह जाते हैं जो उन्हें कदापि नहीं कहनी चाहिएं। पिछले दिनों कर्नाटक के पूर्व उपमुुख्यमंत्री भाजपा के के.एस. ईश्वरप्पा ने […]

नई मर्यादा (हिन्दुस्तान)

हिमालय के ऊंचे पर्वतों की यात्राओं के कष्ट बहुत सारे होते हैं। लगातार थकान के बीच तीर्थ तक पहुंचने के लिए मीलों पैदल चलना आसान काम नहीं होता। वहां बर्फीला मौसम, वायु का कम दबाव और सबसे बड़ी बात है ऑक्सीजन की मात्रा में कमी किसी के भी दम-खम और निष्ठा की पूरी परीक्षा ले […]

एक किसान नेता का उदार राष्ट्रवाद (हिन्दुस्तान)

मृदुला मुखर्जी, प्रसिद्ध इतिहासकार आज वल्लभभाई पटेल यदि जीवित होते, तो 142 वर्ष पूरे कर चुके होते। 1950 में 15 दिसंबर, यानी आज के ही दिन वह इस दुनिया से विदा हुए थे। मगर निधन के छह दशकों के बाद भी अगर वह हमारी स्मृतियों में जिंदा हैं, तो इसकी कई ठोस वजहें हैं। पटेल […]

प्रचार का पैमाना (जनसत्ता)

कहा जाता है कि चुनाव लोकतंत्र का पर्व है। रूढ़ हो चुके इस कथन को ज्यों का त्यों मान लें, तब भी दो बातें कहना जरूरी है। एक यह कि चुनाव होते रहें, बस यही लोकतंत्र नहीं है। लोकतंत्र और भी बहुत कुछ है: अभिव्यक्ति की आजादी, मानवाधिकार, विविधता का सम्मान, सौहार्द आदि। इन कसौटियों […]

घपले की कालिख (जनसत्ता)

सत्ता में रहते हुए पद के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के आरोप राजनीतिकों पर लगते रहे हैं। लेकिन कभी-कभार ही किसी मामले की जांच या न्यायिक कार्यवाही परिणति तक पहुंच पाती है। इस लिहाज से कोयला घोटाले के एक मामले में बुधवार को आया सीबीआइ की विशेष अदालत का फैसला एक विरल घटना है। अदालत ने […]

भारत का रक्षा गौरव (नईदुनिया)

भारतीय नौसेना में स्कार्पीन पनडुब्बी ‘आईएनएस कलवरी का शामिल होना एक ऐसी घटना है, जो इस क्षेत्र के सैन्य समीकरणों में गेम चेंजर (सूरत बदल देने वाली) साबित होगी। लिहाजा इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उचित ही कहा कि यह सवा सौ करोड़ भारतीयों के लिए एक बड़े गौरव का पल है। इससे […]

इस्लामी जगत की बेचैनी बढ़ाता अमेरिका (नईदुनिया)

– सी उदयभास्‍कर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते छह दिसंबर को एक बड़ा कूटनीतिक दांव चला। उन्होंने यरुशलम को इसराइल की राजधानी के रूप में मान्यता दे दी। उनके इस कदम के बाद दुनियाभर में भारी उथल-पुथल मच गई। यहां तक कि अमेरिका के कुछ पुराने और बेहद करीबी मित्र देशों ने भी इस […]

मीडिया से कुछ असहज सवाल (प्रभात खबर)

मृणाल पांडे वरिष्ठ पत्रकार एक जमाने में सबको खबर देने और सबकी खबर लेने का गर्व से दावा करनेवाला, अपने को जनता का पक्षधर और सबसे तेज, निर्भीक और निष्पक्ष बतानेवाला मीडिया का एक हिस्सा आज अपने मालिकान और खुद अपने हित स्वार्थों की राजनीति से अंतरंग जुड़ाव को लेकर सवालों के कठघरे में खड़ा […]

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