अंतहीन अत्याचार का वह काला दौर (नईदुनिया)

– ए. सूर्यप्रकाश जून का महीना झुलसाती गर्मी के साथ इतिहास की कुछ दर्दनाक यादों को भी दोहराता है। 1975 में 25 जून को प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश पर निरंकुश आपातकाल थोपा था। इसके साथ ही जीवंत लोकतंत्र पर तानाशाही हावी हो गई थी। इस तानाशाही ने न केवल नागरिकों के मूल अधिकार निलंबित […]

बैंकों के विलय का सवाल (नईदुनिया)

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय पर चर्चा को आगे बढ़ाना समय की मांग भी है और जरूरत भी। यह अच्छा हुआ कि कोयला एवं रेल मंत्रालय के साथ वित्त मंत्रालय का भी कामकाज देख रहे पीयूष गोयल ने बैंकों के विलय के सवाल पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक प्रमुखों से विचार-विमर्श किया। बैंकों के […]

बहुत कमी खलेगी बागुन दा की …. (प्रभात खबर)

II अनुज कुमार सिन्हा II बागुन नहीं रहे. लंबे समय से बीमार थे. खबर मिलते ही बागुन दा की पुरानी बातें याद आने लगीं. मैं 1995 से लेकर 2010 तक लगातार जमशेदपुर में था आैर इसी नाते हर माह में एक या दाे बार चाईबासा जाता ही था. जब कभी माैका मिला, उनसे मिलता था. […]

निर्णायक कदम उठाने का वक्त (प्रभात खबर)

II तरुण विजय II पूर्व राज्यसभा सांसद tarunvijay55555@gmail.com जम्मू-कश्मीर गठबंधन सरकार से भाजपा द्वारा हाथ खींच लिये जाने के तुरंत बाद आश्चर्यचकित महबूबा मुफ्ती ने जो बयान दिया, वह आनेवाले दिनों में बढ़ते तनाव तथा आतंकवादियों व अलगाववादियों के अधिक पहुंच और आक्रामक तेवरों की झलक देता है. महबूबा मुफ्ती ने कहा कि भाजपा ने […]

नियमित हों कॉलेज शिक्षक (प्रभात खबर)

II आरके सिन्हा II सांसद, राज्यसभा rkishore.sinha@sansad.nic.in अब देशभर के कॉलेजों में नये सत्र के लिए विद्यार्थियों के दाखिले की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है. प्रमुख विश्वविद्यालयों के नामी कॉलेजों में दाखिला लेने के लिए जबरदस्त मारामारी है. नब्बे फीसदी से अधिक अंक लानेवाले छात्र-छात्राओं को भी यकीन नहीं हो रहा है कि उन्हें उनकी […]

असमानता हटाना जरूरी (राष्ट्रीय सहारा)

जयंतीलाल भंडारी इन दिनों जहां एक ओर देश की विकास दर बढ़ने और देश के आर्थिक विकास की रिपोर्ट्स लगातार प्रकाशित हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर देश में लगातार आर्थिक असमानता बढ़ने और आम आदमी की खुशहाली में कमी की चिंताजनक रिपोर्ट्स भी प्रकाशित हो रही हैं। हाल ही में 19 जून को दुनिया […]

चीन से नेपाल का गेमचेंजर समझौता (दैनिक ट्रिब्यून)

पुष्परंजन मंगलवार से नेपाल के प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली पेइचिंग में हैं। आज उनकी पांच दिवसीय यात्रा पूरी हो जाएगी। नेपाल ने अपने उत्तरी पड़ोसी चीन से 14 ऐतिहासिक समझौते किये। इन समझौतों से अधोसंरचना के क्षेत्र में नेपाल का कायाकल्प होना है, और इससे इस इलाके की भू-सामरिक स्थिति बदल जाएगी। चीन पहली बार […]

बैंकों का शुद्धीकरण (दैनिक ट्रिब्यून)

गत 31 मार्च को समाप्त तिमाही में बैंकों के 10 लाख करोड़ रुपये उन कर्जों में डूबने की कगार पर थे, जिनकी वसूली संभव नहीं रह गई। कुल गैर निष्पादित संपत्ति (एनपीए) में से 90 फीसदी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के बही खाते से बट्टे खाते में चले गए। आंकड़े गवाह हैं कि सरकारी स्वामित्व […]

इकोनॉमी की गाड़ी पर सवारी के रिटर्न (दैनिक ट्रिब्यून)

आलोक पुराणिक भारतीय अर्थव्यवस्था इस वक्त खासी तेजी की हालत में है। तेजी से आशय यह कि निराशावादी अर्थशास्त्री या विपक्ष भी यह दावा नहीं कर सकता कि अर्थव्यवस्था के विकास की दर छह प्रतिशत से कम रहने वाली है। भारत के साइज की अर्थव्यवस्था के लिए विकास की यह दर खासी संतोषजनक मानी जा […]

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