जल संस्कृति के वारिस  (अमर उजाला)

जल संस्कृति के वारिस (अमर उजाला)

सुरेंद्र बांसल भारत नदियों की संस्कृति का वारिस है। यहां की तमाम नदियां करोड़ों लोगों की आजीविका का स्थायी स्रोत होने के साथ-साथ जैव विविध...
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भारत की उन्नति ऐसे भी हो सकती है  (अमर उजाला)

भारत की उन्नति ऐसे भी हो सकती है (अमर उजाला)

गौतम चटर्जी तकरीबन 135 साल पहले और अपने देहांत से ठीक एक साल पहले भारतेंदु हरिश्चंद्र ने बलिया में एक महत्वपूर्ण भाषण दिया था, जिसका विषय ...
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शिक्षित हुई, कामकाजी हुई लेकिन कितनी सशक्त हुई स्त्री  (अमर उजाला)

शिक्षित हुई, कामकाजी हुई लेकिन कितनी सशक्त हुई स्त्री (अमर उजाला)

मनीषा सिंह भारत में यह बड़ी विडंबना है कि एक तरफ महिलाओं के साथ उनका समाज कोई रियायत नहीं बरतता, तो दूसरी तरफ कार्यस्थल पर उन्हें यह कहकर ...
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देशहित में है सीएबी (अमर उजाला)

देशहित में है सीएबी (अमर उजाला)

राजीव चंद्रशेखर वर्ष 1947 में भारत आजाद हुआ और उससे अलग होकर पाकिस्तान बना। भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र बना, जहां बिना किसी धार्मिक भेदभा...
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वित्तीय स्थिरता का बचाव  (बिजनेस स्टैंडर्ड)

वित्तीय स्थिरता का बचाव (बिजनेस स्टैंडर्ड)

अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की फेडरल मुक्त व्यापार समिति ने वर्ष 2019 में अपनी नीतियों में बदलाव किया। यह बदलाव अमेरिका-चीन व्यापार ...
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समाज को वही कानून मिलता जिसका वह पात्र होता  (बिजनेस स्टैंडर्ड)

समाज को वही कानून मिलता जिसका वह पात्र होता (बिजनेस स्टैंडर्ड)

सोमशेखर सुंदरेशन  हम असाधारण समय में जी रहे हैं। पिछली बार जब मैं यह स्तंभ लिख रहा था तब प्याज और आर्थिक मंदी कारोबारी और उद्योग जगत की चे...
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भारतीय, राष्ट्रवादी और मुस्लिम (बिजनेस स्टैंडर्ड)

भारतीय, राष्ट्रवादी और मुस्लिम (बिजनेस स्टैंडर्ड)

शेखर गुप्ता भारतीय गणराज्य को मशहूर लेखिका-सामाजिक कार्यकर्ता अरुंधती रॉय का शुक्रगुजार होना चाहिए। उन्होंने अकेले अपने बूते पर देश को सशस...
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शिक्षा में बच्चों के मनोभावों की अनदेखी कतई न हो  (हिन्दुस्तान)

शिक्षा में बच्चों के मनोभावों की अनदेखी कतई न हो (हिन्दुस्तान)

विशेष गुप्ता, अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग स्कूली शिक्षा के भारी पाठ्यक्रम के चलते बच्चों के सहज मनोभाव गायब होने लगे हैं...
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हिंसा और लोकतंत्र  (हिन्दुस्तान)

हिंसा और लोकतंत्र (हिन्दुस्तान)

लोकतंत्र में मतभेद जताना या सरकार के किसी फैसले का विरोध करना जनता का मूल अधिकार माना जाता है। इसमें इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि अलग नजरिया...
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राजनीतिक आंदोलनों में सामाजिक हिंसा  (हिन्दुस्तान)

राजनीतिक आंदोलनों में सामाजिक हिंसा (हिन्दुस्तान)

आनंद कुमार, वरिष्ठ समाजशास्त्री लोकतांत्रिक देश की सत्ता-व्यवस्था के लिए यह जरूरी है कि संसद में चुने हुए प्रतिनिधियों के बीच लगातार संवाद...
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दुनिया में कहीं नहीं इस मुद्दे का असर (हिन्दुस्तान)

दुनिया में कहीं नहीं इस मुद्दे का असर (हिन्दुस्तान)

शशांक, पूर्व विदेश सचिव भारत में नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ चल रहे देशव्यापी विरोध-प्रदर्शनों की गूंज अब विदेश में भी सुनी जाने लगी ...
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देशहित में है सीएबी  (अमर उजाला)

देशहित में है सीएबी (अमर उजाला)

राजीव चंद्रशेखर वर्ष 1947 में भारत आजाद हुआ और उससे अलग होकर पाकिस्तान बना। भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र बना, जहां बिना किसी धार्मिक भेदभा...
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सोलह दिसंबर की याद और कुछ सवाल  (अमर उजाला)

सोलह दिसंबर की याद और कुछ सवाल (अमर उजाला)

सुभाषिनी सहगल अली सोलह दिसंबर फिर आने वाला है। 2012 के बाद हर साल आता है। और जब आता है, तो निर्भया का दर्द ताजा हो जाता है। उसकी असहनीय पी...
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सीएबी और असम का पेच   (अमर उजाला)

सीएबी और असम का पेच (अमर उजाला)

सुबीर भौमिक देश के संवेदनशील पूर्वोत्तर राज्य असम में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) को अद्यतन करने के बाद संसद के दोनों सदनों में वि...
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कुपोषण के विरुद्ध नागरिक प्रयास  (अमर उजाला)

कुपोषण के विरुद्ध नागरिक प्रयास (अमर उजाला)

भारत डोगरा देश से भुख और कुपोषण को स्थायी तौर पर दूर करना है, तो आर्थिक विषमता और अन्याय को कम करने के सार्थक प्रयास करना जरूरी है। हाल मे...
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एक सांख्यिकीय संस्थान का दम तोड़ रहा वजूद   (बिजनेस स्टैंडर्ड)

एक सांख्यिकीय संस्थान का दम तोड़ रहा वजूद (बिजनेस स्टैंडर्ड)

सुनील के सिन्हा राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन (एनएसएसओ) की भारत में बेरोजगारी की स्थिति पर तैयार रिपोर्ट जारी न होने से उठे विवाद और राष...
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अलग-अलग रुख   (बिजनेस स्टैंडर्ड)

अलग-अलग रुख (बिजनेस स्टैंडर्ड)

टी. एन. नाइनन अर्थव्यवस्था को लेकर अलग-अलग रुख अपनाया जा रहा है और सत्ताधारी दल की राजनीतिक महत्त्वाकांक्षाएं इतनी ज्यादा हैं कि उनकी अनदे...
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तीन ऐसे खतरनाक मिथक जिनसे बना रहा आशावाद  (बिजनेस स्टैंडर्ड)

तीन ऐसे खतरनाक मिथक जिनसे बना रहा आशावाद (बिजनेस स्टैंडर्ड)

मिहिर शर्मा मंदी के इस दौर में मौजूदा सरकार जो कदम उठा रही है उन्हें देखकर लगता है कि वह वाकई अपने ही प्रोपगंडा पर यकीन करती है। कुछ लोगों...
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अर्थव्यवस्था की स्थिति और सरकार का रुख (बिजनेस स्टैंडर्ड)

अर्थव्यवस्था की स्थिति और सरकार का रुख (बिजनेस स्टैंडर्ड)

देवाशिष बसु देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्घि दर इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में गिरकर 4.5 फीसदी रह गई। पूरे वर्ष के लिए यह अधि...
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सताए हुए लोगों के साथ खड़े होना  (हिन्दुस्तान)

सताए हुए लोगों के साथ खड़े होना (हिन्दुस्तान)

हरबंश दीक्षित, कानूनी मामलों के विशेषज्ञ नागरिकता अधिनियम में संशोधन विधेयक पर संसद और उसके बाहर बहस छिड़ गई है। सरकार इस विधेयक को पारित क...
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