एस श्रीनिवासन, वरिष्ठ पत्रकार  मूसलाधार बारिश और बाढ़ से तबाह केरल-कर्नाटक से अनेक मार्मिक कहानियां सुनने को मिल रही हैं। एक कहानी बूढ़ी ईसाई महिला की है, जिन्होंने पास के मंदिर में शरण लेना मुनासिब समझा, क्योंकि वह जगह उन्हें सबसे सुरक्षित लगी। एक अन्य कहानी केरल के मलप्पुरम जिले के तीन नौजवानों की है,...

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अतिवृष्टि और तबाही (हिन्दुस्तान)

अगस्त का महीना भारत के लिए हमेशा ही बाढ़ का महीना होता है। इस महीने तक अगर बाढ़ की खबरें न आने लगें, तो मान लिया जाता है कि सूखा पड़ गया है। बाढ़ जो विनाश लाती है, वह भी हमारे लिए नया नहीं रहा है। लेकिन इस बार यह सब जिस तरह से और...

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हमारे लिए कभी मंत्री नहीं थे छोटका काका (हिन्दुस्तान)

राजीव मिश्र, पूर्व सीईओ, लोेकसभा टीवी यह मेरे जीवन का अब तक का सबसे काला दिन था। मैं हर दिन की तरह 19 अगस्त, 2019 की सुबह तैयार होकर ऑफिस के लिए निकला। ऑफिस पहुंचते ही सहयोगियों के साथ सुबह की मीटिंग शुरू की। इसी बीच मेरे मोबाइल की घंटी बज उठी। संजीव भैया लाइन...

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निर्देश देने की शक्ति नियामकों को कर सकती है मदांध (बिजनेस स्टैंडर्ड)

सोमशेखर सुंदरेशन कंपनी अधिनियम में सरकार को ‘निर्देश देने’ की शक्ति दे दी गई है। इस दिशा में कदम धारा 135 में प्रावधान कर उठाया गया है जो कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के निर्वहन में स्वैच्छिक खर्च को अनिवार्य दायित्व में बदलने की बात करता है। हालांकि यह स्तंभ सीएसआर व्यय संबंधी प्रावधान को आपराधिक...

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भ्रामक बयान (बिजनेस स्टैंडर्ड)

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन की पहली बरसी पर सरकार ने उनके कार्यकाल के प्रमुख सिद्धांतों में से एक पर प्रश्नचिह्न लगा दिया। सन 1998 में वाजपेयी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार ने जिस पोकरण में परमाणु परीक्षण किया था, उसकी यात्रा के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया...

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कर राजस्व नहीं जीडीपी को दी जाए प्राथमिकता (बिजनेस स्टैंडर्ड)

अजय शाह व्यापक तौर पर यही समझा जाता है कि हमारे देश में विभिन्न कंपनियों पर लगने वाले करों की दर वैश्विक मानकों के अनुरूप नहीं हैं। विदेशी निवेशकों के साथ-साथ देश के कराधान पर भी यही बात लागू होती है। अनिवासी निवेशकों के कराधान के कारण भारतीय कंपनियों की पूंजी की लागत बढ़ती है...

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Where there is no free will (The Indian Express)

Written by Rajmohan Gandhi To Indians celebrating the change in Jammu and Kashmir’s status, I suggest that they reflect on the word “consent”. All healthy human involvements seem to require the other person’s consent. While recently researching South Indian history from the 17th century to our times, I was struck by a comment of the...

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Economy seems to be the last of the concerns of the government after operation J&K (The Indian Express)

Written by P Chidambaram The Rashtrapati Bhavan is the symbol of the seat of power of the government. Within a one-kilometre radius are Parliament, the Prime Minister’s Office, and North Block and South Block that house the key ministries of Home, Finance, Defence and External Affairs. The Prime Minister’s official residence is also within the...

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अनुच्छेद 370 की समाप्ति से देश की एकता-अखंडता को मजबूती मिलेगी और विकास के द्वार भी खुलेंगे (दैनिक जागरण)

[ एम वेंकैया नायडू ]: जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 खत्म करने के मोदी सरकार के फैसले ने एक देशव्यापी बहस छेड़ दी है। देश के अधिकांश लोग इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं। वे यह भी मानते हैं है कि इसे राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि यह देश की एकता-अखंडता से...

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आर्थिक मंदी की डरावनी दस्तक; 2019 के शुरु से ही देश में आर्थिक मोर्चे पर मोदी सरकार की हालत बिगड़ी (दैनिक जागरण)

[ विवेक कौल ]; किसी भी देश की अर्थव्यवस्था का अंदाजा वहां की आर्थिक गतिविधियों को देखकर लगाया जा सकता है। 2019 के आरंभ से भारत में आर्थिक मोर्चे पर हाल कुछ सही नहीं रहे हैं। इन दिनों स्थिति और भी बदतर हो गई है। हम आर्थिक सूचकों को देखकर इस निष्कर्ष पर पहुंच सकते...

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