Structural shifts in West Asia | HT editorial

The fate of the Kurds is a parable for the future of West Asian geopolitics. The Kurds used the collapse of central authority in Syria and Iraq to carve out semi-autonomous regions for themselves. Baghdad has since reasserted its authority. In Syria, the Kurds leveraged the United States to maintain their independence from Damascus and...

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‘आर्थिक मंदी’ के प्रश्र पर वित्त मंत्री के पति ने ‘सरकार को घेरा’ (पंजाब केसरी)

इस समय सरकार देश की विकास दर में 6 साल की सबसे बड़ी गिरावट से जूझ रही है जिसे देखते हुए विरोधी दलों के अलावा स्वयं सत्तारूढ़ भाजपा के राज्यसभा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी और रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन भी मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना कर चुके हैं। और अब केंद्रीय...

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ब्रेक्जिट: उलझन सुलझे ना! (प्रभात खबर)

उपेंद्र सिंह पूर्व सीनियर मीडिया एडवाइजर, ब्रिटिश उच्चायोग कमजोर नेतृत्व और अदूरदर्शी निर्णय का शिकार ब्रिटेन इस समय एक कठिन दौर से गुजर रहा है. आगामी 31 अक्तूबर, 2019 को यूरोपीय संघ से ब्रिटेन अलग हो जायेगा. जून 2017 में सत्ता संभालनेवाली कंजर्वेटिव पार्टी सरकार के तीसरे प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के इस समय के तेवर...

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संपादकीय: संकट में ग्राहक (जनसत्ता)

पंजाब एंड महाराष्ट्र सहकारी बैंक (पीएमसी) के ग्राहकों को अपना ही जमा पैसा नहीं मिल पाने की वजह से कितने गंभीर संकटों का सामना करना पड़ रहा है, कोई सोच भी नहीं सकता। लोग आज अपने पैसे के लिए तरस रहे हैं। पिछले तीन हफ्तों से पीएमसी बैंक और रिजर्व बैंक के बाहर धरने-प्रदर्शन हो...

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संपादकीय: विकल्प का सम्मान (जनसत्ता)

इस साल का अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार यह दर्शाता है कि अर्थव्यवस्था के तकाजे के हवाले से गरीबों और वंचितों के सवाल किसी न किसी बहाने तात्कालिक रूप से पीछे छोड़ देने की दलील के बरक्स बेहतर संकल्पनाएं मौजूद हैं। अब निश्चित रूप से फिर इस सिरे से अर्थव्यवस्था का विश्लेषण होगा और चुनौतियों का...

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Get back to talks: On transport workers strike in Telangana (The Hindu)

Even as the transport workers strike in Telangana reached its eleventh day on Tuesday — it began after talks broke down with the government — there has been little by way of official communication to negotiate a solution. Two workers lost their lives to suicide, which was attempted by a few others as well, following...

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नदियों को बचाकर ही बचेंगे हम, वरना भुगतने होंगे दुष्परिणाम (अमर उजाला)

सुभाष चंद्र कुशवाहा हाल ही में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने देश की 351 नदियों में बढ़ते प्रदूषण पर चिंता व्यक्त की है और नदियों में बढ़ते प्रदूषण की गंभीरता को देखते हुए उसने निगरानी के लिए सेंट्रल मानिटरिंग कमेटी का गठन किया है। हम जानते हैं कि मानव सभ्यता का विकास नदियों के किनारे...

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गरीबी उन्मूलन का प्रयोगधर्मी नजरिया, गरीब कोई निरर्थक लोगों का समूह नहीं (अमर उजाला)

पत्रलेखा चटर्जी गरीबी पर शोध करने वाले स्वयं गरीबी को खत्म नहीं कर सकते। सबसे अच्छी नीतियों और सलाह का कोई मतलब नहीं है, अगर उसका कार्यान्वयन किसी भी कारण से घटिया तरीके से किया जाए। ऐसा कहते हुए, कई भारतीयों और दुनिया भर के अन्य लोगों की तरह मैं रोमांचित हूं कि भारतीय-अमेरिकी अर्थशास्त्री...

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ऋण माफी का संकट ( बिजनेस स्टैंडर्ड)

राजनीतिक दल कुछ राज्यों के विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर किसानों को लुभाने में जुट गए हैं। उदाहरण के लिए कांग्रेस ने हरियाणा और महाराष्ट्र में किसानों का कर्ज माफ करने का वादा किया है। वहीं सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी ने हरियाणा में ब्याज रहित ऋण देने की घोषणा की है। महाराष्ट्र में...

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सार्वजनिक क्षेत्र के मामले में मोदी सरकार का तरीका समस्यापरक ( बिजनेस स्टैंडर्ड)

ए के भट्टाचार्य नरेंद्र मोदी सरकार के अपने प्रशासकीय नियंत्रण वाली सार्वजनिक इकाइयों के साथ कार्य-व्यवहार के कई स्तर हैं। मसलन, भारतीय रेल समेत करीब 250 केंद्रीय सार्वजनिक संगठनों में इक्विटी डालने का इसका फैसला। मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल के पहले पांच वर्षों में इन उपक्रमों में इक्विटी के तौर पर करीब 6.26 लाख...

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