Day: June 7, 2018

प्लास्टिक पर भी लें फिटनेस चैलेंज (दैनिक ट्रिब्यून)

अभिषेक कुमार सिंह जिस लैपटॉप पर यह लेख लिखा जा रहा था, उसके 90 फीसदी हिस्से में प्लास्टिक ही प्लास्टिक देखकर यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि किसी दिन कबाड़ होने पर इस लैपटॉप का प्लास्टिक शायद सैकड़ों वर्षों तक आबोहवा को दूषित ही करता रहेगा। सिर्फ लैपटॉप ही क्यों, हम अपनी रोजमर्रा की जिंदगी […]

Pre-emptive strike: on RBI’s repo rate hike (The Hindu)

At the end of an unusually long three-day meeting, the Monetary Policy Committee of the Reserve Bank of India opted for a hike in key interest rates by 25 basis points — the first such increase in four and a half years. This hike, the first during this NDA government’s tenure, was approved unanimously by […]

सुधार की सही राह पर रेलवे, नए क्षितिज पर ले जाने के लिए ढांचागत सुधार की जरूरत (दैनिक जागरण)

[अश्विनी लोहानी]। रेलवे को इसका अहसास हुआ है कि उसे सुधार, पुनर्गठन और नई ऊर्जा से लबरेज होने की जरूरत है। यात्री सेवाओं के साथ-साथ माल ढुलाई के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे से जुड़ी जरूरतों को पूरा किया जा रहा है। जहां सुरक्षा पर पर्याप्त रूप से ध्यान दिया जा रहा है वहीं कार्यसंस्कृति, प्रक्रिया […]

मेघालय में मामूली झगड़े को स्थानीय बनाम बाहरी का मुद्दा बनाने के पीछे सियासी साजिश (दैनिक जागरण)

[तरुण विजय]। मेघालय देश के सबसे सुंदर प्रांतों में से एक है। इस प्रांत की राजधानी शिलांग को प्राकृतिक मनोरमा का शिखर कहा जा सकता है, लेकिन यह सब लिखते समय मेघालय के राज्य सचिवालय पर पत्थर फेंके जाने की खबर आ रही है। शिलांग में करीब तीन हजार दलित-सिख जिस पंजाबी लेन में रहते […]

पुलिस की साख का सवाल (अमर उजाला)

अनुराग दीक्षित इन दिनों लगभग हर राज्य का पुलिस महकमा सोशल मीडिया पर त्वरित कार्रवाई की प्रशंसनीय पहल करता दिखता है, लेकिन पुलिस व्यवस्था से जुड़े ढेरों सवाल आज भी जस के तस हैं। दरअसल बीते दिनों संसद में गृह मंत्रालय ने एक रिपोर्ट का जिक्र किया, जिसके मुताबिक दिल्ली में 51 फीसदी लोगों ने […]

रजनीकांत एक अवधारणा (अमर उजाला)

आर राजगोपालन दक्षिण भारत के सुपरस्टार रजनीकांत की बहुचर्चित फिल्म काला में बहुत कुछ दांव पर लगा हुआ है। प्रदर्शन से पहले यह राजनीतिक विवादों में उलझकर मुश्किल में पड़ गई है। रजनीकांत की दूसरी फिल्मों की तरह इसमें भी काफी निवेश किया गया है। अमूमन उनकी फिल्म प्रदर्शन से पहले दर्शकों के दिलों-दिमाग पर […]

Same crises, more meddlers (The Indian Express)

Written by Moeed Yusuf It’s been two decades since India and Pakistan forced their way into the coveted nuclear club. As the leaders of the two countries talked about the importance of nuclear weapons in the wake of the nuclear tests in 1998, they promised their people much. Nuclear weapons were to offer everything from […]

Merge ideas, not cadres (The Indian Express)

Written by R Badri Narayan Every committee that studies the Railways identifies departmentalism as a major constraint for bringing about rapid change in the organisation. The Bibek Debroy Committee refers to the negative aspects of functional specialisation as “departmentalism”. As the report states: “This manifests itself in the form of unhealthy competition amongst departments for […]

No Hope Of A Dialogue (The Indian Express)

Written by Apoorvanand The hope for dialogue generated by the proposed visit of Pranab Mukherjee to the RSS headquarters, as expressed in the editorial in The Indian Express (‘Going to Nagpur’) and the oped by Sudheendra Kulkarni (‘A visit that shows the way’) is misplaced. They castigate those who disagree with Mukherjee’s acceptance of the […]

A forced hike (The Indian Express)

The decision of the Monetary Policy Committee (MPC) of the RBI to raise its benchmark repo rate by 25 basis points to 6.25 per cent — the first such hike in well over over four years — may not have been anticipated by many economists and analysts who had bet on the central bank’s interest […]



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