Day: April 5, 2018

जातीय रिश्तों का कानूनी गणित (पत्रिका)

– कनक तिवारी, लेखक व वरिष्ठ अधिवक्ता अनुसूचित जाति – अनुसूचित जनजाति (अत्याचार) निवारण अधिनियम की समीक्षा करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला 20 मार्च को दिया उसकी प्रतिक्रिया में दलित आक्रोश उफान पर पहुंच गया। भारत बंद में कई झड़पें और कुछ मौतें हुईं। सरकारी और निजी संपत्तियों का जमकर नुकसान भी हुआ। […]

सीबीएसई : पेपर लीक होने के जख्म गहरे (पत्रिका)

– गौरव वल्लभ, शिक्षक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब देश भर के विद्यार्थियों को परीक्षा संबंधी तनाव से मुक्त रहते हुए परीक्षा देने की नसीहत दे रहे थे, उस वक्त वे परीक्षा संचालित करने वाले प्रशासनिक अमले की जिम्मेदारियों के बारे में बात करना भूल गए। साथ ही वे एक और महत्वपूर्ण मुद्दे पर बात करने […]

तय हो बिल पारित करने की समय सीमा (पत्रिका)

– पी.एन. भण्डारी, प्रशासक करीब दो दशकों से हमारे यहां राज्यसभा के गठन और इसकी कार्यशैली पर कई सवाल उठे हैं। संविधान निर्माताओं ने यह परिकल्पना की थी कि राज्यसभा में अपने क्षेत्र के अनुभवी व विषयों के जानकार होंगे। हमारे देश में राज्यसभा निरंतर बनी रहती है। लोकसभा की तरह चुनावों के बाद पूरा […]

आय बढऩा ही खुशहाली का पैमाना नहीं (पत्रिका)

– भारत डोगरा, वरिष्ठ पत्रकार विश्व के अनेक विकसित देशों व तेज आर्थिक वृद्धि वाले विकासशील देशों में देखा गया है कि इसके साथ खुशहाली में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई। इसके उलट अनेक स्थानों पर तो मानसिक तनाव की समस्या अधिक विकट हो गई। अमरीका में किशोरावस्था का अध्ययन करने वाले एक 36 सदस्यीय आयोग […]

कहीं हाफिज सईद का हश्र भी ओसामा जैसा न हो (पंजाब केसरी)

पाकिस्तान सरकार ने अपने देश में जिन आतंकवादी गिरोहों को शरण दे रखी है उनमें लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा भी हैं। इनका संस्थापक हाफिज सईद भारत के सर्वाधिक वांछित अपराधियों में से एक है। मुंबई के 26/11 हमलों में उसकी संलिप्तता सामने आई थी जिसमें 6 अमरीकी नागरिकों समेत 166 लोग मारे गए थे। अमरीका ने […]

संसद में अवरोध की राजनीति (हिन्दुस्तान)

देवेन्द्र सिंह असवाल, पूर्व अपर सचिव, लोकसभा नोक-झोंक, रोक-टोक, आकस्मिक व्यवधान, व्यंग्य-विनोद, हाजिर जवाबी और तर्क चातुर्य ऐसी विधाएं हैं, जो संसद की कार्यवाही को जीवंत बनाती हैं। ये मौलिक बहस का सृजन और साथ ही सांसदों की तत्क्षण स्फूर्त बोलने की क्षमता का निर्माण करती हैं। यह तभी संभव है, जब संसद निर्धारित अवधि […]

कश्मीर को चाहिए नई रणनीति (हिन्दुस्तान)

अफसर करीम, रक्षा विशेषज्ञ बीते शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात दक्षिण कश्मीर में दहशतगर्दों के खिलाफ की गई कार्रवाई इस साल की बड़ी सैन्य कार्रवाइयों में गिनी जा रही है। मारे गए आतंकियों की संख्या के लिहाज से यह सच भी है। मगर एक हकीकत यह भी है कि कश्मीर मसले के समाधान में […]

आतंक की सूची (जनसत्ता)

अमेरिका ने मुंबई हमले के असली सूत्रधार हाफिज सईद और उसके नेटवर्क को बड़ा झटका देते हुए उसकी पार्टी मिल्ली मुसलिम लीग (एमएमएल) को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है। गौरतलब है कि एमएमएल हाफिज के संगठन जमात-उद-दावा (जेयूडी) की राजनीतिक इकाई है। अमेरिका ने यह कदम ऐसे वक्त उठाया है जब पाकिस्तान में […]

सुरक्षा का बल (जनसत्ता)

जिस समय पाकिस्तान और चीन की सीमा से सटे इलाकों में लगातार तनाव या टकराव की खबरें आ रही हैं, उसमें यह बात चिंता में डालने वाली है कि भारतीय सशस्त्र बलों में बड़ी तादाद में सैनिकों के पद खाली पड़े हैं। हैरानी की बात यह है कि एक ओर किसी भी सैन्य हमले की […]

फिर बेनकाब पाकिस्तान (नईदुनिया)

अमेरिका ने आतंकी सरगना हाफिज सईद की ओर से बनाए गए तथाकथित सियासी दल मिल्ली मुस्लिम लीग को आतंकी संगठन करार देकर पाकिस्तानी सत्ता प्रतिष्ठान को एक बार फिर बेनकाब करने के साथ ही शर्मसार भी किया। अमेरिका के ऐसे फैसले के बाद भी इसके आसार कम हैं कि पाकिस्तान सरकार और वहां की सेना […]



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