Day: April 3, 2018

इसरो को झटका (जनसत्ता)

संचार उपग्रह जीसैट-6 ए का नियंत्रण कक्ष से अब तक संपर्क स्थापित नहीं हो पाना चिंता की बात तो है ही, साथ ही भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के लिए बड़ा झटका भी है। इसरो ने पिछले गुरुवार को श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से जीएसएलवी के जरिए इस उपग्रह को छोड़ा था। लेकिन […]

आतंक का सामना (जनसत्ता)

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग और शोपियां जिलों में सुरक्षा बलों के ताजा अभियान में तेरह आतंकवादियों के मारे जाने की घटना निश्चित रूप से एक बड़ी कामयाबी है। लेकिन इस दौरान तीन जवानों सहित चार नागरिकों की जान चली गई और यह देश के लिए बड़ा नुकसान है। इसके बावजूद यह कहा जा सकता है कि […]

Sri Lanka: A clarifying vote (The Hindu)

Nearly two months after its drubbing in the local government polls, Sri Lanka’s ruling alliance continues to be under enormous uncertainty, and Prime Minister Ranil Wickremesinghe now faces a no-confidence motion. Initiated by the “Joint Opposition”, a loose coalition of legislators supporting former President Mahinda Rajapaksa, it has been scheduled for a marathon 12-hour session […]

एससी/ एसटी एक्ट, सही फैसले की गलत व्याख्या (दैनिक जागरण)

नई दिल्ली (संजय गुप्त)। दलितों के मान-सम्मान की रक्षा और उन पर होने वाले अत्याचार को रोकने के लिए तीन दशक पहले बनाए गए अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम यानी एससी-एसटी एक्ट के दुरुपयोग की शिकायतें एक लंबे अर्से से सामने आ रही थीं। इस कानून के दुरुपयोग के शिकार महाराष्ट्र के एक अधिकारी की […]

वर्ष 2019 में जीत की होड़ में कहीं हार न जाए अपना देश (बिजनेस स्टैंडर्ड)

मिहिर शर्मा गत बिहार विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मित्रवत धड़ों में एक चिंता व्यापक तौर पर देखने को मिल रही थी। वह यह थी कि अगर लालू प्रसाद के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनता दल (राजद) राज्य में सत्ता में आया तो वहां जंगल राज की वापसी हो जाएगी। माना यह […]

आधे अधूरे सुधारों के कमजोर नतीजे (बिजनेस स्टैंडर्ड)

संजीव आहलूवालिया राजनेताओं के पास यह सुविधा होती है कि वे अपने प्रदर्शन मानकों को चुन सकें। ऐसा इसलिए क्योंकि उनका काम बहुत विस्तृत है। कारोबारी जगत में अंशधारक जो भी खरीद बिक्री करते हैं वह पूरी तरह मौजूदा या भविष्य के लाभ से जुड़ी होती है। मौजूदा राजनीतिक मानकों में रोजगार प्रमुख है। यह […]

अनिश्चितता का दौर (बिजनेस स्टैंडर्ड)

नए वित्त वर्ष की शुरुआत हो चुकी है, लिहाजा समाप्त वित्त वर्ष 2017-18 से संबंधित आंकड़ों का परीक्षण करना श्रेयस्कर है ताकि भारतीय अर्थव्यवस्था का हाल पता चले। गत वित्त ïवर्ष में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के क्रियान्वयन से मची व्यापक उथलपुथल के चलते न केवल सरकारी राजस्व बल्कि निजी क्षेत्र का कामकाज भी […]

This violence serves no dalit cause (The Economic Times)

The Bharat Bandh has claimed the lives of nine people, burned buses and produced clashes, leading to arrests of thousands. Dalits were protesting the deemed dilution of the Scheduled Castes and Scheduled Tribes Prevention of Atrocities Act by a Supreme Court order seeking to build safeguards against abuse of the law. Violence is not the […]

For a deeper market for stressed assets (The Economic Times)

Tweaks to eligibility and bidding norms under the Insolvency and Bankruptcy Code must be subservient to the core public policy goal of the process: maximising the value of the resolution asset. This would automatically ensure achievement of other goals: minimising the haircut the banks take, reducing the recapitalisation burden on the government and on the […]

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संपादकीय:Editorials (Hindi & English) © 2016