Day: March 3, 2018

रंग जिनसे कोई मुक्ति नहीं चाहता (हिन्दुस्तान)

मालिनी अवस्थी, प्रसिद्ध लोक गायिका भारत के सभी त्योहारों में होली का अलग महात्म्य है। बसंत पंचमी, यानी माघ की शुक्ल पंचमी से ही बसंत का आगमन माना जाता है, जो उल्लास, आशा और प्रेम का संचार कर जाता है। कठिन श्रम से निखरी रबी की फसल जब खेत में पककर तैयार हो जाती है, […]

चौपालः मन के रंग (जनसत्ता)

रंगों की रंगत का अहसास हमें होली के रंगों को देख कर ही होता है। ये रंग न सिर्फ अपनी इंद्रधनुषी छटा से परिवेश को खूबसूरत बनाते हैं बल्कि मन, मस्तिष्क, भाव, स्वभाव पर भी असर डालते हैं। पसंदीदा रंग व्यक्ति के व्यक्तित्व को भी दर्शाता है। अगर रंगों की दुनिया पर गौर फरमाएं तो […]

वृद्धि का अर्थ (जनसत्ता)

बुधवार को आए जीडीपी के आंकड़े अर्थव्यवस्था को लेकर आश्वस्त करते हैं। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी किए गए इन आंकड़ों के मुताबिक अक्तूबर से दिसंबर 2017 की तिमाही में जीडीपी यानी सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर बढ़ कर 7.2 फीसद पहुंच गई। इसके उत्साहजनक होने का अंदाजा इसी तथ्य से लगाया जा सकता […]

घोटाला और निगरानी (जनसत्ता)

पंजाब नेशनल बैंक में अरबों रुपए का घोटाला सामने आने के बाद सरकार की नींद टूटी है। ऐसे घोटालों को कैसे रोका और कर्ज डकार कर भागने वालों से निपटा जाए, यह सवाल सरकार और बैंक प्रबंधन के लिए बड़ा सिरदर्द बना हुआ है। फिलहाल फौरी तौर पर सक्रिय हुए वित्त मंत्रालय ने सभी बैंकों […]

चुनौतियों के बीच एक बेहतर बजट (नईदुनिया)

– डॉ. जयंतीलाल भंडारी मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार का यह अंतिम बजट एक लोकलुभावन बजट है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बीते कुछ महीनों में विभिन्न् वर्गों को लुभाने के लिए जो प्रमुख घोषणाएं की हैं, उन्हें साधने के साथ-साथ हर वर्ग एवं क्षेत्र को लाभ देने के प्रावधान […]

Hooliganism in the name of Holi is unacceptable (Hindustan Times)

The news of various offensive fluids in balloons being flung at women in a Delhi college in the week preceding the festival of Holi brings up the unsavoury side of the festival yet again. Throwing water balloons at unsuspecting passers-by is problematic as it is; but to fling body fluids in balloons at women must […]

India’s economy returns to its growth pattern (Hindustan Times)

The Indian economy has recovered from the disruptions caused by the invalidation of high value currency notes in November 2016 (demonetisation) and the implementation of the unified Goods and Services Tax in July 2017. The benefits of the first can be debated and so, hypothetical as the exercise may be, one can’t help wondering where […]

हवाई किराये में कटौती के मायने (प्रभात खबर)

II अफरोज आलम साहिल II स्वतंत्र पत्रकार afroz.alam.sahil@gmail.com केंद्र सरकार ने पहले हज सब्सिडी खत्म की और अब हज पर जाने के लिए हवाई किराये में भारी कटौती का ऐलान किया है. यकीनन, यह खबर देश के मुसलमानों के लिए एक अच्छी खबर है. जिस तरह से सब्सिडी खत्म किये जाने का स्वागत किया गया, […]

संस्कृतियों के समावेश का उत्सव (प्रभात खबर)

II मनींद्र नाथ ठाकुर II एसोसिएट प्रोफेसर, जेएनयू manindrat@gmail.com भारतीय समाज का इतिहास इतना पुराना है कि पता नहीं कब कौन-सा त्योहार किस कारण से शुरू हुआ और धीरे-धीरे किस ओर बढ़ गया. समाजशास्त्रियों को इन त्योहारों का विश्लेषण करना चाहिए, क्योंकि इससे समाज के स्वरूप का, उसकी प्रकृति का और उसमें बदलाव का ज्ञान […]

To fix the rot in public sector banks, start with the boards (Livemint)

The Rs12,700 crore fraud at Punjab National Bank (PNB) has reopened the debate on privatization of public sector banks. That debate will take years to resolve as multiple stakeholders are involved. The interests of bank employees and taxpayers, the political messaging of privatization, and the government’s own interests as the owner will have to be […]



संपादकीय:Editorials (Hindi & English) © 2016