Day: February 12, 2018

सौदे पर सवाल (पत्रिका)

पिछले सालों में सार्वजनिक से लेकर राजनीतिक जीवन की बहुत सी स्थापित परम्पराएं टूटी हैं। वक्त के साथ इनमें परिवर्तन की आवश्यकता कुछ में थी तो कुछ में नहीं थी। उदाहरण के लिए सेना और सैन्य क्षेत्र की जरूरतों से सम्बंधित समझौते। उन पर कभी कोई बात नहीं करता था। मीडिया पर कोई बंदिश नहीं […]

लगाम लगे इन मौत के सौदागरों पर (पत्रिका)

– डॉ. संजीव कुमार गुप्ता, प्रख्यात सर्जन यह बहुत ही शर्मनाक स्थिति है कि आजादी के सत्तर सालों बाद भी देश का ज्यादातर हिस्सा स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित है। चिकित्सा सेवाओं की अनुपलब्धता के चलते ऐसे व्यक्तियों को अवसर मिल जाता है जिन्होंने न तो कभी चिकित्सा की पढ़ाई की होती है और न ही […]

भारत को चाहिए एक मजबूत मध्य-पूर्व नीति (पंजाब केसरी)

फिलिस्तीन जाने वाले आम पर्यटक अधिकतर मुस्लिम अथवा धर्म परायण ईसाई होते हैं। ईसाई आमतौर पर बैतलहम जाते हैं। वह पवित्र स्थल जहां ईसा मसीह का जन्म हुआ तथा गिरजाघर व उसके आस-पास की सारी जगह की देखभाल मुस्लिम करते हैं। वास्तव में गिरजाघर की चाबियां हर रात ईसाई उन्हें ही सौंपते हैं और सुबह […]

मालदीव की मुश्किल (जनसत्ता)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बीते हफ्ते मालदीव के राजनीतिक संकट को लेकर फोन पर हुई बातचीत से कोई रास्ता निकलने के संकेत तो फिलहाल नहीं मिले हैं, पर इस बातचीत ने चीन को चिंतित कर दिया है। पिछले दिनों जब मालदीव के राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने वहां के […]

हमलों का सिलसिला (जनसत्ता)

जम्मू के बाहरी इलाके सुंजवान के सैन्य शिविर पर हमला कर एक बार फिर आतंकवादियों ने सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी है। इस हमले में पांच जवान शहीद हो गए। आतंकियों की तलाशी के लिए सेना को तीस घंटे से ऊपर मशक्कत करनी पड़ी। करीब पंद्रह महीने पहले उड़ी के सैन्य शिविर पर हुए हमले […]

देश के बड़े मंदिरों की तरह अब महाकाल में भी हो भीड़ प्रबंधन (नईदुनिया)

आने वाले बुधवार को महाशिवरात्रि है। एक बार फिर उज्जैन में महाकाल का प्रांगण भक्तों की अपार श्रद्धा प्रमाणित करेगा। उम्मीद है इस बार भी एक से डेढ़ लाख शिव भक्त दर्शन-दीर्घा की शोभा बढ़ाएंगे। सिंहस्थ (2016) के दौरान एक महीने में ही सवा सात करोड़ के जनसैलाब को नियंत्रित करने वाली स्थानीय व्यवस्था के […]

India should tread lightly in the Maldives (Livemint)

President Abdulla Yameen of the Maldives has shown little regard for the world community’s calls to roll back the emergency he imposed last week to cling on to power. The “China factor” seems to be a key reason for his bravado at a time when his opponents have been urging India to step in, militarily […]

The EU doesn’t want to be more democratic (Livemint)

Leonid Bershidsky The European Union (EU) has had a democratic legitimacy problem for years: Its governing bodies—with the exception of those that consist of national leaders and ministers—are neither particularly responsive nor accountable to ordinary European voters. And, as the latest failed attempt to reform them has shown, they like it this way, for all […]

The great artificial intelligence challenge (Livemint)

Since Robert Solow, economists know that technical change is the most important force to have driven economic growth in advanced economies. One could argue that this should settle the debate about the effects of artificial intelligence (AI)—it should already be crowned the best invention since electricity. Sadly, access to electricity killed millions of jobs and […]

India’s protectionist folly (Livemint)

Vivek Dehejia, Pravin Krishna The recently tabled Union budget, the last full-year budget by the Narendra Modi government before the election due next year, did, for the most part, a credible job in achieving the tricky balancing act between pre-election political exigencies (read: the incentive to turn on the tap and roll out the goodies) […]

संपादकीय:Editorials (Hindi & English) © 2016