Day: February 8, 2018

खाप के खिलाफ (जनसत्ता)

सर्वोच्च अदालत ने एक बार फिर खाप पंचायतों की मनमानी पर सख्ती दिखाई है। दो बालिगों की शादी को लेकर एक खाप के ‘फैसले’ के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च अदालत ने खाप पंचायतों को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि वे समाज की ठेकेदार न बनें। प्रधान न्यायाधीश की […]

स्वच्छता बनाम संजीदगी (जनसत्ता)

कचरा प्रबंधन के मामले में सरकारें कितनी गंभीर हैं, इसका अंदाजा सर्वोच्च न्यायालय में केंद्र की ओर से दाखिल आठ सौ पैंतालीस पृष्ठों के हलफनामे से लगाया जा सकता है। सर्वोच्च न्यायालय ने बीते दिसंबर में केंद्र सरकार से पूछा था कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2016 के […]

वैश्विक आर्थिक चुनौतियों पर जरूरी चिंतन (नईदुनिया)

उद्योग व कारोबार जगत के बड़े नामों के साथ बैठकर विचार-विमर्श की शुरुआत तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने तब की थी, जब अर्थव्यवस्था की विकास दर गिरने लगी थी। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 15 महीनों के कार्यकाल के बाद ऐसी बैठक तब बुलाई, जब आर्थिक क्षितिज पर आशंकाओं के बादल मंडरा रहे हैं। […]

मालदीव पर मौन से नहीं चलेगा काम (नईदुनिया)

– डॉ. रहीस सिंह भारत एक अरसे से ‘नेबर्स फर्स्ट यानी ‘पड़ोसी पहले की नीति को अपनी विदेश नीति में वरीयता दे रहा है, लेकिन इसे विडंबना ही कहा जाएगा कि भारत के कुछेक छोटे पड़ोसी देश अविश्वास और बाह्य आकर्षण के सिंड्रोम का शिकार हैं। इसी वजह से इन देशों में चीनी रणनीति को […]

पुराने वायदे भूलकर फिर से किए गए वायदों पर मोदी कितना खरा उतरते हैं (दैनिक जागरण)

नई दिल्ली [ राजीव सचान ]। मोदी सरकार के कार्यकाल के चार वर्ष पूरे होने में अभी करीब तीन माह की देर है, लेकिन आम बजट में गांव-गरीबों पर ध्यान केंद्रित किए जाने के कारण यह धारणा गहराई है कि सरकार अभी से अगले आम चुनाव की तैयारियों में लग गई है। सरकार भले ही […]

कश्मीर में अस्थिरता ही पाक की मूल रणनीति है, आइए हम बनाएं घाटी में साझा रणनीति (दैनिक जागरण)

नई दिल्ली [ सैयद अता हसनैन ]। कश्मीर से वाकिफ जानकारों को घाटी में सेना पर पत्थरबाजी और उसे उकसाने की हालिया कार्रवाई के वाकयों पर कोई हैरानी नहीं होनी चाहिए। पाकिस्तान कश्मीर में कभी भी स्थिरता नहीं चाहेगा, क्योंकि यहां अस्थिरता ही उसकी मूल रणनीति का हिस्सा है। वर्ष 1999, 2006-07, 2011-12 और कुछ […]

संसद में पक्ष-विपक्ष की तकरार से विधायी कामकाज कम, हल्ला-गुल्ला ज्यादा होगा (दैनिक जागरण)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा और राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब जैसे असंसदीय से माहौल में दिया उससे यही स्पष्ट हो रहा है कि सत्तापक्ष से ज्यादा विपक्ष ने अभी से अपना ध्यान अगले आम चुनाव पर केंद्रित कर लिया है। विपक्ष और खासकर कांग्रेस के प्रति प्रधानमंत्री के तीखे तेवरों […]

जीएसटी के अहम अंग ई-वे बिल सिस्टम को लागू करने में मोदी सरकार हुई असफल (दैनिक जागरण)

ई-वे बिल को लागू करने के लिए नए सिरे से रणनीति बनाने पर विचार करते समय यह ध्यान रखा जाना चाहिए कि एक फरवरी से इस सिस्टम पर अमल को जिस तरह टालना पड़ा उससे कुल मिलाकर सरकार की किरकिरी हुई है। जीएसटी के अहम अंग ई-वे बिल सिस्टम को लागू करने में जिस तरह […]

विकास के साथ गरीबों की चिंता (अमर उजाला)

अनन्त मित्तल उद्योगों और आवासीय योजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण के लिए संसद में विधेयक लाने से शुरू हुआ मोदी सरकार का सफर अब गरीब, किसान, नौजवान परस्त नीतियों और कल्याण योजनाओं से पूरा होता नजर आ रहा है। भले यह चुनाव जीतने की मजबूरी हो, पर भाजपा सरकार के पांचवें और […]

सरहद को कैसे रखें शांत (अमर उजाला)

हर्ष कक्कड़ भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर हमेशा हलचल रहती है। पाकिस्तान की ओर से वर्षों से घुसपैठ को बढ़ावा देने के लिए एलओसी पर गोलीबारी होती रही है। वह कश्मीर सीमा में हरकत करते रहना चाहता है, ताकि दुनिया को बता सके कि यह विवादित क्षेत्र है। भारत हमेशा से […]

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