Day: February 7, 2018

आखिर क्यों नहीं हुआ हिमपात? (पत्रिका)

– राजीव नयन बहुगुणा, वरिष्ठ पत्रकार पश्चिमी हिमालय तथा तिब्बत में इस बार हिमपात या तो हुआ ही नहीं, या फिर न्यूनतम हुआ। हिमालय की कोई भी घटना कभी स्थानीय नहीं होती। इसका असर पूरे देश पर पड़ता है। यह देश के लिए एक स्थायी एयर कंडीशनर और वाटर टैंक का काम करता है। एशिया […]

मालदीव में फिर तानाशाही शासन की आहट! (पत्रिका)

– प्रो. दीपक के. सिंह, दक्षिण एशिया मामलों के जानकार मालदीव के सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को गिरफ्तार विपक्षी नेताओं को रिहा करने का आदेश दिया है जिसे सरकार मानने से इंकार कर रही है। अटॉर्नी जनरल मोहम्मद अनिल ने कहा है कि कोर्ट का आदेश असंवैधानिक है इसलिए सरकार इसे नहीं मानेगी। राष्ट्रपति अब्दुल्ला […]

मुठभेड़ों से क्या हासिल? (पत्रिका)

उत्तरप्रदेश में मुठभेड़ों की धमाचौकड़ी जारी है। पिछले वर्ष मार्च में योगी आदित्यनाथ के राज्य का मुख्यमंत्री बनने के बाद से अब तक के दस माह में करीब 1950 मुठभेड़ हुई हैं जो संभवत: एक रिकार्ड ही है। इन मुठभेड़ों में 34 अपराधी और 4 पुलिसकर्मियों के मारे जाने की भी सूचनाएं हैं। बेशक इनमें […]

मालदीव का संकट और चीन का खेल (हिन्दुस्तान)

पुष्परंजन, संपादक, ईयू-एशिया न्यूज ज्यादा दिन नहीं हुए, जब पिछले महीने 10 जनवरी को मालदीव के विदेश मंत्री मोहम्मद असीम तीन दिन की यात्रा पर नई दिल्ली आए थे। तब उन्होंने सोचा भी नहीं रहा होगा कि 22 दिन बाद उनके देश में सब कुछ उलट-पुलट होने वाला है। दुनिया में संभवत: इस तरह की […]

मालदीव का संकट (जनसत्ता)

उस वक्त मालदीव का राजनीतिक संकट चरम पर पहुंच गया जब राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने पंद्रह दिनों के लिए आपातकाल की घोषणा कर दी। इसी के साथ उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति मौमून अब्दुल गयूम को गिरफ्तार कर लिया। एक अन्य पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नाशीद पहले से ही जेल में हैं। इस तरह मालदीव की ताजा स्थिति […]

खाप के खिलाफ (जनसत्ता)

सर्वोच्च अदालत ने एक बार फिर खाप पंचायतों की मनमानी पर सख्ती दिखाई है। दो बालिगों की शादी को लेकर एक खाप के ‘फैसले’ के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च अदालत ने खाप पंचायतों को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि वे समाज की ठेकेदार न बनें। प्रधान न्यायाधीश की […]

कश्मीर में साझा रणनीति की दरकार (नईदुनिया)

– सैयद अता हसनैन कश्मीर से वाकिफ जानकारों को घाटी में सेना पर पत्थरबाजी और उसे उकसाने की हालिया कार्रवाई के वाकयों पर कोई हैरानी नहीं होनी चाहिए। पाकिस्तान कश्मीर में कभी भी स्थिरता नहीं चाहेगा, क्योंकि यहां अस्थिरता ही उसकी मूल रणनीति का हिस्सा है। वर्ष 1999, 2006-07, 2011-12 और कुछ हद तक 2015 […]

ई-वे बिल की दिक्‍कतें (नईदुनिया)

ई-वे बिल को लागू करने के लिए नए सिरे से रणनीति बनाने पर विचार करते समय यह ध्यान रखा जाना चाहिए कि एक फरवरी से इस सिस्टम पर अमल को जिस तरह टालना पड़ा, उससे कुल मिलाकर सरकार की किरकिरी हुई है। जीएसटी के अहम अंग ई-वे बिल सिस्टम को लागू करने में जिस तरह […]

‘पद्मावत’ की पाठशाला (प्रभात खबर)

II कुमार प्रशांतII गांधीवादी विचारक भारतीय सिनेमा, भारतीय सेंसर बोर्ड, भारतीय प्रशासन अौर राज्य व केंद्र की सरकारों ने मिलकर शायद ही कभी देश के चेहरे पर इस कदर धूल मली होगी! जब अापको अपने चेहरे की नहीं, मुखौटों की फिक्र होती है, तब चेहरों पर ऐसे ही कालिख पुत जाती है. संजय लीला भंसाली […]

Blockchain’s broken promises (Livemint)

Nouriel Roubini The financial services industry has been undergoing a revolution. But the driving force is not overhyped blockchain applications such as bitcoin. It is a revolution built on Artificial Intelligence, big data, and the internet of things. Already, thousands of real businesses are using these technologies to disrupt every aspect of financial intermediation. Dozens […]

संपादकीय:Editorials (Hindi & English) © 2016