Day: February 6, 2018

मालदीव की मुश्किल (हिन्दुस्तान)

मालदीव का राजनीतिक संकट तेजी से गहराता जा रहा है। लोकतांत्रिक प्रक्रिया और नागरिक प्रशासन को धता बताते हुए राष्ट्रपति अब्दुल्ला यमीन ने न सिर्फ विपक्षी नेताओं की रिहाई पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश मानने से इंकार कर दिया है, बल्कि संसद को भी एक तरह से सील कर उसे विपक्ष की पहुंच से दूर […]

मंजूर नहीं यह गुस्ताखी (नईदुनिया)

जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तानी सेना के हमले में एक सैन्य अधिकारी और तीन जवानों की शहादत एक बड़ा आघात है। न तो इस हमले की अनदेखी हो सकती है और न ही एक साथ चार सैन्यकर्मियों की शहादत की। पाकिस्तान के पागलपन की गवाही देने वाली इस घटना ने इस सवाल को फिर से सतह पर […]

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का यथार्थ (प्रभात खबर)

II राकेश सिन्हा II संघ विचारक indiapolicy@gmail.com भारत की राजनीतिक एवं बौद्धिक विमर्श का केंद्र-बिंदु एक बार फिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ बन गया है. राहुल गांधी से लेकर लालू यादव, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी से लेकर तृणमूल कांग्रेस तक सभी संघ-विरोध के नाम अपनी राजनीति चमका रहे हैं. ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है. जब […]

स्थायी नौकरियों का मकड़जाल (नईदुनिया)

– मृणाल पांडे बेरोजगारी फिलहाल देश की बड़ी चिंताओं में पहले पायदान पर है। पिछले दिनों प्रधानमंत्री ने देश को आश्वस्त किया कि गत एक बरस में 18-25 की उम्र के 70 लाख युवाओं ने संगठित क्षेत्र में रोजगार पाया, इसका प्रमाण सरकारी बही में दर्ज कर्मचारी भविष्यनिधि (ईपीएफ) के 70 लाख नए खाते हैं। […]

अच्छे कदम की सराहना होनी चाहिए (प्रभात खबर)

II आकार पटेल II कार्यकारी निदेशक, एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया aakar.patel@me.com इस बार के आम बजट में कुछ आकर्षक और अप्रत्याशित पहलू शामिल हैं. पहला है, रक्षा क्षेत्र के खर्च में कटौती. इसने हमारे रणनीतिक विशेषज्ञों को चिंतित कर दिया है. हमारे यहां सेना पर प्रति वर्ष चार लाख करोड़ रुपये खर्च होते हैं. इस परिप्रेक्ष्य […]

Corporate income tax: a slippery slope (Livemint)

Amarendu Nandy, Abhisek Sur In the Union Budget 2018-19, the finance minister has extended the benefit of a reduced corporate income tax (CIT) rate of 25% to companies with revenue of up to Rs250 crore, from the limit of Rs50 crore announced in the previous budget. With a number of state polls this year and […]

Why the battle for macro stability is not yet over (Livemint)

The monetary policy committee of the Reserve Bank of India, which meets this week to finalize its next move, is likely to hold interest rates at current levels, while sounding hawkish in its analysis of the year ahead. Even the Union finance ministry seems to have accepted the fact that there is now no space […]

India needs a sewage system, not free toilets (Livemint)

Shruti Rajagopalan A policy announcement about the Swachh Bharat Abhiyan (SBA) in the 2018 budget speech barely received any attention. Referring to the 60 million toilets already constructed, the finance minister declared the existing programme a success, and announced the intention to construct an additional 20 million toilets allotting a budget of Rs17,843 crore to […]

The nuances of India’s de-hyphenated policy (Livemint)

Kabir Taneja Prime Minister Narendra Modi’s tri-nation trip covering Palestine, Oman and the UAE is going to be a continuation of an orchestrated re-visit of India’s longstanding policies on West Asia. In July last year, Modi became the first Indian prime minister to visit Israel, breaking a decades-long self-inflicted embargo of Indian foreign policy. However, […]

A criminal breach of trust (Livemint)

V. Anantha Nageswaran This column is an examination of the neglected or forgotten issues surrounding Indian budgets. It is not entirely specific to this budget. First, the 2018-19 budget has ensured that India has arrived on the global scene. It was confirmed on 2 February. During Asian trading hours, the Indian Sensex fell 2.3% or […]

संपादकीय:Editorials (Hindi & English) © 2016