Day: February 2, 2018

प्यार से नफरत तक (पत्रिका)

Shri Gulab Kothari एक चावल बता देता है कि देगची के चावल पक गए अथवा नहीं। कल राज्य के सत्रह विधानसभा क्षेत्रों (दो लोकसभा सीटों के १६ तथा मांडलगढ़ विधानसभा क्षेत्र) पर हुए उपचुनावों ने स्पष्ट संकेत दे दिया कि राज्य में भाजपा के लिए अब स्थान नहीं बचा। इस बार सभी सत्रह विधानसभा क्षेत्रों […]

केंद्र सरकार का 2018-19 का अच्छे वायदों का बजट (पंजाब केसरी)

—विजय कुमार वित्त मंत्री अरुण जेतली ने 1 फरवरी को संसद में वर्ष 2018-19 का आम बजट पेश किया। इस बजट से लोगों ने बड़ी उम्मीदें लगा रखी थीं जिनमें किसानों की कर्ज माफी, होम लोन में टैक्स पर छूट, पैट्रोल व डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कमी, कम्पनियों पर टैक्स का बोझ घटाने और […]

पुरातन कानूनों का भार (हिन्दुस्तान)

कानूनों के बारे में एक आम धारणा यह है कि कुछ कानून शासन-प्रशासन और सामाजिक कार्य-व्यवहार को सुचारु रूप से चलाने के लिए होते हैं, कुछ कानून अपराधों को रोकने के लिए होते हैं, कुछ कानून सिर्फ यह दिखाने के लिए होते हैं कि सजग हैं, भले ही उनका जमीनी असर कुछ न हो। कानूनों […]

उम्मीदों के प्रावधान (हिन्दुस्तान)

कुछ बजट संकट के बजट होते हैं, कुछ बजट उम्मीदों के बजट होते हैं, लेकिन हर चार-पांच साल बाद हमारा सामना एक ऐसे बजट से होता है, जिसे चुनावी बजट कहा जाता है। उम्मीद यही थी कि इस बार जब वित्त मंत्री अरुण जेटली संसद में बजट पेश करने के लिए खड़े होंगे, तो उनके […]

सभी चिंताओं से जूझता बजट (हिन्दुस्तान)

एन के सिंह, चेयरमैन, फाइनेंस कमीशन लोगों के दिमाग में इस समय जो मुख्य चिंताएं हैं, वित्त मंत्री अरुण जेटली ने उन सबको ध्यान में रखते हुए एक विस्तृत और दूरगामी बजट पेश किया है। पिछले दिनों पेश आर्थिक सर्वे से पांच प्रमुख मुद्दे उभरे थे। ये थे- कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, इन्फ्रास्ट्रक्चर और फिर विकास […]

वित्त की बुनियाद (जनसत्ता)

आमतौर पर चुनाव के ठीक पहले वाले आम बजट में हर वर्ग के लोगों को खुश करने का प्रयास देखा जाता है, पर इस बार ऐसा नहीं हुआ। राजकोषीय घाटे और महंगाई पर काबू पाने तथा औद्योगिक क्षेत्र में बेहतरी लाने की चिंता अधिक दिखाई दी। माना जा रहा था कि इस बार के बजट […]

उपचुनाव के निहितार्थ (जनसत्ता)

राजस्थान और पश्चिम बंगाल में हुए लोकसभा और विधानसभा के उपचुनावों में भाजपा को करारी हार मिली है। इन उपचुनावों में राजस्थान में जहां कांग्रेस को नया जीवन मिला है, वहीं पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस का दबदबा बना हुआ है। खासकर राजस्थान में, जहां इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं, भाजपा […]

बजट 2018 : मध्य वर्ग खाली हाथ (प्रभात खबर)

आशुतोष चतुर्वेदी प्रधान संपादक, प्रभात खबर मध्य वर्ग को बजट से बहुत उम्मीदें थीं, लेकिन उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया है. इस बजट में मध्य वर्ग की पूरी तरह से अनदेखी कर दी गयी. मध्य वर्ग को आयकर में राहत की उम्मीद थी, लेकिन वित्त मंत्री ने बजट भाषण में आयकर में छूट की […]

‘भारत’ वाला बजट, इंडिया वाला नहीं (प्रभात खबर)

संदीप बामजई वरिष्ठ आर्थिक पत्रकार उपकार फिल्म का एक गाना है- मेरे देश की धरती सोना उगले उगले हीरा मोती… आम बजट 2018-19 पूरी तरह से इस गाने के सच को पूरा करनेवाला लगता है. यह बजट कृषि और ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता दर्शाता है. यानी यह बजट ‘भारत’ को ज्यादा […]

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