Day: January 13, 2018

सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में पहली बार ‘4 जजों द्वारा प्रैस कांफ्रैंस से हड़़कंप’ (पंजाब केसरी)

12 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट के 4 सर्वाधिक सीनियर जजों जस्टिस जे.चेलमेश्वरम, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसफ ने सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में पहली बार एक संवाददाता सम्मेलन बुलाकर शीर्ष अदालत की प्रशासनिक खामियों से राष्ट्र को अवगत करवाया। इस प्रैस कांफ्रैंस में जस्टिस चेलमेश्वरम ने कहा, ‘‘सुप्रीम कोर्ट का […]

न्यायपालिका में नाराजगी (जनसत्ता)

जनतंत्र के इतिहास में पहली बार हुआ है कि सर्वोच्च न्यायालय के चार वरिष्ठ न्यायाधीशों ने प्रेस वार्ता बुला कर अपना असंतोष प्रकट किया। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश आमतौर पर मीडिया के सामने या सार्वजनिक मंचों से इस तरह के बयान नहीं देते। सर्वोच्च न्यायालय में कामकाज का माहौल ठीक न होने से नाराज न्यायाधीशों […]

नाहक विवाद (जनसत्ता)

आमतौर पर सेना की किसी मांग पर विवाद की स्थिति से बचने की कोशिश की जाती है। पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मसलों को छोड़ दें तो कई बार ऐसी स्थितियां सामने आ जाती हैं, जिनमें सेना और सरकार किसी मुद्दे पर आमने-सामने हो जाती हैं। नौसेना अधिकारियों की ओर से दक्षिण मुंबई इलाके में […]

न्यायपालिका की गरिमा के प्रतिकूल ( नईदुनिया)

– एनके सिंह यह भारत की ही नहीं, दुनिया की न्याय बिरादरी में एक भूकंप की मानिंद था। भारत में न्यायपालिका और खासकर सर्वोच्च न्यायालय एक ऐसी संस्था है, जिस पर समाज का बहुत अधिक भरोसा है। जब कोई हर संस्था से न्याय की उम्मीद छोड़ चुका होता है, तो वह सर्वोच्च न्यायालय की ओर […]

इसरो की नई उड़ान ( नईदुनिया)

साल 2018 के आरंभ में ही भारत ने अंतरिक्ष में एक नई कीर्ति पताका लहराई है। शुक्रवार सुबह भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने पीएसएलवी-सी40 के जरिए कार्टोसैट-2 श्र्ाृंखला के उपग्रह का सफल प्रक्षेपण किया। इसके साथ ही इसरो ने अपने उपग्रहों को प्रक्षेपित करने का शतक पूरा कर लिया। शुक्रवार को छोटे-बड़े कुल 31 […]

इसमें गलत क्या है? (राष्ट्रीय सहारा)

अनिल उपाध्याय कुछ सज्जन एफडीआई का विरोध यह कह कर भी करते हैं कि बिजनेस से होने वाले लाभ को देश के बाहर ले जाया जाएगा। उन्हें समझना होगा कि हम खैरात नहीं मांग रहे। हम उस युग से काफी आगे आ चुके हैं, जब गेहूं तक बाहर से आता था। कुछ लोग मगर अभी […]

The Trouble With Sushma (Times of India)

To be a world power that’s taken seriously India needs a superior foreign minister Sadanand Dhume Here’s the tragedy of India’s minister of external affairs Sushma Swaraj. She’s one of the most likeable figures in the ruling Bharatiya Janata Party, and yet her tenure as a minister has been largely forgettable. This holds a lesson. […]

आधार का वर्चुअल चेहरा (दैनिक ट्रिब्यून)

आधार को वर्चुअल आईडी से लिंक करने वाली नयी दो-स्तरीय प्रणाली आधार सुरक्षा तंत्र का सबसे स्वागतयोग्य विकल्प है। यह विकल्प सरकार की ओर से हर नागरिक सेवा को आधार योजना से जोड़ने की लगभग जबरिया कोशिशों के बाद अब जाकर हासिल हुआ है। सरकार ने व्यक्तिगत डाटा में सेंध लगने के बाबत ‘द ट्रिब्यून’ […]

डराने वाली बेकारी की लाचारी (दैनिक ट्रिब्यून)

विश्वनाथ सचदेव राजस्थान विधानसभा सचिवालय में चपरासी के सत्रह पदों की रिक्तियों के लिए साढ़े बारह हज़ार लोगों द्वारा प्रार्थनापत्र भेजना अपने आप में एक चौंकाने वाला समाचार है। लेकिन इस समाचार की गंभीरता तब और बढ़ जाती है जब यह पता चलता है कि चपरासी बनने के लिए कतार में खड़े इन उम्मीदवारों में […]

Judiciary in turmoil (The Hindu)

It is a development that is both momentous and unfortunate. The press conference held by four senior judges of the Supreme Court has exposed an unprecedented level of dissension in the top echelons of the judiciary. It is regrettable that the banner of revolt has been raised in such a public way against the Chief […]

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