Day: January 12, 2018

युवा  के ताप में तप का सन्निवेश करना होगा    ( युवा-दिवस पर विशेष )

‘ युवा ’ संस्कृत शब्द स्रोत से प्राप्त ‘युवन’ शब्द का समासगत रुप है। ‘वृहत् हिन्दी कोश’ में युवा से संबंधित पुरुषवाचक संज्ञा शब्द ‘युवक’ का अभिप्राय तरुण, जवान और सोलह से तीस वर्ष तक की आयु का पुरुष है। और इसी संदर्भ मे स्त्री के लिए ‘युवती’ शब्द प्रयुक्त होता है। आयु के अनुरुप […]

चौरासी का दंश (जनसत्ता)

उन्नीस सौ चौरासी में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए सिख- विरोधी दंगों के एक सौ छियासी मामलों की जांच के लिए एसआइटी यानी विशेष जांच दल गठित करने का सर्वोच्च न्यायालय का फैसला उन दंगों के पीड़ितों के लिए एक राहत-भरी खबर है। साथ ही, इससे पहले हुई जांचों की तमाम […]

आधार की सुरक्षा (जनसत्ता)

पिछले काफी समय से आधार यानी विशिष्ट पहचान संख्या से जुड़े ब्योरे के असुरक्षित होने को लेकर बराबर सवाल उठते रहे हैं। आधार की अनिवार्यता और सुरक्षा के मसले पर दायर मुकदमों की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही है। लेकिन इस बीच कई ऐसी खबरें आई हैं, जिनसे लगता है कि आधार और उसमें […]

आधार पर बेजा चिंताएं (नईदुनिया)

आधार कार्ड संबंधी डाटा की सुरक्षा को लेकर हाल में चिंताएं बढ़ी हैं। लेकिन क्या इन चिंताओं का आधार सचमुच पुख्ता है? हाल ही में एक अंग्रेजी अखबार ने खबर छापी कि आधार के डाटा बैंक में सेंध लगाने वाला एक नेटवर्क वॉट्सएप के जरिए सक्रिय है। इस धंधे से जुड़े लोग महज 500 रुपए […]

आओ बनाएं महासंत के सपनों का भारत (नईदुनिया)

– एम. वेंकैया नायडू उत्तिष्ठत जाग्रत प्राप्य वरान्निबोधत। ‘उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक कि लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए। उपनिषदों से निकले इस श्लोक को स्वामी विवेकानंद ने बहुत लोकप्रिय बनाया। सभी भारतीयों, विशेषकर युवाओं के लिए यह प्रेरणा का महामंत्र होना चाहिए, जिन्हें शिक्षा व समर्पण के साथ नए […]

तनाव के कगार पर असम (प्रभात खबर)

योगेंद्र यादव संयोजक, स्वराज अभियान असम बारूद के ढेर पर बैठा है. वहां की पार्टियां इसमें आग सुलगाकर वोट की रोटी सेंक रही हैं. बाकी देश आंख मूंदे बैठा है या सोच रहा है कि जब विस्फोट होगा, तब देखा जायेगा. समस्या पुरानी है, लेकिन संदर्भ नया है. विदेशी अाप्रवासियों का सवाल कई दशकों से […]

भीमा कोरेगांव का प्रतीक (प्रभात खबर)

डॉ अनुज लुगुन सहायक प्रोफेसर, दक्षिण बिहार केंद्रीय विवि, गया दासता से मुक्ति के पूर्वज के रूप में स्पार्टाकस को याद किया जाता है. रोमन साम्राज्य की महानता के नीचे दासों की सिसकियां दबी हुई थी. गौरव, वैभव और विस्तार शासक की चाबुक और दासों की पीठ पर टिकी थी. यह ऐसी नृशंसता थी, जो […]

A global opportunity for the Indian workforce (Livemint)

The integration of developing economies such as China and India into the global economy in the last few decades has helped lift millions out of poverty. The introduction of their labour forces into the global economy increased growth and income in these economies which also resulted in a decline in global inequality. The World Bank’s […]

Wrong time for fiscal squeeze (Livemint)

Deepak Nayyar The Union budget for financial year (FY) 2018-19 will be presented in Parliament on 1 February. It will be the fifth time for Arun Jaitley as Union finance minister. It might also be the last budget of this government. Of course, a sixth budget is possible, as the date of presentation has been […]

The burden of free parking on our cities (Livemint)

Kshitij Batra, Rohan Shridhar Delhi is engulfed by a smoky haze, not just in the air but perhaps more so in its priorities towards urban governance. Those in power proclaim that the only solution to the doggedly persistent air pollution crisis lies with the governments of neighbouring states that fail to enforce bans on stubble […]

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