Day: January 10, 2018

अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बनती क्रिप्टोकरेंसी (पत्रिका)

– राहुल लाल, स्वतंत्र टिप्पणीकार बिटकॉइन जिसे क्रिप्टोकरेंसी या वर्चुअल मुद्रा भी कहा जाता है, के पीछे न तो किसी केंद्रीय बैंक का समर्थन है और न ही भौतिक परिसंपत्तियों का। 20 हजार डॉलर के ऐतिहासिक आंकड़ों को छू लेने वाले बिटकॉइन की कहानी सच में काफी रोचक है। दरअसल सभी लोग यह अनुमान लगा […]

पंजाब में बुजुर्ग ‘सरकार और संतान’ दोनों से दुखी (पंजाब केसरी)

—विजय कुमार प्राचीन काल में माता-पिता के एक ही आदेश पर संतानें सब कुछ करने को तैयार रहती थीं परंतु आज जमाना बदल रहा है। अपनी गृहस्थी बन जाने के बाद कलियुगी संतानें माता-पिता से विमुख हो रही हैं। संतानों का एकमात्र उद्देश्य किसी न किसी तरह बुजुर्ग माता-पिता की सम्पत्ति पर कब्जा करना ही […]

राष्ट्रगान का सम्मान (हिन्दुस्तान)

मामले को अंत में शायद यहीं पहुंचना था। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में यह कहा है कि सिनेमाघरों में राष्ट्रगान को बजाया जाना अनिवार्य नहीं होना चाहिए और देश की सर्वोच्च अदालत ने भी इस समझदारी भरी सलाह को स्वीकार कर लिया है। और इसके बाद अब यह भी मान लेना चाहिए कि पिछले कुछ […]

चीन के भी हित में नहीं है टकराव (हिन्दुस्तान)

विवेक काटजू, पूर्व राजदूत सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत का यह बयान सुखद है कि अरुणाचल प्रदेश का ‘तूतिंग मसला’ बातचीत के जरिये सुलझा लिया गया है। इसका यह अर्थ हुआ कि चीन की जो सैन्य टुकड़ी वास्तविक नियंत्रण रेखा पार करके भारतीय सीमा में दाखिल हो गई थी, वह वापस लौट गई है। यह दर्शाता […]

पुनर्विचार का आधार (जनसत्ता)

यह कभी-कभार ही हुआ है कि उच्चतम न्यायालय पूर्व में दिए अपने ही किसी फैसले से अलग रुख दिखाए। लिहाजा, भारतीय दंड संहिता की धारा 377 की बाबत सर्वोच्च न्यायालय का ताजा रुख एक विरल घटना है। स्वागत-योग्य भी। यह धारा ‘अप्राकृतिक अपराधों’ का हवाला देते हुए ‘प्रकृति के विपरीत’ यौनाचार को अपराध मानती है […]

आतंक का जाल (जनसत्ता)

अलीगढ़ मुसलिम विश्वविद्यालय ने अपने एक शोध छात्र मन्नान वानी के गायब होने और आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन में शामिल होने की खबर के बाद उसे निष्कासित कर दिया। यह वाकया काफी चिंताजनक है। अगर इस घटना में सच्चाई पाई जाती है तो साफ है कि अब आतंकी संगठनों की पहुंच विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले […]

अमेरिका को सद्बुद्धि (नईदुनिया)

डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन अपनी ‘अमेरिका फर्स्ट नीति को लागू करने के अति-उत्साह में ऐसा कदम बढ़ाने जा रहा था, जिससे खुद उसके देश को भी नुकसान होता। लेकिन अच्छी बात है कि समय रहते उसे सद्बुद्धि आ गई। इससे वहां रहने वाले लाखों भारतीय राहत महसूस करेंगे। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि ट्रंप प्रशासन […]

टूट रहा है सफेद टोपियों का छलावा (नईदुनिया)

– मृणाल पांडे क्या आपने कभी सोचा है कि गांधी टोपी कहलाने के बावजूद तमाम पुरानी तस्वीरों में यह टोपी हमको गांधी नहीं, नेहरू के सिर पर ही क्यों नजर आती है? आधी सदी बाद भारतीय मीडिया और विज्ञापन एजेंसियों ने दूसरे गांधी कहकर टोपी को अण्णा हजारे से जोड़ते हुए दोबारा ब्रांडिंग की तो, […]

गर्माते आर्कटिक का कहर (प्रभात खबर)

श्रीशन् वेंकटेश पर्यावरण पत्रकार बीते कुछ हफ्तों से पूर्वी अमेरिका और कनाडा गहन शीत लहर की चपेट में हैं. इस इलाके में सात दशकों का यह सबसे ठंडा साल है. तापमान अंटार्टिका और मंगल ग्रह से भी कम हो गया है. ‘बम साइक्लोन’ ने हालत को और भी अधिक बिगाड़ दिया है. सामान्य औसत से […]

Making consent count for data protection (Livemint)

Priti Rao, Varad Pande Remember that time you checked a consent box in a rush to buy groceries on an app? Or when you signed up to chat with your friends for “free”? Perhaps you hesitated to accept all the terms on a loan application. Consider the number of times you checked that box, because […]

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