Day: January 6, 2018

The US has many levers against Pakistan’s perfidy (Livemint)

It wasn’t the best start to the new year for the Pakistani establishment as US President Donald Trump chose to target their country via Twitter on the first day of 2018. Trump expressed his extreme annoyance with Pakistan’s “lies and deceit”, even though it had received more than $33 billion in aid over the last […]

हम-तुम में फंस गई आप (राष्ट्रीय सहारा)

अरुण त्रिपाठी देश भ्रष्टाचार उन्मूलन, व्यवस्था परिवर्तन और तमाम उच्च आदशरे के साथ देश के तमाम आंदोलनकारियों, ईमानदार अफसरों और बुद्धिजीवियों की सहानुभूति लेकर सत्ता में आई आम आदमी पार्टी अब हम और तुम के झगड़े में उलझ कर रह गई है। अगर कुमार विास के शब्दों में कहें तो इस पार्टी में बाहुबली की […]

BJP’s Artful Illusion (TOI)

Actually the fringe reinforces the mainstream, and the mainstream nurtures the fringe Pavan K Varma A word that has gained increasing currency in recent times is ‘fringe’. Every excess, outlandish statement, aberration, deviation, derogation from the law, or arbitrary act of violence, is ascribed to the ‘fringe’. This fringe is distinguished from the ‘mainstream’. The […]

साहित्य की लहरों का मोहक राजहंस (दैनिक ट्रिब्यून)

वंदना सिंह नई कहानी आंदोलन को जिन तीन लेखकों की त्रयी ने मजबूती दी, उनमें मोहन राकेश प्रमुख हैं। मोहन राकेश के अलावा कमलेश्वर और राजेन्द्र यादव नई कहानी की रहनुमाई कर रहे थे। इन तीनों में सबसे कम आयु मोहन राकेश को ही मिली लेकिन 47 वर्ष के अपने जीवनकाल में उन्होंने हिंदी कहानी […]

भक्तिकाव्य की नई स्थापनाओं का मंथन (दैनिक ट्रिब्यून)

सुभाष रस्तोगी शोध, आलोचना और संपादन की नयी राहों के अन्वेषी डॉ. लालचंद गुप्त ‘मंगल’ के मूल्यांकन का रास्ता ‘एकला चलो रे’ का है और उन्होंने सदैव मूल्यांकन के नए रास्तों की खोज की है। प्रोफेसर ‘मंगल’ द्वारा रचित लगभग तीन दर्जन ग्रंथों और उनके द्वारा रचित लगभग दो सौ शोधपत्रों/आलेखों/ पुस्तक समीक्षाओं/ भूमिकाओं/ रेडियो […]

जीवन के दरकते मूल्यों की टीस (दैनिक ट्रिब्यून)

सुशील ‘हसरत’ नरेलवी डॉ. डेज़ी के लघुकथा-संग्रह ‘कटघरे’ में 73 लघुकथाओं का समावेश है। इससे पहले आपके दो काव्य-संग्रह ‘आस’, 2010 में व ‘करवटें मौसम की’, 2017 में प्रकाशित हो चुके हैं। ‘कटघरे’ में समाहित लघुकथाओं के कथ्य का केन्द्र-बिन्दु मुख्यत: मानव मन-मस्तिष्क के ‘मेंटल ब्लॉक’ के विभिन्न आयामों को उजागर करता है। इनमें, सामाजिक […]

नवाब की बेबाक दास्तान (दैनिक ट्रिब्यून)

आरती लम्ब ‘खुश रहो अहले वतन/हम तो सफर करते हैं’ या फिर ‘बाबुल मोरा/नैहर छूटोहि जाये…’ लिखावट के हर हरफ ने बताया कि लिखने वाला दिल किस कदर भावुक। अवध के आखिरी नवाब वाजिद अली शाह। कहने को शाह-नवाब, मगर दिल… खालिस कलाकार का। गर इतिहास उन्हें रंगीले पिया, जाने आलम जैसे रंगीन उनवानों से […]

Enabling a law: rights of the disabled (The Hindu)

The Supreme Court has struck a blow for the rights of the disabled, with a direction to the Central and State governments to provide full access to public facilities, such as buildings and transport, within stipulated deadlines. People with a disability form 2.21% of India’s population according to the 2011 Census. They have had a […]

भारतीय समाज में हो रहा इतिहास से खिलवाड़, भड़काई जा रही है हिंसा (दैनिक जागरण)

नई दिल्ली [ बद्री नारायण ]। इतिहास यूं तो कहने-सुनने, पढ़ने-पढ़ाने का विषय है, किंतु जब वह कहने-सुनने, पढ़ने-पढ़ाने से निकलकर किसी समाज में तनाव और हिंसा का कारण बनने लगे तो सभी को चिंतित होना चाहिए। भारतीय समाज में पिछले दिनों लगातार इतिहास को केंद्र में रखकर या उसका उल्लेख करके विवाद, तनाव एवं […]

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