Day: December 5, 2017

देर बाद ही सही राहुल गांधी का कांग्रेस अध्यक्ष बनना हुआ तय (पंजाब केसरी)

—विजय कुमार स्वतंत्रता के बाद देश पर सबसे लम्बी अवधि तक कांग्रेस का ही शासन रहा। पंडित नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के अलावा गुलजारी लाल नंदा, लाल बहादुर शास्त्री तथा नरसिम्हा राव व मनमोहन सिंह भी प्रधानमंत्री रहे। यही नहीं चंद्रशेखर, देवेगौड़ा व इंद्र गुजराल की सरकारों को कांग्रेस का समर्थन प्राप्त होने […]

राहुल को कमान (हिन्दुस्तान)

राहुल गांधी का कांग्रेस अध्यक्ष बनना लगभग तय ही था। जब पार्टी के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव की घोषणा हुई, उससे भी बहुत पहले से। हालांकि अभी सिर्फ नामांकन पत्र ही दाखिल हुए हैं, कई औपचरिकताएं बाकी हैं, लेकिन अब यह सब ज्यादा महत्व नहीं रखता, क्योंकि इस मैदान में अब वे अकेले ही […]

पाकिस्तान में कट्टरता की नई फसल (हिन्दुस्तान)

विभूति नारायण राय, पूर्व आईपीएस अधिकारी कहावत है कि इतिहास खुद को दोहराता है। पाकिस्तान में यह अपने को इतनी तेजी से दोहरा रहा है कि कई बार चकित कर देता है। जो कुछ पाकिस्तान में पिछले दिनों घटा, उससे 70 के दशक की याद आना इसलिए भी स्वाभाविक है कि उन दिनों की तरह […]

राहुल का रास्ता (जनसत्ता)

जब राहुल गांधी ने राजनीति में कदम रखा, तभी से यह संभावित था कि एक दिन वे कांग्रेस अध्यक्ष बनेंगे। और आखिरकार, सोमवार को उनके विधिवत पार्टी अध्यक्ष बनने का रास्ता साफ हो गया। इसके पहले पार्टी की कमान सोनिया गांधी के हाथ में रही, लगातार उन्नीस साल। लिहाजा, चुनाव संपन्न कराए जाने के बावजूद […]

चाबहार का द्वार (जनसत्ता)

अपने परंपरागत विरोधी पाकिस्तान को अलग-थलग कर भारत, ईरान के रास्ते अफगानिस्तान तक पहुंचने वाले वैकल्पिक मार्ग यानी चाबहार बंदरगाह को चालू कराने में कामयाब हो गया है। इसके परिचालन का पहला चरण रविवार को पूरा हो गया। भारत के लिए रणनीतिक और कारोबारी लिहाज से बेहद अहम इस बंदरगाह का उद्घाटन ईरान के राष्ट्रपति […]

आर्थिक मोर्चे पर मजबूती की ओर (नईदुनिया)

– संजय गुप्‍त पांच तिमाहियों के बाद आर्थिक विकास दर में उछाल दर्ज होना मोदी सरकार के लिए न केवल आर्थिक मोर्चे पर राहतकारी है, बल्कि राजनीतिक मोर्चे पर भी। ऐसा इसलिए, क्योंकि गुजरात चुनाव में अन्य अनेक मसलों के साथ देश की अर्थव्यवस्था की सेहत को भी एक मुद्दा बनाया जा रहा है। चूंकि […]

प्रदूषण पर लापरवाह रवैया (नईदुनिया)

अपने देश में इंसान के बुनियादी हितों और यहां तक कि देश की प्रतिष्ठा को लेकर भी सरकारें कितनी लापरवाह रहती हैं, इसकी एक मिसाल राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में देखने को मिली है। महीने भर के ऊपर से यहां के लोग प्रदूषण की खतरनाक समस्या का सामना कर रहे हैं। मगर यहां की अरविंद केजरीवाल […]

सुदृढ़ता संग कमजोरी के भी संकेत (नईदुनिया)

– डॉ. भरत झुनझुनवाला देश के सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी में जुलाई से सितंबर तिमाही में 6.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इससे पहले अप्रैल से जून तिमाही में जीडीपी ने 5.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की थी, जो कि बीते कई वर्षों का न्यूनतम स्तर था। ऐसे में चालू वित्त वर्ष की दूसरी […]

भारत का रणनीतिक रास्ता (नईदुनिया)

भारत अब ईरान के सहयोग से चीन और पाकिस्तान को जोरदार चुनौती की स्थिति में है। चाबहार बंदरगाह चालू हो गया है। इससे मध्य एशियाई देशों से कारोबार के लिए भारत की पाकिस्तान पर निर्भरता समाप्त होगी। साथ ही बिना पाकिस्तानी रास्तों का इस्तेमाल किए अफगानिस्तान तक पहुंचना संभव हो जाएगा। पाकिस्तानी तट पर चीन […]

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