खुलती खिड़कियां (दैनिक ट्रिब्यून)


भारत और पाक के रिश्ते बहुत चौंकाने वाले उतार-चढ़ावों से गुजर रहे हैं। अब जम्मू-कश्मीर की सीमा पर तनावपूर्ण हालात के चलते पाक के साथ रिश्तों में आई तल्खी और बेरुखी को दरकिनार करते हुए मानवीय आधार पर भारत की ओर से अचानक की गई पहल इनमें से एक है। इस प्रस्ताव को पाकिस्तान द्वारा स्वीकार करना भी उतना ही आश्चर्यजनक है। नियमित राजनीतिक-कूटनीतिक रिश्तों के अभाव में अवाम खासकर महिलाओं और बुजुर्गों को पेश आने वाली समस्याओं पर गौर करने के पीछे किसकी प्रेरणा काम कर रही है, यह समझना कुछ खास कठिन नहीं है। दरअसल, अमेरिका भारतीय उपमहाद्वीप में अपने भू-राजनीतिक प्रभुत्व को वापस पाने की कोशिशों में लगा है। वाशिंगटन ने तिब्बत और भारत के बीच के देशों और हिंद महासागर के द्वीप राष्ट्रों को लेकर बीजिंग के मुकाबले पूरी ताकत से खड़े होने के लिये परोक्ष मदद देने में कोई कसर बाकी नहीं रखी है पर अफगानिस्तान-पाकिस्तान विवाद से जुड़े मामलों को अपने हाथ में रखा है।
भारत-पाक के बीच तनाव कम करने में अमेरिका की रुचि स्वाभाविक है। उसने तालिबान से शांति की पेशकश की है और पाकिस्तान के साथ थोड़ी गर्मजोशी दिखाते हुए उसे अपनी सेना के एक बड़े हिस्से को अफगानिस्तान की सीमा पर लगाने को कहा है, जिससे कि बातचीत में रोड़ा बन रहे आतंकवादियों को नियंत्रित किया जा सके। अफगानिस्तान में चल रहे कूटनीतिक खेल में सफलता के लिए भारत-पाक सीमा पर शांति आवश्यक है। दोनों ही देश स्थितियों को सामान्य बनाने को तैयार नहीं रहे हैं। ऐसे में सीमा पर चल रही मुठभेड़ों के अंतहीन सिलसिले को रोकने के लिए मानवीय आधार के नाम पर की जाने वाली पहल दोनों पक्षों के लिए एक बेहतरीन बहाना है। यह दिखावा हो सकता है पर पाकिस्तान ने गतिरोध तोड़ने के लिए औपचारिक प्रस्ताव से आगे बढ़ते हुए समग्र बातचीत की भी पेशकश की है। यह कूटनीतिज्ञों के मैदान में उतरने का सही मौका भी हो सकता है। बातचीत रुकने से फिलहाल नकारात्मक मुद्दों में अब तक वृद्धि ही हुई है। भारत भले ही आतंकवादियों को शह देने के नाम पर पाकिस्तान की खिंचाई जारी रखे पर उसे जम्मू-कश्मीर के आंतरिक राजनीतिक हालात को संभालने-संवारने के अलावा ईरान के साथ व्यापार और तुर्कमेनिस्तान से होकर आने वाली गैस पाइप लाइन परियोजना को लागू करने के लिए भी समय की जरूरत है।

सौजन्य – दैनिक ट्रिब्यून।


Updated: March 10, 2018 — 3:28 pm

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