Day: October 12, 2019

साहसिक आर्थिक सुधारों का वक्त (दैनिक ट्रिब्यून)

हाल ही में 10 अक्तूबर को अंतर्राष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडिज ने वर्ष 2019-20 के लिए भारत की विकास दर का अनुमान 6.20 से घटाकर 5.80 फीसदी कर दिया है। इसके पहले 4 अक्तूबर को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने वर्ष 2019-20 के लिए विकास दर का अनुमान 6.9 फीसदी से घटाकर 6.1 फीसदी कर...

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कानूनी तौर पर सिर्फ एक लाख सुरक्षित (दैनिक ट्रिब्यून)

आलोक पुराणिक बाजार में निवेश के कई मौके उपलब्ध हैं। पर देखने की बात यह है कि किसी को भी अपना सारा निवेश किसी एक माध्यम या किसी एक योजना में नहीं डालना चाहिए। जैसे बैंकों में पैसा लगाना बहुत लोकप्रिय माध्यम है। ऐसा आमतौर पर माना जाता है कि बैंक में रकम लगाने का...

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विवाद के बाद नोबेल निर्णायकों ने अपनाया सुरक्षित रास्ता (नवभारत टाइम्स )

एक साल की गैरहाजिरी के बाद साहित्य के नोबेल पुरस्कार सामने हैं। स्थगित वर्ष 2018 के साथ 2019 के विजेता की भी घोषणा की गई है। पोलैंड की लेखिका ओल्गा तोकारजुक को 2018 के लिए जबकि ऑस्ट्रियाई लेखक पीटर हैंडके को 2019 के लिए पुरस्कृत किए जाने की घोषणा की गई। माना जा रहा था...

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बेलाग बातचीत करें (राष्ट्रीय सहारा)

-गुलाब रत्न वाजपेयी जम्मू -कश्मीर में अनुछेद 370 को हटाए जाने के बाद भारत को अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया की उम्मीद थी। इसका कारण यह था कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद पाकिस्तान कश्मीर को ‘‘विवादित क्षेत्र’ कहता रहा है और कश्मीर मुद्दे के अंतरराष्ट्रीयकरण का एक भी मौका गंवाता नहीं है। 5 अगस्त के बाद पाकिस्तान ने...

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नेता पहले तो अपनी सुरक्षा को लेकर लापरवाह होते हैं, अनहोनी होने पर सरकार को जिम्मेदार ठहराते हैैं (दैनिक जागरण)

[ सुरेंद्र किशोर ]: राहुल गांधी जिस तरह गुपचुप रूप से विदेश यात्रा पर गए उसी तरह से वापस भी लौट आए। उनकी विदेश यात्रा के बीच ही यह खबर आई कि केंद्र सरकार ने यह तय किया है कि एसपीजी सुरक्षा से लैस व्यक्तियों की विदेश यात्रा में सुरक्षा कर्मी उनके साथ जाएंगे। इसका...

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हर मोर्चे पर मात खाता पाक: जनता को लग रहा इमरान से देश तो क्या क्रिकेट भी नहीं संभल रहा है (दैनिक जागरण)

[ शिवेंद्र कुमार सिंह ]: अगर आप कभी पाकिस्तान जाएं और वहां के किसी शख्स से मुश्किल से मुश्किल काम के लिए कहें तो यही जवाब मिलेगा, कोई मसला नहीं। दरअसल यह वहां के लोगों का मनपसंद जुमला है, लेकिन पिछले कुछ सालों से पाकिस्तान इतने अधिक मसलों में उलझ गया है कि उसकी रही-सही...

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चीन मतभेद वाले मसलों को किनारे कर सिर्फ उन्हीं मुद्दों को पेश करे जिससे आपसी भरोसा बढ़ सके (दैनिक जागरण)

चीनी राष्ट्रपति का भारत आगमन ऐसे समय पर हुआ है जब दोनों देशों के बीच वैसा कोई जटिल मसला नहीं है जैसा वुहान बैठक के पहले डोकलाम को लेकर था। वुहान में दोनों देशों के नेताओं के बीच हुई मुलाकात की अगली कड़ी ही मामल्लपुरम है। भारतीय प्रधानमंत्री ने चीनी राष्ट्रपति की दिल्ली के बजाय...

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आर्थिक मंदी, बेरोजगारी दूर करने और लोगों की बैंकों में जमा रकम की बीमा राशि बढ़ाने की जरूरत (पंजाब केसरी)

वर्ष 2014 में लोकसभा चुनावों के समय श्री नरेन्द्र मोदी ने युवाओं के लिए 1 करोड़ नौकरियां सृजित करने का वायदा किया था, जो अभी तक पूरा नहीं हुआ जिस कारण 3 करोड़ से अधिक बेरोजगार युवाओं के साथ बेरोजगारी आज देश के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी है। साथ ही देश में बैंकों में...

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शहरों की विफलता के जिम्मेदार (प्रभात खबर)

प्रभु चावला, एडिटोरियल डायरेक्टर द न्यू इंडियन एक्सप्रेस गैतिहासिक काल के मोहनजोदड़ो से शुरुआत कर वैदिक काल के इंद्रप्रस्थ और प्राचीन रोम तक शहरों पर उनके शासकों एवं सभ्यताओं की छाप रही है. मोहनजोदड़ो जहां अपनी सफाई व्यवस्था, जल इंजीनियरिंग और अन्नागारों के लिए जाना जाता है, वहीं लंदन तथा पेरिस गंदगी और महामारियों से...

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सच्चे अर्थों में लोकनायक थे जेपी (प्रभात खबर)

कृष्ण प्रताप सिंह वरिष्ठ पत्रकार ग्यारह अक्तूबर, 1902 को उत्तर प्रदेश व बिहार की सीमा पर स्थित, बलिया व सारण जिलों के बीच बंटे और अनूठी भौगोलिक स्थिति के स्वामी सिताबदियारा गांव में जन्म लेकर 1979 में 8 अक्तूबर को पटना में अपने 77वंे जन्मदिन से तीन रात पहले मधुमेह व हृदयरोग से हारकर अंतिम...

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