Day: October 5, 2019

निरंकुशता में समृद्धि के सत्तर साल (दैनिक ट्रिब्यून)

एक अक्तूबर चीन के लिए उतना ही महत्वपूर्ण था, जितना कि भारत के लिए 2 अक्तूबर। कबूतर उड़ाकर वे बता रहे थे कि चीन में कम्युनिस्ट पार्टी के 70 साल शांतिपूर्वक गुज़रे हैं। हमें बताना नहीं पड़ा था कि महात्मा गांधी जयंती के 150 साल पूरी दुनिया के लिए कितना महत्वपूर्ण हैं। 1 अक्तूबर 1949...

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छद्म विकास की विसंगतियों की बाढ़ (दैनिक ट्रिब्यून)

सिद्धार्थ झा बिहार में बाढ़ का आना कोई नई बात नहीं है। बागमती, बूढ़ी गंडक या कोसी नदी के किनारे रहने वालों से बाढ़ का दर्द पूछिये। साल-दर-साल जल प्रलय आना नियति है और भाग्य को उजड़ते देखना उनकी मजबूरी। फिर इस बार इतनी हाय-तौबा क्यों? ये हाय-तौबा सिर्फ इसलिए क्योंकि इस बार बाढ़ ने...

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त्योहारों पर राहत (दैनिक ट्रिब्यून)

केंद्रीय बैंक ने शुक्रवार को एक बार फिर ब्याज दरों में कटौती की है। माना जा रहा है कि त्योहारों की शृंखला में उपभोक्ताओं को राहत देकर बाजार को गुलजार करने की कोशिश हुई है। इससे जहां उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति बढ़ने की उम्मीद लगाई जा रही है, वहीं बैंकों द्वारा ब्याज दर घटाने पर...

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बदल रही है रेलवे (नवभारत टाइम्स)

भारतीय रेलवे अपने ढांचे और सेवाओं को चुस्त-दुरुस्त, स्मार्ट और प्रफेशनल बनाने में जुट गई है। रेलवे स्टेशनों को स्वच्छ और सुंदर बनाने की पहल के बाद यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्राइवेट ट्रेन की शुरुआत की गई है। स्टेशनों का हाल सुधारने के लिए रेलवे वर्ष 2016 से इनका थर्ड पार्टी...

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‘Whatever it takes (The Indian Express)

Written by Saugata Bhattacharya The Monetary Policy Committee (MPC) cut the repo rate again, the fifth time since February 2019 by 0.25 percentage points, based on the views of the MPC members on current and projected economic conditions. The MPC action was in line with the series of cuts by almost all major central banks...

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Nationalism without Other (The Indian Express)

Written by Prabhat Patnaik I find Gandhi’s thought in at least three areas of abiding relevance for me: His views on nationalism, on capitalism and on solidarity. The nationalism that Gandhi stood for, which informed India’s anti-colonial struggle, differed fundamentally from the nationalism that came into vogue in Europe in the 17th century, following the...

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Tamper With Nature: यदि अब भी हम सचेत नहीं हुए तो वह समय दूर नहीं जब हमें सांसें भी खरीदने पड़ेगी (दैनिक जागरण)

देवेंद्रराज सुथार। Tamper With Nature: हम यह भूलते जा रहे हैं कि भौतिकवाद की जिस दुनिया में रहते हैं यह हमें पर्यावरण की दोहरी कीमत पर हासिल हुई है। जंगलों का अंधाधुंध तरीके से दोहन व पर्यावरण के विरुद्ध आधुनिक जीवनशैली अपनाने की हठधर्मिता ने पृथ्वी को रेट अलर्ट के घेरे में लाकर खड़ा कर...

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चुनाव मैदान में उतरे आदित्य ठाकरे से राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को सीख लेने की जरूरत (दैनिक जागरण)

[ रशीद किदवई ]: शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे का चुनाव मैदान में उतरना महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ी घटना है। आदित्य ठाकरे का चुनाव लड़ने का फैसला राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को राजनीति का पाठ पढ़ाने और साथ ही राह दिखाने वाला है। एक समय था जब प्रधानमंत्री मनमोहन...

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इमरान कश्मीर के मुसलमानों पर तो आंसू बहाते हैं, लेकिन पाक के मुसलमानों की कोई चिंता नहीं (दैनिक जागरण)

[ रामिश सिद्दीकी ]: संयुक्त राष्ट्र महासभा का 74वां अधिवेशन भारत और पाकिस्तान के रिश्ते के कारण काफी चर्चा में रहा। भारत-पाक के प्रधानमंत्री जब अमेरिका पहुंचे तभी उनके दृष्टिकोण के बीच का अंतर स्पष्ट हो गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यत: भारत और विश्व से संबंधित मुद्दों पर बात की। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र...

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एक और बैैंक घोटाले की चपेट में, सरकारी बैैंकों के बाद अब सहकारी बैैंक भी संदेह के दायरे में (दैनिक जागरण)

पंजाब एंड महाराष्ट्र सहकारी बैैंक में गड़बड़ी को लेकर प्रवर्तन निदेशालय की ओर से मनी लांड्रिंग का मामला दर्ज किया जाना यही बताता है कि एक और बैैंक घोटाले की चपेट में आ गया। यह ठीक नहीं कि सरकारी बैैंकों के कामकाज के बाद सहकारी बैैंकों की कार्यप्रणाली भी संदेह के दायरे में आ गई।...

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