Month: September 2019

अंतरिक्ष कार्यक्रमों में जनसरोकारों के प्रणेता (दैनिक ट्रिब्यून)

जहां एक ओर चांद पर भेजे गए चंद्रयान-2 के मूनलैंडर विक्रम से संपर्क न हो पाने के कारणों की समीक्षा में अंतरिक्ष विज्ञानी जुटे हैं तो वहीं लोगों के बीच इसको लेकर पैदा हुई जिज्ञासा और उत्साह अब कम हो चला है। वैज्ञानिक और तकनीकी प्राप्ति का ध्येय लिए यह अभियान अन्य संयोगों की वजह...

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सबक लें तो अनुभव श्रेष्ठ शिक्षक (दैनिक ट्रिब्यून)

रेनू सैनी सदियों से लोग कहते आ रहे हैं, ‘अनुभव सर्वश्रेष्ठ शिक्षक होता है।’ हम और आप भी इस बात को पूर्णतः सही मानते हैं क्योंकि अपने इर्द-गिर्द पुस्तकांे में और लोगों से यही पढ़ते-सुनते आ रहे हैं। लेकिन अनुभव सर्वश्रेष्ठ शिक्षक नहीं है। आप चौंक गए न यह सुनकर। जी हां, जिंदगी में मिले...

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नए भारत की आकांक्षा (नवभारत टाइम्स)

संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक जिम्मेदार ग्लोबल लीडर की तरह न सिर्फ भारत के लिए बल्कि पूरे विश्व के प्रति सरोकार दिखाया और अपनी चिंताएं साझा कीं। उनका कहना था कि भारत के विकास के लिए जो प्रयास किए जा रहे हैं, उनका परिणाम पूरी दुनिया के लिए...

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बयानबाजी से बिगड़ेंगे रिश्ते (राष्ट्रीय सहारा)

शीर्ष स्तर पर जब दो देश शिखर बैठक की तैयारी करते हैं तो दोनों ही ओर से सकारात्मक बातें कहकर अनुकूल माहौल बनाने का प्रयास किया जाता है। पर भारत और चीन के बीच ऐसा कुछ भी नहीं हो रहा है। इसके उलट, दो-तीन सप्ताह बाद एशिया के नम्बर एक और तीन नम्बर की अर्थव्यवस्था...

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Much ado about language (The Indian Express)

Written by M. Rajivlochan “Ñan ninne snehikkunnu”, says the wife to her migrant husband who has remitted her some money. To know what this means you will have to look at the PhonePe advertisement that came out in 2018. It is still available on YouTube. What the advertisement does indicate is that north Indian, Hindi...

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Pramod Da’s Way (The Indian Express)

Written by Sourav Roy Barman Anti-nationals, urban naxals — these epithets are recent additions to our public discourse, but the tendency to pigeonhole voices of dissent and resistance as “leftists” or “Maoists” predates the Narendra Modi government. Much before Babul Supriyo heaped scorn on the vice-chancellor of Jadavpur University, Mamata Banerjee had called my friend,...

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Let the farmer earn (The Indian Express)

Written by Harish Damodaran “When money is bad, people want it to be better. When it is good, they think of other things”. One needs to simply replace “money” with “onions” to appreciate how the above observation on inflation by John Kenneth Galbraith still rings true. When onion is today retailing at Rs 55-60 per...

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यदि एक माह भी हम गांधी जी जैसे जी सकते हैं, तो यही होगा गांधी जयंती पर उनके प्रति सही स्मरण (दैनिक जागरण)

[ हृदयनारायण दीक्षित ]: अव्याख्येय की व्याख्या असंभव। तब शब्द, उदाहरण, प्रतीक और प्रतिमान काम नहीं आते। इतिहास में साधारण से असाधारण हो जाने वाले व्यक्तित्वों की सूची बड़ी है, लेकिन साधारण से सर्वोत्तम साधारण होने का उदाहरण केवल गांधी जी हैं। गांधी विश्व इतिहास की सर्वोत्तम अभिव्यक्ति हैं। वह गृहस्थ थे। महात्मा थे। वेदांती...

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कश्मीर पर अंतरराष्ट्रीय समर्थन हासिल कर भारत ने दिया पाकिस्तान को धीरे से जोर का झटका (दैनिक जागरण)

[ दिव्य कुमार सोती ]: अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद घाटी में जैसे उपद्रव की आशंका जताई जा रही थी, वैसा अब तक कुछ देखने को नहीं मिला है। यह सही है कि उपद्रवी पाकिस्तानपरस्त नेताओं का जेल में होना और इंटरनेट पर प्रतिबंध भी एक मुख्य कारण है। हालांकि वर्तमान स्थिति में यह...

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पॉलिथीन छोड़िए और झोला पकड़िए, देश को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए आप भी हों गंभीर (दैनिक जागरण)

[डॉ अनिल प्रकाश जोशी]। देश के प्रधानमंत्री ने हालिया में प्लास्टिक के प्रति एक संवेदनशील आंदोलन का आह्वान किया है। उससे दो बातें बड़ी साफ हैं। पहली बात ये कि अगर देश का प्रधानमंत्री इस समस्या के प्रति गंभीर है तो इसका मतलब प्लास्टिक के दुष्प्रभाव आज बदतर हालात में पहुंच चुके हैं। दूसरी बड़ी...

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