Day: August 20, 2019

एस श्रीनिवासन, वरिष्ठ पत्रकार  मूसलाधार बारिश और बाढ़ से तबाह केरल-कर्नाटक से अनेक मार्मिक कहानियां सुनने को मिल रही हैं। एक कहानी बूढ़ी ईसाई महिला की है, जिन्होंने पास के मंदिर में शरण लेना मुनासिब समझा, क्योंकि वह जगह उन्हें सबसे सुरक्षित लगी। एक अन्य कहानी केरल के मलप्पुरम जिले के तीन नौजवानों की है,...

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अतिवृष्टि और तबाही (हिन्दुस्तान)

अगस्त का महीना भारत के लिए हमेशा ही बाढ़ का महीना होता है। इस महीने तक अगर बाढ़ की खबरें न आने लगें, तो मान लिया जाता है कि सूखा पड़ गया है। बाढ़ जो विनाश लाती है, वह भी हमारे लिए नया नहीं रहा है। लेकिन इस बार यह सब जिस तरह से और...

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हमारे लिए कभी मंत्री नहीं थे छोटका काका (हिन्दुस्तान)

राजीव मिश्र, पूर्व सीईओ, लोेकसभा टीवी यह मेरे जीवन का अब तक का सबसे काला दिन था। मैं हर दिन की तरह 19 अगस्त, 2019 की सुबह तैयार होकर ऑफिस के लिए निकला। ऑफिस पहुंचते ही सहयोगियों के साथ सुबह की मीटिंग शुरू की। इसी बीच मेरे मोबाइल की घंटी बज उठी। संजीव भैया लाइन...

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Student suicides have spiked. Policies must be geared to decrease stress (Hindustan Times)

More than 400 students (under 18 years) committed suicide in Delhi between 2014 and 2018, a petition filed in the Supreme Court has revealed. A public interest litigation (PIL), filed by Gaurav Kumar Bansal, requested the SC to direct all Indian states to plan, design, formulate and implement health programmes to prevent and reduce suicides....

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निर्देश देने की शक्ति नियामकों को कर सकती है मदांध (बिजनेस स्टैंडर्ड)

सोमशेखर सुंदरेशन कंपनी अधिनियम में सरकार को ‘निर्देश देने’ की शक्ति दे दी गई है। इस दिशा में कदम धारा 135 में प्रावधान कर उठाया गया है जो कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के निर्वहन में स्वैच्छिक खर्च को अनिवार्य दायित्व में बदलने की बात करता है। हालांकि यह स्तंभ सीएसआर व्यय संबंधी प्रावधान को आपराधिक...

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भ्रामक बयान (बिजनेस स्टैंडर्ड)

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन की पहली बरसी पर सरकार ने उनके कार्यकाल के प्रमुख सिद्धांतों में से एक पर प्रश्नचिह्न लगा दिया। सन 1998 में वाजपेयी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार ने जिस पोकरण में परमाणु परीक्षण किया था, उसकी यात्रा के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया...

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संपादकीयः संकट और सवाल (जनसत्ता)

अभी महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और केरल की भयावह बाढ़ का पानी उतरा भी नहीं है कि पहाड़ी राज्य- हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आ गए हैं। हिमाचल में बारिश और इससे हुए हादसों में बाईस लोग मारे जा चुके हैं, जबकि उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में बादल फटने से बीस...

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संपादकीयः आतंक का सिलसिला (जनसत्ता)

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक विवाह समारोह के दौरान आत्मघाती बम विस्फोट में तिरसठ लोगों के मारे जाने और करीब दो सौ लोगों के बुरी तरह घायल होने के बाद एक बार फिर यह सवाल उठा है कि वहां जिस शांति प्रक्रिया की कवायदें चलने की बातें की जा रही हैं, उनका हासिल क्या...

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कर राजस्व नहीं जीडीपी को दी जाए प्राथमिकता (बिजनेस स्टैंडर्ड)

अजय शाह व्यापक तौर पर यही समझा जाता है कि हमारे देश में विभिन्न कंपनियों पर लगने वाले करों की दर वैश्विक मानकों के अनुरूप नहीं हैं। विदेशी निवेशकों के साथ-साथ देश के कराधान पर भी यही बात लागू होती है। अनिवासी निवेशकों के कराधान के कारण भारतीय कंपनियों की पूंजी की लागत बढ़ती है...

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स्किल है, काम चाहिए (नवभारत टाइम्स)

यह वाकई चिंता की बात है कि मेक इन इंडिया और स्किल इंडिया जैसी योजनाएं उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं दे पा रही हैं। भारत में औद्योगिक उत्पादन बढ़ाने और बड़ी तादाद में लोगों को रोजगार दिलाने का इनका मकसद अधूरा ही रह जा रहा है। नैशनल स्किल डिवेलपमेंट कॉरपोरेशन (एनएसडीसी) के प्रमुख और लार्सन...

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