Day: August 16, 2019

युद्ध की आर्थिकी नहीं झेल पाएगा पाक (दैनिक ट्रिब्यून)

जयंतीलाल भंडारी हाल ही में 11 अगस्त को पाकिस्तान ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स द्वारा जारी महंगाई के आंकड़ों के अनुसार पाकिस्तान में महंगाई छलांगें लगाकर बढ़ रही है। जुलाई 2019 में पाकिस्तान में महंगाई दर 10.34 फीसदी रही जो कि पिछले साल जुलाई 2018 में 5.86 फीसदी थी। पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा लगाए...

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विश्वसनीय चुनाव प्रक्रिया के लिए जरूरी (दैनिक ट्रिब्यून)

अनूप भटनागर देश के अनेक राजनीतिक दल चुनावों में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों के इस्तेमाल का विरोध करते हुए मतपत्र प्रणाली लागू करने की मांग करते रहे हैं वहीं निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रक्रिया में मतपत्र और मतपेटियों के इस्तेमाल की संभावना को एक बार फिर सिरे से नकार दिया है। निर्वाचन आयोग द्वारा मतपत्रों के...

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विपरीत हालात में ब्याज कटौती निष्प्रभावी (दैनिक ट्रिब्यून)

भरत झुनझुनवाला रिज़र्व बैंक ने हाल में ब्याज दर में एक बार फिर कटौती की है। सोच है कि ब्याज दर न्यून होने से उपभोक्ता एवं निवेशक दोनों अधिक मात्रा में ऋण लेंगे। उपभोक्ता ऋण लेकर बाइक खरीदेगा एवं निवेशक ऋण लेकर बाइक बनाने की फैक्टरी लगाएगा। उपभोक्ता द्वारा बाज़ार से बाइक खरीदी जाएगी और...

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खुद को जानने का अवसर है एकांत (दैनिक ट्रिब्यून)

रेनू सैनी क्या आप खुद के साथ कभी डेट पर गए हैं? यह पढ़कर आपको अटपटा अवश्य लग रहा होगा और आप सोच रहे होंगे कि भला खुद के साथ भी कभी डेट पर जाया जाता है। आज डिजिटल कनेक्टिविटी की बदौलत व्यक्ति को अपने साथ रहने का अवसर कम ही मिल पाता है। यही...

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मौजूदा प्रयासों से शायद ही खत्म हो सकेगी गरीबी (हिन्दुस्तान)

पुनर्जित रायचौधरी, असिस्टेंट प्रोफेसर, आईआईएम, इंदौर अपने देश में, खासतौर से 1991 के बाद के उदारीकरण के दौर में आर्थिक असमानता काफी ज्यादा बढ़ी है। 2018 की ऑक्सफैम रिपोर्ट से स्पष्ट होता है कि 1993-94 से 2011-12 के दरम्यान शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों में खपत से जुडे़ जिनी सूचकांक (असमानता मापने का सांख्यिकी माध्यम)...

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स्वतंत्रता का उत्सव (हिन्दुस्तान)

भारत की स्वतंत्रता पूरे संसार के लिए न केवल आदर्श है, बल्कि अनुकरणीय भी है। भारत तन-मन की विविधता से संपन्न ऐसा विस्तृत परिवार है कि किसी को भी उसके होने और टिके रहने पर सुखद आश्चर्य ही होगा। भारत पर शक तो इंग्लैंड के प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल ने आजादी के मौके पर ही जाहिर...

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कठिनाई भरे आर्थिक हालात को नकार नहीं रहे प्रधानमंत्री मोदी (बिजनेस स्टैंडर्ड)

ए के भट्टाचार्य प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए पहले साक्षात्कार पर मीडिया की करीबी निगाह रहती है और वह उसका विश्लेषण भी करता है। इस सप्ताह के आरंभ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई सरकार के गठन के बाद पहला साक्षात्कार द इकनॉमिक टाइम्स को दिया। महत्त्वपूर्ण बात यह है कि उन्होंने अपने पहले साक्षात्कार के...

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आगे की सुध (हिन्दुस्तान)

ऐसा बहुत कम ही होता है कि प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संबोधन एक सप्ताह के भीतर ही दो बार हो जाए। लेकिन इस बार ऐसा ही हुआ। हालांकि 8 अगस्त की शाम को जब वह देश को संबोधित कर रहे थे, तो एक खास मुद्दा और मसला था। तब उनका मकसद संविधान के अनुच्छेद...

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जलवायु परिवर्तन से जंग (बिजनेस स्टैंडर्ड)

जलवायु परिवर्तन और भूमि विषय पर संयुक्त राष्ट्र के जलवायु परिवर्तन संबंधी अंतरसरकारी पैनल (आईपीसीसी) द्वारा जारी विशेष रिपोर्ट ने वैश्विक तापवृद्घि से लड़ाई में एक नया आयाम जोड़ा है। इसने जलवायु संकट को दूर रखने के लिए भूमि के उचित इस्तेमाल को एक प्रमुख पूर्व शर्त बताया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि...

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जीवंत है स्वतंत्रता की भावना : आजादी से पहले कांग्रेस में हर तरह के मत वाले लोग थे(अमर उजाला)

सुब्रत मुखर्जी, पूर्व प्राध्यापक हाल ही में केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी कर दिया, जो जम्मू-कश्मीर के विकास में बाधक बन रहा था। मौजूदा केंद्र सरकार ने साहसिक फैसला लेते हुए इस अस्थायी अनुच्छेद को निष्प्रभावी कर दिया। इस पृष्ठभूमि में आज के स्वतंत्रता दिवस का महत्व कुछ और बढ़ जाता...

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