Day: August 12, 2019

जम्मू-कश्मीर में अब अर्थ से मिटेगा अनर्थ, GDP में सुधार एकीकरण के लिए जरूरी (दैनिक जागरण)

डॉ विकास सिंह। जिस तरह से कश्मीरियों का शेष भारत पर अधिकार है, उसी तरह से अब शेष भारत का इस नए राज्य में अधिकार होगा। अब हमें वर्तमान और भविष्य के लिए काम करना है। आर्थिक एकीकरण के बिना राजनीतिक एकीकरण का अर्थ कुछ भी नहीं। आर्थिक और सामाजिक विकास की सुस्ती दूर करना,...

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कश्मीर के भावात्मक एकीकरण को देश ठान ले तो कोई ताकत उसे रोक नहीं सकती (दैनिक जागरण)

डॉ गोविंद सिंह। अनुच्छेद 370 खत्म होने का बाद भी यह सवाल बना ही हुआ है कि यह कश्मीरियों के दिलों से कैसे दूर होगा? कैसे उन्हें यकीन हो कि उनका भविष्य भारत भूमि के साथ ही महफूज है। उन्हें कैसे भरोसा हो कि उनके साथ वह सब नहीं होगा, जैसा कि ये झूठे राजनेता...

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कश्मीरियत बनाम जम्हूरियत: धरती के स्वर्ग में अब लगेंगे चार चांद (दैनिक जागरण)

प्रो. धीरज शर्मा। अनुच्छेद 370 के खात्मे के साथ ही भारत का भाल जम्मू कश्मीर देश के धड़ से हर तरीके से जुड़ चुका है। ऐतिहासिक भूल को सुधारने वाली मोदी सरकार के साथ विश्व बिरादरी खड़ी है, वहीं देश के कुछ लोग वोट बैंक की राजनीति के चलते इस क्रांतिकारी भूल सुधार में मीन...

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कांग्रेस को निर्णायक नेतृत्व की जरूरत थी, लेकिन सोनिया को कमान सौंपकर पार्टी ने मौका गंवा दिया (दैनिक जागरण)

[ अवधेश कुमार ]: कांग्रेस में जिस तरह पार्टी अध्यक्ष के चयन को लेकर मंथन चलता दिख रहा था उससे कुछ समय के लिए यह भ्रम अवश्य पैदा हुआ कि शायद इस बार कोई नया नाम निकलकर सामने आए। मगर सोनिया गांधी को अंतरिम अध्यक्ष बनाए जाने का पहला निष्कर्ष यही है कि परिवार से...

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देर से उठा दुरुस्त कदम: Article 370 हटने से कश्मीर-शेष भारत के बीच गिरी दीवार, विकास का मार्ग खुला (दैनिक जागरण)

[ प्रकाश सिंह और प्रतिभा नैथानी ]: कश्मीर को लेकर आजादी के समय से ही देश में अनिश्चितता बनी हुई थी। स्वतंत्रता के बाद भारत में रियासतों को तीन विकल्प दिए गए थे। पहला कि वे स्वतंत्र देश के रूप में अपना अस्तित्व बनाए रख सकते हैं। दूसरा वे भारत में शामिल हो सकते हैं...

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संपादकीय: सकारात्मक समझौता (जनसत्ता)

पूर्वोत्तर लंबे समय से अशांत है। वहां कुछ अलगाववादी संगठन और कई जातीय संगठन सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगातार चुनौतियां पेश करते रहे हैं। इन संगठनों पर कई बार लगाम कसने के लिए कड़े कदम उठाए गए, तो कई बार बातचीत के जरिए उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास भी हुए, मगर कोई उल्लेखनीय सकारात्मक...

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Article 370 हटाए जाने के भारत के फैसले पर पाक का रोना-धोना सुनने के लिए कोई देश तैयार नहीं (दैनिक जागरण)

जम्मू-कश्मीर पर रूस के बयान के बाद यह और अच्छे से स्पष्ट हो गया कि इस मसले पर पाकिस्तान को कुछ हासिल होने वाला नहीं है। रूस ने जम्मू-कश्मीर संबंधी अनुच्छेद 370 हटाने के भारत के फैसले को भारत का आतंरिक मामला करार दिया है। कुछ ऐसी ही राय अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात व्यक्त...

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Analysis: खुल गया लद्दाख की मुक्ति का रास्ता, विकास की राह खुलने की जगी उम्मीद (दैनिक जागरण)

[प्रमोद भार्गव]। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक-2019 के लागू होने के बाद इस राज्य की भूमि का ही नहीं, राजनीति का भी भूगोल बदलेगा। इसके साथ ही विधानसभा सीटों के परिसीमन के जरिये राजनीतिक भूगोल बदलने की कोशिश भी होगी। नए सिरे से परिसीमन व आबादी के अनुपात में जम्मू-कश्मीर की नई विधानसभा का जो आकार सामने...

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ग्लोबल बैंकिंग इंडस्ट्री की पसंद बना भारत (पंजाब केसरी)

एक ओर जहां भारतीय अर्थव्यवस्था में मंदी के मिल रहे संकेतों को लेकर आॢथक विशेषज्ञ चिंता जताते हुए सरकार से स्थिति को सम्भालने के लिए करों में कमी जैसे जरूरी कदम उठाने का आह्वान कर रहे हैं वहीं एक दिलचस्प रुझान के अंतर्गत दुनिया भर की बैंकिंग इंडस्ट्री अपने काम का बड़ा हिस्सा भारत में...

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संपादकीय: बाढ़ का कहर (जनसत्ता)

इस बार महाराष्ट्र, गुजरात से लेकर कर्नाटक और केरल तक में बाढ़ से जो तबाही मची है उससे यह तो साफ है कि मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी के बावजूद सरकारों ने बचाव के शायद ही कोई पर्याप्त उपाय पहले से किए हों। पिछले चार दिनों में इन राज्यों में हुई भारी मानसूनी...

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