Day: July 15, 2019

चांद को छूने की नई चाहत: चंद्रयान-2 मिशन भारत के तकनीकी विकास की मिसाल बनेगा (दैनिक जागरण)

[ सृजन पाल सिंह ]: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) चंद्रयान-2 मिशन के जरिये चंद्रमा की एक नई यात्रा पर निकल चुका है। दुनिया में अंतरिक्ष को खोजने की यह होड़ अक्टूबर 1957 में शुरू हुई थी जब तत्कालीन सोवियत संघ ने स्पुतनिक-1 को अंतरिक्ष की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित कर एक नए युग का...

This content is for Welcome Subscription Special  offer, Monthly Subscription, Half-yearly Subscription and Yearly Subscription members only.
Log In Register

जानें कैसे अनुसंधान और शोध ने रोजमर्रा के जीवन को बनाया आसान (दैनिक जागरण)

प्रो बीवी फणी]। अनुसंधान के क्षेत्र में भारत पूरी दुनिया में अपना सिक्का जमा रहा है। देश के नामी गिरामी शोध संस्थान व तकनीकी शिक्षण संस्थानों की इसमें जबरदस्त भागीदारी है। लेकिन समय के साथ शोध व अनुसंधान की सीरत बदली है। केवल नई तकनीक विकसित करने के लिए अब अनुसंधान नहीं किए जा रहे...

This content is for Welcome Subscription Special  offer, Monthly Subscription, Half-yearly Subscription and Yearly Subscription members only.
Log In Register

बजट-भाषण में कवि, लेखक, विचारक (प्रभात खबर)

रविभूषण वरिष्ठ साहित्यकार अभी तक संभवत: इस पर विचार-विमर्श नहीं हुआ है कि स्वाधीन भारत के वित्त मंत्रियों ने अपने बजट-भाषण में कवियों, लेखकों और विचारकों को उद्धृत करने की आवश्यकता क्यों समझी और यह सिलसिला कब से आरंभ हुआ. यह एक रोचक, अध्ययन-विवेचन का विषय है, जिस पर न तो लेखकों का ध्यान गया,...

This content is for Welcome Subscription Special  offer, Monthly Subscription, Half-yearly Subscription and Yearly Subscription members only.
Log In Register

Another milestone for Indian technology (The Economic Times)

India’s first space mission to target an extraterrestrial landing, Chandrayaan-2, would have commenced by the time you read this. It is a signal achievement for India’s technological capability, in areas ranging from rocket propulsion, signals and communications, materials, robotics, remote guidance and even artificial intelligence, to let the lunar lander navigate on its own on...

This content is for Welcome Subscription Special  offer, Monthly Subscription, Half-yearly Subscription and Yearly Subscription members only.
Log In Register

Commendable move, needs more rigour (The Economic Times)

The decision to create dedicated legislation on occupational safety and health as part of overhauling India’s myriad labour laws is welcome. The draft combines provisions from 13 laws for different sector and extends the mandate to all establishments employing 10 or more people. Occupational safety and health are important for improved productivity and growth. However,...

This content is for Welcome Subscription Special  offer, Monthly Subscription, Half-yearly Subscription and Yearly Subscription members only.
Log In Register

गरीबी की चुनौती (जनसत्ता)

शायद ही कोई साल ऐसा बीतता हो जब यह खबर नहीं आए कि भारत ने गरीबी दूर करने में और कामयाबी हासिल की। देश-विदेश स्थित संस्थानों के शोध अध्ययनों, सरकारी रिपोर्टों, विश्व बैंक आदि की रिपोर्टों से ही पता चलता है कि हमारी सरकार कितने करोड़ और गरीबों पर से गरीबी का कलंक मिटाने में...

This content is for Welcome Subscription Special  offer, Monthly Subscription, Half-yearly Subscription and Yearly Subscription members only.
Log In Register

पाकिस्तान में कम नहीं हैं विराट को चाहने वाले (हिन्दुस्तान)

मेहर तरार पाकिस्तानी लेखिका पाकिस्तान में हर कोई विराट कोहली से प्यार करता है। ये सभी ऐसे हैं, जो क्रिकेट में रुचि रखते हैं। इनमें वे भी शामिल हैं, जो भारत और पाकिस्तान के बीच किसी क्रिकेट मैच को आमने-सामने की लड़ाई से कम नहीं मानते। पाकिस्तान में क्रिकेट से प्यार करने वाले योग्यता के...

This content is for Welcome Subscription Special  offer, Monthly Subscription, Half-yearly Subscription and Yearly Subscription members only.
Log In Register

सूखे सावन की आशंकाओं के बीच (हिन्दुस्तान)

अनिल प्रकाश जोशी पर्यावरणविद् सावन आने को है, लेकिन उम्मीदों की जमीन सूखी है और आसमान सूना। वैसे तो इस बार शुरुआती दौर से ही मानसून के मिजाज बिगडे़ हुए थे। आषाढ़ का महीना आते-आते जो नदी-नाले भर जाते थे, वे सब के सब सूखे पड़े हैं। मानसून को केरल में जून महीने के शुरू...

This content is for Welcome Subscription Special  offer, Monthly Subscription, Half-yearly Subscription and Yearly Subscription members only.
Log In Register

पदयात्रा के राजनीतिक निहितार्थ (हिन्दुस्तान)

शशि शेखर बहुत छोटा था, जब पिता के साथ विनोबा भावे से मिलने का मौका मिला था। पिता उन्हें अंतिम गांधीवादी मानते थे। उस शाम जमीन पर आसन जमाए विनोबा से पिता ने पूछा था कि क्या आपको नहीं लगता कि बापू का ‘राम राज्य’ का सपना बिखर रहा है? जवाब मिला- ‘एक तरह से...

This content is for Welcome Subscription Special  offer, Monthly Subscription, Half-yearly Subscription and Yearly Subscription members only.
Log In Register

हरियाली और रास्ता (हिन्दुस्तान)

यह कोई रॉकेट साइंस नहीं है। सड़क चलते किसी आदमी से भी अगर आप पूछें कि पर्यावरण में बदलाव और प्रदूषण से लड़ने का क्या तरीका है, तो ज्यादातर मामलों में वह यही कहेगा कि पेड़ लगाओ और हरियाली बढ़ाओ। यह तकरीबन हर कोई जानता है कि जैसे-जैसे जंगल कटते गए, धरती प्रदूषण और कार्बन...

This content is for Welcome Subscription Special  offer, Monthly Subscription, Half-yearly Subscription and Yearly Subscription members only.
Log In Register