Day: July 9, 2019

हाशिये पर नदी (जनसत्ता)

नदियों को जोड़े जाने की परियोजना देश की बड़ी और महत्त्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है। लेकिन इस बार केंद्र सरकार के सालाना बजट में नदी जोड़ो परियोजना के लिए सिर्फ एक लाख रुपए रखे गए हैं। यह बात चौंकाने वाली इसलिए है कि खरबों रुपए वाली इस लंबी-चौड़ी परियोजना को करीब अट्ठाईस लाख करोड़...

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संपादकीय: हादसों की सड़क (जनसत्ता)

सोमवार तड़के यमुना एक्सप्रेस-वे पर जिस तरह का हादसा हुआ, उसने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर किया है कि आधुनिक और बेहतरीन सड़कें केवल रफ्तार के लिहाज से जरूरी हैं या फिर उन पर सफर का सुरक्षित होना पहले सुनिश्चित किया जाना चाहिए। लखनऊ से दिल्ली की ओर जा रही उत्तर प्रदेश परिवहन...

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A shot at economic logic (The Hindu)

Mahesh Sachdev The 12th Extra-Ordinary Summit of the African Union (AU) which concluded on July 8 at Niamey, the capital of the Niger Republic, saw 54 of 55 of its member states signing the African Continental Free Trade Agreement (AfCFTA) for goods and services. Of these countries, 27 have already ratified it. Actual cross-border free...

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The visible hand: on BJP’s position in the Karnataka political crisis (The Hindu)

The political crisis in Karnataka that has been brewing for months has boiled over, threatening the Congress-Janata Dal(S) coalition government. With 13 of its MLAs resigning from the Assembly in phases, and one independent withdrawing his support, the coalition’s original strength of 118 in the 224-seat House appears to have come down to 104. If...

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A regrettable conviction: on Vaiko being found guilty of sedition (The Hindu)

The conviction of prominent pro-LTTE politician Vaiko on the charge of sedition, based on a typically impassioned speech he had made in Chennai a decade ago, is a worrying development. Even though Section 124A, the IPC section that makes sedition an offence, attracts either a three-year term or imprisonment for life, the trial court sentenced...

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Reinforcing caste hierarchies: on Maratha quota (The Hindu)

Ashwini Deshpande The description “backward” to define communities is yet another colonial relic which we, as a collective, embrace with such enthusiasm, that we almost forget what it is supposed to mean. Nowhere is this more apparent than in the arguments in favour of reservations by landowning castes that are politically and economically dominant. The...

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कांग्रेस को कहां ले जाएगा यह इस्तीफा? विरोधी इसे दिखावा और पूर्व नियोजित रणनीति बताते हैं (अमर उजाला)

नीरजा चौधरी इस्तीफा देने से रोकने के तमाम प्रयासों के बावजूद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव में अपनी पार्टी की करारी हार की जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके विरोधी इसे दिखावा और पूर्व नियोजित रणनीति बताते हैं कि पार्टी फिलहाल एक कामचलाऊ व्यवस्था बनाना चाहती है और फिर...

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जवाबदेह व्यवस्था बनाने की जरूरत : हमारा देश विकसित देशों की श्रेणी में नहीं गिना जाता (अमर उजाला)

शिवदान सिंह उन्नीसवीं शताब्दी में विश्व के ज्यादातर देशों को स्वतंत्रता मिली और इन देशों में लोकतांत्रिक व्यवस्था लागू हुई, तभी से पूरा विश्व विकास की दृष्टि से विकसित, विकासशील एवं आर्थिक रूप से पिछड़े देशों की श्रेणी में बंटा हुआ है। भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक, सैनिक तथा आर्थिक दृष्टि से एक मजबूत...

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बजट और सरकारी बेताल का बोझ : सरकार के सामने एक दबंग बजट पेश करने का मौका था (अमर उजाला)

शंकर अय्यर, वरिष्ठ पत्रकार इस बजट की अच्छी बात यह है कि कोई नुकसान यह नहीं पहुंचाता-अर्थव्यवस्था को यह कोई नया दर्द नहीं देता। लेकिन निराश करने वाली बात यह है कि अर्थव्यवस्था में पहले से व्याप्त दर्द दूर करने का इसने कम ही प्रयास किया है। इस दर्द से, जो विरासत में प्राप्त किए...

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सुविचारित ढंग से तैयार किया गया राजनीतिक बजट (बिजनेस स्टैंडर्ड)

ए के भट्टाचार्य वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गत शुक्रवार को जो केंद्रीय बजट पेश किया, उसके बारे मे कहा गया कि उसके केंद्र में ग्रामीण भारत था। उन्होंने 2019-20 के अपने बजट भाषण में कहा ‘हम जो कुछ करते हैं, उसके केंद्र में हम गांव, गरीब और किसान को रखते हैं।’ उन्होंने स्पष्टï किया...

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