Day: June 22, 2019

आबादी में असंतुलन (नवभारत टाइम्स )

संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक आबादी रिपोर्ट-2019 में ऐसे कई ट्रेंड्स रेखांकित किए गए हैं जो हम सबसे सजग होने की मांग करते हैं। विश्व जनसंख्या में बढ़त-घटत के ये रुझान न केवल हमारी जीवन शैली से जुड़ी सामाजिक सांस्कृतिक मान्यताओं में बदलाव की जमीन तैयार कर रहे हैं बल्कि दुनिया की सभी सरकारों में इस...

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उम्मीद मनभावन की (राष्ट्रीय सहारा)

राजीव सिंह भारत की प्रथम महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए पांच जुलाई, 2019 को केंद्रीय बजट पेश करेंगी। यह उनका पहला बजट होगा। बजट पेश किए जाने से एक दिन पूर्व 2019-20 का आर्थिक सव्रे प्रस्तुत किया जाएगा। बजट की तैयारी के इन दिनों में वह तमाम पक्षों, उद्योग संगठनों...

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From the heart of a crowd (The Indian Express)

Written by Arundhati Roy I find myself thinking of the essays in this book as pieces of laundry — poor people’s washing — strung out across the land-scape between these two monuments, interrupting the good news bulletins and spoiling the view. They were written over a period of twenty years during which India was changing...

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Pakistan’s First Lady (The Indian Express)

Written by Khaled Ahmed If there is anyone in Pakistan’s history who is bypassed by state historians, it is the wife of Liaquat Ali Khan, Pakistan’s first prime minister who was assassinated in 1951. Her ignored life is being recalled by a much-awaited book, and the facts revealed about Begum Ra’ana Liaquat Ali Khan will...

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Analysis: यूरेशिया में भारत का बढ़ता प्रभाव, हर वैश्विक मंच पर पाक को अलग-थलग कर रहे PM Modi (दैनिक जागरण)

[डॉ. रहीस सिंह]। यह भारत-पाकिस्तान के संबंधों में आए ठहराव का ही असर है कि किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग सम्मेलन (एससीओ) में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तानी पीएम इमरान खान एक-दूसरे के सामने आने पर भी बातचीत करते नजर नहीं आए। हालांकि, दोनों लीडर्स लाउंज में मिले और एक-दूसरे के...

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The litchis of wrath (The Indian Express)

Written by Narayani Gupta The Bitter Cry of Children was the title of a book (1906) by the American writer, John Spargo, one of the group labelled “The Muckrakers”. It described in graphic detail the conditions of child labourers. Earlier, in 1883, Mearns and Preston had published The Bitter Cry of Outcast London. History can...

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Analysis: कश्मीर में कुछ नया करने की जरूरत, तिरंगे में लिपटे सैनिकों के ताबूत सरकार की न बनने पाएं पहचान (दैनिक जागरण)

सी उदयभास्कर। जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने भले ही बीती 15 जून को यह कहा हो कि राज्य में आतंकी गतिविधियां कम हुई हैं और हालात में ‘काफी’ सुधार हुआ है, लेकिन हकीकत इससे उलट दिखती है। कुछ हालिया घटनाएं संकेत करती हैं कि हिंसा फिर से सिर उठा रही है। कई जवान हुए...

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Lessons from a verdict (The Indian Express)

Written by K M Chandrasekhar To me, the 2019 election has been a unique, rather disturbing, experience. It was back in 1991 that a similar shake up of my thinking occurred when the socialist, anti-rich, pro- labour, protectionist mindset to which I had been accustomed had to suddenly re-adjust to an entirely new economic thought...

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सुधारों के इंतजार में कारागार, जेल प्रशासकों को नहीं दिखती महिला बंदियों की जरूरतें (दैनिक जागरण)

डॉ. वर्तिका नंदा। भारत में जेलों की हालत क्या है, इसे देखने की फुरसत किसी के पास नहीं है। बंदियों के पास चुनाव में वोट देने का अधिकार होता तो शायद स्थितियां अलग होतीं। चूंकि ऐसा नहीं है, इसलिए जेल की बुरी खबरें ही अक्सर सुर्खियां बनती हैं, जेल की जिंदगियां और उनकी गुजर-बसर नहीं।...

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पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा के बीच केंद्र के साथ टकराव के रास्ते पर ममता (दैनिक जागरण)

[पीयूष द्विवेदी]। पश्चिम बंगाल इस समय लगातार चर्चा में बना हुआ है, मगर दुर्भाग्यवश चर्चा के कारण नकारात्मक हैं। बीते दिनों डॉक्टरों पर हमले के बाद राज्य सरकार के अड़ियल रवैये के कारण उनकी हड़ताल का जो प्रकरण घटित हुआ, उसका असर पूरे देश में दिखाई दिया। शुरुआत में डॉक्टरों के प्रति अनावश्यक सख्ती दिखाने...

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