Day: June 14, 2019

उदाहरण बन सकती है नौकरशाही की यह सफाई (हिन्दुस्तान)

अवधेश कुमार, वरिष्ठ पत्रकार सरकार ने भ्रष्टाचार और यौन शोषण वगैरह के आरोपों वाले एक साथ एक दर्जन उच्चाधिकारियों को जबरन सेवामुक्त करके सनसनी पैदा कर दी है। साथ ही यह संदेश भी दे दिया है कि सरकार अब किसी भ्रष्ट आचरण को सहन करने के लिए तैयार नहीं है और नियम के तहत जो...

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सरकार से उम्मीदें (हिन्दुस्तान)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को आला अधिकारियों को और बुधवार को मंत्रियों को जिस तरह से प्रेरित किया, उससे न केवल राज्य सरकारों, बल्कि देशवासियों को भी सीखना चाहिए। प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को समय से कार्यालय आकर कुशलता से कार्य करने की जो नसीहत दी है, उसकी आवश्यकता स्वाभाविक ही महसूस की जा सकती...

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चुनाव बाद हिंसा में झुलसता बंगाल (हिन्दुस्तान)

हरिराम पांडेय, वरिष्ठ पत्रकार पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा इसके इतिहास का एक अभिन्न अंग रही है और वर्तमान में जो कुछ भी हो रहा है, उसमें इतिहास के प्रतिबिंब देखे जा सकते हैं। बेशक इस हिंसा के स्वरूप बदलते रहे हैं। मगर धीरे-धीरे यह ज्यादा हिंसक और व्यापक होता जा रहा है। 12 जून...

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ट्रंप की सनक से बढ़ीं भारत-चीन की मुश्किलें (दैनिक ट्रिब्यून)

जी. पार्थसारथी जापान के ओसाका शहर में 28-29 जून को होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन में दुनियाभर से विकसित और विकासशील देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल होने जा रहे हैं। हालिया आम चुनाव में शानदार जीत के बाद यह अवसर प्रधानमंत्री मोदी के लिए बहुत महत्वपूर्ण होने जा रहा है, जहां उनकी मुलाकात राष्ट्रपति ट्रंप, शी...

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न्यायिक पहल के बाद केंद्र की जवाबदेही (दैनिक ट्रिब्यून)

अनूप भटनागर लोकसभा चुनाव संपन्न होने के तुरंत बाद ही देश में बढ़ती आबादी का मुद्दा गरमाने लगा है। मांग है कि जनसंख्या पर नियंत्रण के लिये कानून में संशोधन किया जाये। साथ ही संविधान के कामकाज की समीक्षा के लिये गठित आयोग के सुझाव के अनुरूप संविधान में अनुच्छेद 47-ए जोड़ा जाये। देश की...

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मेरिट की रट और जिगर के टुकड़े (दैनिक ट्रिब्यून)

शमीम शर्मा एक स्कूल ने रिजल्ट घोषित किये जाने वाले दिन मेन गेट पर बोर्ड लगवाया-बच्चो! खराब रिजल्ट देखकर कोई भी गलत कदम मत उठाना। मार्कशीट तो बस कागज़ का टुकड़ा है और तुम किसी के जिगर के टुकड़े हो। बच्चों को कितना ही समझा लो पर आये साल परीक्षा परिणाम घोषित होने पर दो-चार...

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अभिव्यक्ति की हद (नवभारत टाइम्स)

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में सीआरपीएफ के गश्ती दल पर हुए आतंकी हमले ने चिंता बढ़ी दी है। हमले में सीआरपीएफ के पांच जवान शहीद हुए हैं। इस साल फरवरी में पुलवामा हमले के बाद चलाए गए बड़े अभियान में कई आतंकी मारे गए लेकिन कुछ दिनों की शांति के बाद स्थितियां फिर गड़बड़ाती दिख रही...

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भ्रांतियों के कारण पीछे भारतीय (राष्ट्रीय सहारा)

पूनम नेगी किसी स्वस्थ व्यक्ति के रक्त की कुछ बूंदें किसी मरते हुए व्यक्ति की जान बचा सकती हैं। रक्त का कोई विकल्प नहीं है क्योंकि न इसे बनाया जा सकता है, और न ही किसी मनुष्येत्तर जीव का रक्त चढ़ाया जा सकता है। इसीलिए रक्तदान को महादान माना जाता है। हर दूसरे सेकेंड में...

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कानून बनें विधेयक (राष्ट्रीय सहारा)

नरेन्द्र मोदी सरकार की दूसरी मत्रिमंडलीय बैठक में लिए गए निर्णयों से साफ है कि पूर्व सरकार के दौरान उठाए उन कदमों पर भी वह आगे बढ़ने को दृढ़ है जिनका विपक्ष ने विरोध किया था। एक बार में तीन तलाक (तलाक ए बिद्दत) की परंपरा पर पाबंदी लगाने वाले नये विधेयक के प्रारूप को...

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पुलवामा के बाद (राष्ट्रीय सहारा)

फरवरी माह में पुलवामा में सुरक्षा बलों पर आतंकी हमले की प्रतिक्रियास्वरूप भारत द्वारा पाकिस्तान स्थित बालाकोट में आतंकी शिविरों को ध्वस्त करने के बाद ऐसा लग रहा था कि कश्मीर में आतंकी गतिविधियां थम जाएंगी, लेकिन उसके बाद के अनुभव से यह धारणा कमजोर पड़ती दिख रही है। हालांकि पुलवामा हमले के बाद भी...

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