Day: May 21, 2019

इस सोच के खतरनाक मंसूबे भी समझें (दैनिक ट्रिब्यून)

राजेश रामचंद्रन भाजपा को उस वक्त शर्मिंदगी उठानी पड़ी जब भोपाल से भाजपा प्रत्याशी और आतंक फैलाने की आरोपी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने गांधीजी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को राष्ट्रभक्त बताया लेकिन इसके बावजूद उसकी उम्मीदवारी को बरकरार रखकर भाजपा देश के आगे शर्मिंदा होने का बायस बन गयी है। जब-जब गांधीजी के हत्यारे का...

This content is for Welcome Subscription Special  offer, Monthly Subscription, Half-yearly Subscription and Yearly Subscription members only.
Log In Register

जनप्रतिनिधियों की स्वतंत्रता का प्रश्न (दैनिक ट्रिब्यून)

भरत झुनझुनवाला चुनावी लोकतंत्र का वैचारिक आधार जीन जैक्स रूसो नाम के विचारक ने दिया था। उन्होंने कहा था कि जनता द्वारा चयनित लोगों को जनता पर शासन का अधिकार है। अपेक्षा की जाती है कि वह जनता के हित में काम करेंगे। इसी विचारधारा को अपनाते हुए गांधीजी ने स्वतंत्रता के बाद सुझाव दिया...

This content is for Welcome Subscription Special  offer, Monthly Subscription, Half-yearly Subscription and Yearly Subscription members only.
Log In Register

उनका बेचना, हमारा सोचना (दैनिक ट्रिब्यून)

आलोक पुराणिक प्रियंका गांधी ने कह दिया कि नरेंद्र मोदी अभिनेता हैं, बेहतर होता अगर अमिताभ बच्चन प्रधानमंत्री बन जाते। बेहतर अभिनेता होने के आधार पर ही अगर पीएम बनना है तो फिर नसीरुद्दीन शाह, नवाजुद्दीन सिद्दिकी का दावा क्यों ना माना जाये। और इसे अन्यथा ना लिया जाये पर वस्त्र मुक्ति आंदोलन की वरिष्ठ...

This content is for Welcome Subscription Special  offer, Monthly Subscription, Half-yearly Subscription and Yearly Subscription members only.
Log In Register

नई सरकार के लिए चुनौती (राष्ट्रीय सहारा)

जयंतीलाल भंडारी इन दिनों अमेरिका और चीन के बीच तेजी से बढ़ते ट्रेडवार के खतरों से भारत को बचाना आने वाली सरकार की बड़ी चुनौती होगी। एक ओर चीन अपने उन उत्पादों को भारतीय बाजार में तेजी से भेजना चाहेगा जिन पर अमेरिका में आयात शुल्क बढ़ गया है। दूसरी तरफ अमेरिका भी भारत के...

This content is for Welcome Subscription Special  offer, Monthly Subscription, Half-yearly Subscription and Yearly Subscription members only.
Log In Register

रोचक और मजेदार (राष्ट्रीय सहारा)

लोक सभा चुनाव दो हजार उन्नीस के लिए बीते रविवार को हुए अंतिम चरण के मतदान के तुरंत बाद आए एग्जिट पोल की कार्यपण्राली (मिथडॉलजी) और वैज्ञानिकता की बजाय आलोचना करने के कि यह सही या गलत है, इसका तेईस मईतक भरपूर आनंद लेना चाहिए क्योंकि इसके अनुमान बहुत मजेदार और रोचक हैं। एग्जिट पोल...

This content is for Welcome Subscription Special  offer, Monthly Subscription, Half-yearly Subscription and Yearly Subscription members only.
Log In Register

एग्जिट पोल का सच (राष्ट्रीय सहारा)

जिस तरह से लगभग सारे एग्जिट पोल नरेन्द्र मोदी की वापसी का उद्घोष कर रहे हैं, उसमें 23 तक कोई बड़ी असहमति जताने का कोई मतलब नहीं है। इस बात का भी नहीं कि जब भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने तीन सौ सीटों की भविष्यवाणी की तो सारे पोल्स्टर उसी आंकड़े पर पहुंच कर क्यों...

This content is for Welcome Subscription Special  offer, Monthly Subscription, Half-yearly Subscription and Yearly Subscription members only.
Log In Register

Bag a bargain (The Indian Express)

Written by Dharmakirti Joshi, Pankhuri Tandon A year into the US-China tariff war, its implications for India are still unfolding. The glass, as it were, could be seen as half empty, or half-full. What we know is India is losing its surplus with the US. It is gaining exports, and hence, narrowing its deficit with...

This content is for Welcome Subscription Special  offer, Monthly Subscription, Half-yearly Subscription and Yearly Subscription members only.
Log In Register

Beginning of the end (The Indian Express)

Written by Surjit S Bhalla At the end of exit poll night, my co-panellist and political scientist/psephologist at CNN-IBN, Rahul Verma, turned to me and quipped: “Congratulations, You got the exit polls right”! By the strangest of coincidences, the election forecast (for the BJP and Congress alone) contained in my book Citizen Raj (and reproduced...

This content is for Welcome Subscription Special  offer, Monthly Subscription, Half-yearly Subscription and Yearly Subscription members only.
Log In Register

Raja-Mandala: The case for informal regional diplomacy (The Indian Express)

Written by C. Raja Mohan With Narendra Modi looking set to return as India’s prime minister, might he want to start his second tenure by inviting all leaders of the neighbouring countries for his inauguration? Five years ago, in May 2014, Modi surprised the region and the world with his invite and spent the first...

This content is for Welcome Subscription Special  offer, Monthly Subscription, Half-yearly Subscription and Yearly Subscription members only.
Log In Register

A polity for our times (The Indian Express)

Written by Kapil Sibal Democracy in India is evolving. It has not yet matured. It is buffeted by elements, which are inconsistent with what it stands for. A fair electoral process is just the first step in realising democratic values. It occasionally throws up a culture of power, which threatens the fundamentals of our constitutional...

This content is for Welcome Subscription Special  offer, Monthly Subscription, Half-yearly Subscription and Yearly Subscription members only.
Log In Register