Day: May 16, 2019

इस चुनावी होड़ में कितने बिगड़ गए नेताओं के बोल, आप भी जरा डाल लें एक नजर… (दैनिक जागरण)

[निरंकार सिंह]। विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ने की चुनौती देने वाले विपक्षी नेता अंतत: गाली-गलौज पर उतर आए। ममता बनर्जी हों या राबड़ी देवी, इनमें इस बात की होड़ लगी है कि कौन सबसे ज्यादा गाली मोदी को देगा। कई विपक्षी नेताओं की सबसे बड़ी पीड़ा यह है कि मोदी बेईमान-चोर क्यों नहीं हैं।...

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नफरत बनाम प्रेम का चुनाव: मोदी की जीत से तय होगा कि विकास का काम करके ही चुनाव जीता जा सकता है (दैनिक जागरण)

[ प्रदीप सिंह ]: हर चुनाव में कई मुद्दे होते हैं। कुछ नए और कुछ पुराने। पार्टियों को लगता है कि मतदाता उनके मुद्दों और उनकी बात पर भरोसा करेगा और उसी के मुताबिक वोट करेगा। नरेंद्र मोदी से पहले देश में 13 प्रधानमंत्री (गुलजारी लाल नंदा को छोड़कर) हुए हैैं, लेकिन ऐसा कभी नहीं...

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चुनाव प्रचार में झूठ का प्रदर्शन: जब झूठ बड़ा हो तो औसत इंसान सोचने पर मजबूर हो जाता है (दैनिक जागरण)

[ प्रो. मक्खन लाल ]: यह मेरा सौभाग्य है कि मैं 1967 से ही चुनावों को करीब से देख रहा हूं। पहले आम चुनावों में एक-दूसरे की आलोचनाओं के साथ ही साथ हास-परिहास भी देखने को मिलता था। व्यक्तिगत लांछन और गालियां न देकर पार्टियों की नीतियों, उनके कार्यकलापों आदि पर ज्यादा बहस और चर्चा...

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बैलेट के दौर में था बुलेट का जोर (प्रभात खबर)

सुशील कुमार मोदी उपमुख्यमंत्री, बिहार विपक्ष को जब-जब चुनाव हारने की आशंका होती है, तो वह ईवीएम पर संदेह करके बैलेट से चुनाव कराने की मांग करने लगता है. ऐसे लोग पुराने दिनों की ओर लौट कर बुझ चुकी चुनावी हिंसा की आग सुलगाने और बूथ लूट के दौर को फिर वापस लाना चाहते हैं....

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वे क्यों मर्यादा में नहीं रहते? (प्रभात खबर)

नवीन जोशी वरिष्ठ पत्रकार चुनाव-दर-चुनाव हमारी राजनीति का विमर्श नैतिकता और मर्यादा की धज्जियां उड़ाता जा रहा है. सत्रह मई 2019 की शाम लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण के मतदान के लिए प्रचार समाप्त होने के साथ ही आशा की जानी चाहिए कि मर्यादा की सीमा लांघकर अब तक के निम्नतम स्तर तक पहुंच गये...

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फिर मानसून के भरोसे (पत्रिका)

भारतीय मौसम विभाग और निजी क्षेत्र की कंपनी स्काइमेट वेदर सर्विसेज दोनों ने ही इस साल देश में मानसून देरी से आने की भविष्यवाणी की है। स्काइमेट ने कल ही कहा था कि इस बार मानसून चार दिन देरी से 4 जून को केरल तट पर पहुंच सकता है। जबकि बुधवार को भारतीय मौसम विज्ञान...

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सुरक्षा का सफर (जनसत्ता)

सड़क पर दुपहिया वाहन चलाने वाले ऐसे तमाम लोग दिख जाते हैं जो हेलमेट पहनना जरूरी नहीं समझते। ऐसे लोगों को न सिर्फ इस बात की फिक्र नहीं ही होती कि वे गैरकानूनी तरीके से वाहन चला कर कोई अपराध कर रहे हैं, बल्कि यह भी याद रखना जरूरी नहीं लगता कि इस तरह की...

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सेना की चिंता (जनसत्ता)

सेना को बेहद घटिया किस्म का गोला-बारूद मिलने की जो शिकायतें सामने आई हैं, वे चौंकाने वाली हैं। इससे इस बात का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है कि मोर्चे पर हमारे जवानों को कैसे मुश्किल हालात का सामना करना पड़ता होगा। यह गोला-बारूद अगर निजी कंपनियों में बन रहा होता या किसी दूसरे...

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लापरवाही का हासिल (जनसत्ता)

पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के आरोपी मेहुल चोकसी को भारत लाने के संबंध में अब तक सरकार जो दावे करती आ रही थी, उनकी कलई खुलने लगी है। हाल में खबर आई है कि एंटीगुआ की सरकार ने मेहुल चोकसी को भारत के हवाले करना तो दूर, उसे गिरफ्तार करने से भी इंकार कर दिया...

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खपत में इजाफे का उठाना होगा फायदा (बिजनेस स्टैंडर्ड)

आकाश प्रकाश चीन की अर्थव्यवस्था में ढांचागत धीमापन आ रहा है। ऐसे में कई निवेशक वैश्विक खपत के अगले वाहक की तलाश में हैं। माना जा रहा है कि भारत इसका फायदा उठा सकता है। 130 करोड़ की आबादी और 30 वर्ष की औसत आयु के साथ यह दुनिया की सबसे तेज विकसित होती अर्थव्यवस्था...

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