Day: May 15, 2019

तंत्र की काहिली से बिगड़ते हालात (दैनिक ट्रिब्यून)

अभिषेक कुमार सिंह जंगल की आग के बारे में यही कहा जाता है कि एक सालाना उपक्रम के तहत वहां लगने वाली आग नए सृजन का रास्ता खोलती है। ऐसा सदियों से होता आया है और आगे भी होगा। लेकिन समस्या तब है, जब यह आग अनियंत्रित हो जाए, जंगल के जीव-जंतुओं के लिए काल...

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लोकतंत्र के अंधेरे (दैनिक ट्रिब्यून)

देश के चुनाव पर नजर रखने वाली संस्था एडीआर-इलेक्शन वॉच द्वारा जुटाये गये तथ्यों के निष्कर्ष भारतीय लोकतंत्र के हर आस्थावान को परेशान करने वाले हैं। जो न केवल सभी राजनीतिक दलों को कठघरे में खड़ा करते हैं बल्कि यह भी बताते हैं कि अब राजनीति सेवा नहीं, मेवा हासिल करने का जरिया बन गई...

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अपने-अपने दांव (नवभारत टाइम्स)

17वीं लोकसभा के लिए हो रहे चुनाव की कमी या खासियत यह है कि इस बार किसी की लहर नहीं है। जनता का रुझान भी स्पष्ट नहीं है। किसी भी दल या गठबंधन की जीत को लेकर कोई दावा करना मुश्किल है। इसलिए कई नेता किसी चुनाव पूर्व मोर्चे को स्पष्ट बहुमत न मिलने की...

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मुद्दे बनाम मोदी चुनाव में ध्रुवीकरण (दैनिक ट्रिब्यून)

राजकुमार सिंह लोकसभा चुनाव का सातवां और आखिरी चरण 19 मई को होने के बाद मतगणना 23 मई को होगी। जाहिर है, तभी पता चलेगा कि विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के मतदाताओं ने क्या जनादेश दिया है। आदर्श स्थिति तो यही है कि सभी राजनीतिक दल-नेता चुनाव परिणाम की प्रतीक्षा करें और फिर जनादेश...

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अफगानिस्तान में उलझन में अमेरिका (अमर उजाला)

कुलदीप तलवार अमेरिकी नेतृत्व किसी न किसी उलझन का शिकार रहता है। हिंसाग्रस्त अफगानिस्तान के मामले में भी कुछ ऐसा ही हुआ है। उसने अफगानिस्तान में कदम जमा तो लिए, मगर अंदाजा नहीं था कि हालात इस कदर करवट लेंगे कि वहां से निकलना मुश्किल हो जाएगा। अमेरिका चाहता है कि वह वहां से इस...

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किसानों को क्यों जरूरी है सीधी मदद, सरकार को सोचना पड़ेगा (अमर उजाला)

अशोक गुलाटी भारत आज 1.35 अरब लोगों का देश है। 2017 के संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या अनुमान के मुताबिक, भारत 2024 तक चीन की आबादी को पीछे छोड़ सकता है और 2030 में 1.5 अरब आबादी के साथ दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला राष्ट्र बन सकता है। करीब दो तिहाई भारतीय 35 वर्ष से कम...

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खपत में इजाफे का उठाना होगा फायदा (बिजनेस स्टैंडर्ड)

आकाश प्रकाश चीन की अर्थव्यवस्था में ढांचागत धीमापन आ रहा है। ऐसे में कई निवेशक वैश्विक खपत के अगले वाहक की तलाश में हैं। माना जा रहा है कि भारत इसका फायदा उठा सकता है। 130 करोड़ की आबादी और 30 वर्ष की औसत आयु के साथ यह दुनिया की सबसे तेज विकसित होती अर्थव्यवस्था...

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नया शीतयुद्घ? (बिजनेस स्टैंडर्ड)

अमेरिका और चीन के बीच चल रही व्यापारिक जंग एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है। पहले तो समझौते की कुछ उम्मीद भी जताई जा रही थी लेकिन इस बार तो वह भी तेजी से नदारद हो रही है। एक समझौते के करीब पहुंचने के बाद अमेरिका ने चीन पर आरोप लगाया कि वह...

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बाह्य वाणिज्यिक उधारी की मांग बढऩे का तकलीफदेह रुझान (बिजनेस स्टैंडर्ड)

ए के भट्टाचार्य भारत की बाह्य वाणिज्यिक उधारी (ईसीबी) की मांग में पिछले साल जबरदस्त उछाल आई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के संकलित आंकड़ों से पता चलता है कि वर्ष 2018-19 में ईसीबी के लिए पंजीकरण करीब 45 फीसदी बढ़कर 41.92 अरब डॉलर हो गया जबकि एक साल पहले यह 28.87 अरब डॉलर रहा था।...

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भारत बन सकता है कृषि क्षेत्र की ताकत (बिजनेस स्टैंडर्ड)

अजय शाह खाद्यान्न के अभाव की मानसिकता काफी हद तक आधुनिक भारत से मेल नहीं खाती। उपज बढऩे के साथ स्थानीय कीमतों में गिरावट रोकने का एकमात्र तरीका यह है कि इस क्षेत्र को वैश्विक अर्थव्यवस्था से जोड़ दिया जाए। हमारा देश हर वर्ष कृषि क्षेत्र में करीब 4,000 करोड़ डॉलर का निर्यात करता है।...

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