Day: May 15, 2019

विषमता के खिलाफ लड़ाई: पिछड़ी आबादी का एक बड़ा हिस्सा आज भी निरक्षर, गरीब, लाचार और बेबस है (दैनिक जागरण)

[ केसी त्यागी ]: बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी जाति पूछने की होड़ मची। मोदी ने स्वाभिमान के साथ अपने को अति पिछड़ी जाति का स्वीकार कर उसे गर्व के साथ परिभाषित किया, लेकिन इसी के साथ भारतीय समाज की इस दुखती नस पर चाहे-अनचाहे बहस भी छिड़ गई है। चुनाव को जाति,...

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बोर्ड की परीक्षाओं में नंबरों की दौड़ को रोकना होगा और मूल्यांकन के अन्य तरीकों को अपनाना होगा (दैनिक जागरण)

[ डॉ संजीव राय ]: सीबीएसई और अन्य शिक्षा बोर्डों के दसवीं और बारहवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम आ चुके हैं। अपेक्षा के अनुरूप नंबरों के बढ़ते पैमाने के कारण अगले साल बोर्ड परीक्षा में बैठने वाले बच्चों और उनके माता-पिता पर अधिक दबाव बनना शुरू हो गया है। जिन छात्रों के 500 में से...

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पारदर्शिता से परे न्यायिक नियुक्तियां: जजों की नियुक्ति पर कार्यपालिका और न्यायपालिका में ठनी (दैनिक जागरण)

[ शंकर शरण ]: सुप्रीम कोर्ट में दो नए जजों की नियुक्ति पर कार्यपालिका और न्यायपालिका में फिर ठन सी गई है। जिन दो जजों का नाम सुप्रीम कोर्ट के कोलेजियम ने भेजा था उसे कार्यपालिका ने अस्वीकार कर दिया। कारण यह बताया कि चयन में हाईकोर्ट के जजों की वरिष्ठता का ध्यान नहीं रखा...

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सेना ने की शिकायत: युद्धक सामग्री की गुणवत्ता में खामी देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है (दैनिक जागरण)

एक ऐसे समय जब सेना की चुनौतियां बढ़ती जा रही हैैं तब उसकी ओर से इस आशय की चिट्ठी सामने आना चिंताजनक है कि उसे खराब किस्म के गोला-बारूद की आपूर्ति हो रही है। सेना को घटिया युद्धक सामग्री की आपूर्ति किया जाना बेहद गंभीर मामला है। केवल इसकी तह तक ही नहीं जाना चाहिए...

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नयी सरकार की आर्थिक चुनौतियां (प्रभात खबर)

अजीत रानाडे सीनियर फेलो, तक्षशिला इंस्टीट्यूशन केंद्रीय वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामले विभाग द्वारा जारी नवीनतम मासिक आर्थिक रिपोर्ट में कुछ चिंताजनक प्रवृत्तियां नजर आती हैं. पिछले पांच वर्षों के दौरान आर्थिक वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत से घटकर क्रमशः 7.2 एवं 7.0 प्रतिशत तक आ चुकी है. नवीनतम त्रैमासिक वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत है. इस...

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अपराध का चेहरा (जनसत्ता)

जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले में तीन साल की बच्ची से बलात्कार की घटना ने फिर यही सोचने पर मजबूर किया है कि एक समाज के सामूहिक स्वरूप में हम कितने सभ्य हो पाए हैं! घटना के मुताबिक पीड़ित बच्ची के पड़ोस में ही रहने वाले एक युवक ने उसे टॉफी देकर बहलाया और पास के...

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बाह्य वाणिज्यिक उधारी की मांग बढऩे का तकलीफदेह रुझान (बिजनेस स्टैंडर्ड)

ए के भट्टाचार्य भारत की बाह्य वाणिज्यिक उधारी (ईसीबी) की मांग में पिछले साल जबरदस्त उछाल आई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के संकलित आंकड़ों से पता चलता है कि वर्ष 2018-19 में ईसीबी के लिए पंजीकरण करीब 45 फीसदी बढ़कर 41.92 अरब डॉलर हो गया जबकि एक साल पहले यह 28.87 अरब डॉलर रहा था।...

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नया शीतयुद्घ? (बिजनेस स्टैंडर्ड)

अमेरिका और चीन के बीच चल रही व्यापारिक जंग एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है। पहले तो समझौते की कुछ उम्मीद भी जताई जा रही थी लेकिन इस बार तो वह भी तेजी से नदारद हो रही है। एक समझौते के करीब पहुंचने के बाद अमेरिका ने चीन पर आरोप लगाया कि वह...

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ब्रह्मपुत्र से गंगा तक बदलते मुद्दे (हिन्दुस्तान)

मनीषा प्रियम, राजनीतिक विश्लेषक भारत के राज्यों की अपनी विशेषता है। मौजूदा लोकसभा चुनाव में इस विशेषता ने प्रतिस्पद्र्धा के अलग-अलग अखाड़े बना दिए हैं। विशिष्ट मुद्दों पर चर्चा कमोबेश हर जगह पुरजोर है। तमाम राजनीतिक दलों ने चुनाव में अपनी दावेदारी जरूर पेश की, लेकिन चुनाव की बौद्धिक और तार्किक प्रक्रिया जनता की धरोहर...

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भारत-फ्रांस सैन्याभ्यास और चीन (प्रभात खबर)

डॉ सतीश कुमार अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार आम चुनाव की सरगर्मी अपने अंतिम पड़ाव पर है. इस चुनाव के परिणाम के बाद नयी सरकार का गठन होगा. अगर पिछले दो महीने का जायजा लिया जाये, तो सबसे ज्यादा चर्चित शब्द इस लोकसभा चुनाव में फ्रांस का राफेल युद्धपोत, चीन और पाकिस्तान रहे हैं. तीनों का...

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