Day: May 3, 2019

मसूद अजहर पर अंतरराष्ट्रीय पाबंदी लगने के बावजूद पाक आसानी से अपनी हरकतों से बाज नहीं आएगा (दैनिक जागरण)

पाकिस्तान में पल रहे आतंकी संगठन जैश ए मुहम्मद के सरगना मसूद अजहर पर अंतरराष्ट्रीय पाबंदी लगना भारत की एक बड़ी कूटनीतिक कामयाबी है। यह कामयाबी हासिल करने में एक दशक इसीलिए लग गए, क्योंकि चीन इस आतंकी सरगना की ढाल बना हुआ था। उसने अपना अडि़यल रवैया तब छोड़ा जब उसके सामने यह स्पष्ट...

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काम आई कूटनीति: सबको पता है दलाई लामा एक नेक व्यक्ति हैं, जबकि मसूद अजहर आतंकवादी है (अमर उजाला)

मारूफ रजा, सामरिक विश्लेषक दुनिया के शाक्तिशाली देशों अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने चीन पर बहुत दबाव डाला, जिसका नतीजा है कि चीन ने अपना रवैया बदला और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने जैश सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित कर दिया। हालांकि फ्रांस ने यह प्रस्ताव रखा था कि चीन या जो भी...

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आचार संहिता की वैधानिकता, चुनाव प्रचार के दरम्यान हो रहा है घटिया और शर्मनाक तरीकों का इस्तेमाल (अमर उजाला)

राजेश बादल भारतीय लोकतंत्र में सत्रहवीं लोकसभा के लिए हो रहे चुनाव अनेक गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। इस चुनाव में प्रचार के दरम्यान घटिया और शर्मनाक तरीकों का इस्तेमाल हो रहा है। निर्वाचन आयोग किसी को अड़तालीस घंटे के लिए प्रचार से रोक देता है, तो किसी को बहत्तर घंटे के लिए। किसी...

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दिवालिया निपटारे से जुड़ी आशंकाओं का सच होना (बिजनेस स्टैंडर्ड)

देवाशिष बसु तीन वर्ष पहले, मैंने नई ऋणशोधन अक्षमता एवं दिवालिया संहिता (आईबीसी) पर नौ आलेखों की शृंखला का पहला आलेख लिखा था। उस समय मैंने अपने आलेख में जो दलील और तर्क प्रस्तुत किए थे उन्हें विचित्र बताया गया था क्योंकि उस वक्त एक प्रतिबद्घ दिख रही सरकार नया कदम उठा रही थी। माना...

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सीमित दायित्व का संरक्षण (बिजनेस स्टैंडर्ड)

सर्वोच्च न्यायालय ने एक महत्त्वपूर्ण निर्णय में नैशनल स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड (एनएसईएल) और 63 मून्स टक्नॉलाजीज (पूर्व में फाइनैंशियल टेक्नॉलाजीज इंडिया अथवा एफटीआईएल) के जबरिया विलय को निरस्त कर दिया। कारोबारी संचालन के लिए इसके गहन निहितार्थ तो हैं ही साथ ही यह ‘जनहित’ को लेकर सर्वोच्च न्यायालय की समझ के बारे में भी विस्तार...

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विशाखा मामले में तय मानकों को लांघने की कोशिश (बिजनेस स्टैंडर्ड)

कनिका दत्ता उच्चतम न्यायालय ने वर्ष 1997 में यौन उत्पीडऩ शिकायतों पर हरेक संगठन में आंतरिक समिति बनाने के बारे में ििनर्देश देकर महिला अधिकारों के लिए नई जमीन तैयार की थी। विशाखा केस के रूप में चर्चित इन निर्देशों को वर्ष 2013 में कानून का रूप दिया गया। ऐसा लगता है कि वर्ष 2019...

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जापान की राजनीति में एक भारतीय योगी (दैनिक ट्रिब्यून)

अरुण नैथानी कोई व्यक्ति भारत से स्कॉलरशिप लेकर जापान पढ़ने जाये। फिर भारत से लौटने के बाद जापान में सम्मानजनक नौकरी हासिल कर ले। इसके बाद जापानी समाज में इतनी पैठ बना ले कि चुनाव जीतने में कामयाब हो जाये तो निश्चित ही उसकी मेहनत और सामाजिक सरोकारों को श्रेय देना होगा। भारतीय मूल के...

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पेशेवर प्रतिभाओं के आने से जगी उम्मीद (दैनिक ट्रिब्यून)

जयंतीलाल भंडारी हाल ही में देश में पहली बार संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा चयनित नौ विभिन्न असाधारण योग्यता वाले अनुभवी पेशेवर विशेषज्ञों को केन्द्र सरकार के विभिन्न विभागों में संयुक्त सचिव के पदों पर नियुक्ति दी गई है। देश में पहली बार निजी क्षेत्र से पेशेवर योग्यताओं के चलते नियुक्ति पाने वाले संयुक्त...

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मसूद पर शिकंजा (दैनिक ट्रिब्यून)

कुख्यात आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर का सुरक्षा कवच बनी चीन की दीवार आखिरकार गिर ही गयी। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध समिति ने बुधवार को मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित कर दिया। पुलवामा समेत भारत में अनेक आतंकी हमलों के सूत्रधार मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित करवाने की कोशिश भारत अरसे...

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आतंक पर बड़ी जीत (नवभारत टाइम्स)

आखिर बुधवार को आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना और पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने ग्लोबल टेररिस्ट्स की अपनी सूची में शामिल कर लिया। निश्चित रूप से यह भारतीय कूटनीति की बहुत बड़ी जीत है। पुलवामा हमले के ठीक बाद मार्च में की गई यह पहल पिछले अनेक प्रयासों...

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