Day: April 24, 2019

आयोग की बंदिशों को दरकिनार कर प्रचार (दैनिक ट्रिब्यून)

रेशू वर्मा लोकतंत्र का कुम्भ चल रहा है और हर कोई इसमें अपनी प्रार्थना के साथ डुबकी लगा रहा है। प्रचार के रोजाना नए तरीके आ रहे हैं और व्यापार के भी। और इन सबके बीच चुनाव आयोग घर का मुखिया बनकर आगे आता है, जिसकी मंजूरी के बिना कोई काम नहीं हो सकता। चुनाव...

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चुनावी मध्यांतर का प्रश्नकाल (दैनिक ट्रिब्यून)

राजकुमार सिंह सत्रहवीं लोकसभा के चुनाव में मतदान के तीन चरण 23 अप्रैल को पूरे हो गये। भले ही अभी सात में से तीन चरण का ही मतदान हुआ है, पर इसमें लोकसभा सीटों का आंकड़ा 56 प्रतिशत तक पहुंच गया है। यानी 543 सदस्यीय लोकसभा की 302 सीटों के मतदाता उम्मीदवारों के जरिये अपना...

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त्रिकोणीय मुकाबला (दैनिक ट्रिब्यून)

दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस के बीच लोकसभा चुनाव को लेकर चुनावी गठबंधन नहीं हो पाने से अब देश की राजधानी में त्रिकोणीय संघर्ष होने जा रहा है। अभी प्रदेश की सभी सीटें भाजपा के पास हैं। दिल्ली में तीन दलों के मैदान में होने व राष्ट्रीय मुद्दों के इर्दगिर्द सिमटी...

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सवाल तेल का नहीं (नवभारत टाइम्स)

अमेरिका ने भारत सहित कुल आठ देशों को ईरान से तेल आयात करने को लेकर दी गई छूट खत्म कर दी है। पिछले साल डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हुआ परमाणु करार रद्द कर दिया था और उसके तेल आयात पर प्रतिबंध लगा दिए थे। लेकिन इस प्रतिबंध से ईरानी तेल के आठ प्रमुख...

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सेना के प्रति अरुचि क्यों? (राष्ट्रीय सहारा)

अखिलेश शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार देश को केवल अपने हाथों में सुरक्षित होने का दावा कर रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उत्तराखण्ड, पंजाब और हरियाणा जैसे सैन्य बाहुल्य राज्यों में जा कर सेना के पराक्रम, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान का जज्बा जगा रहे हैं, जबकि उन्हें यह जज्बा सबसे पहले अपने गृह राज्य गुजरात में जगाना चाहिए...

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द. एशिया के लिए चेतावनी (राष्ट्रीय सहारा)

लगभग दो दशक तक सिंहली, बौद्ध, तमिल तनाव झेलने के बाद एक दशक से शांत श्रीलंका में ईस्टर के मौके पर र्चच और पंचसितारा होटलों सहित विभिन्न जगहों पर जो 8 विस्फोट हुए हैं, उनमें मरने वालों की संख्या 300 के आसपास पहुंच चुकी है। र्चच को निशाना बनाने का मतलब है एक धर्म विशेष...

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Chief Justice must subject himself to institutional inquiry on harassment allegations (The Indian Express)

Written by Rekha Sharma The Chief Justice of India is in the eye of a storm. Serious allegations of sexual harassment have been levelled against him by someone from within the judicial system. These are critical times, when allegations are flying thick and fast through the media — both mainstream and online social networks. In...

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Cities At Crossroads: Small shows the way (The Indian Express)

Written by Isher Judge Ahluwalia, Almitra Patel In our previous two columns, we shared the positive news on how solid waste is being managed in many small towns and some medium cities like Vellore. On learning that the Commissionerate of Municipal Administration (CMA) of Tamil Nadu has been very active in providing an enabling environment...

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The TINA trick (The Indian Express)

Written by Anil Dharker Two abbreviations crop up in any conversation about the elections. Both give a dispiriting picture of the mood of the nation. The acronyms are NOTA and TINA, which as we all know, expand to None Of The Above and There Is No Alternative. This state of despondency arises from many factors,...

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जाति-मजहब की राजनीति के चलते ही शिक्षा, स्वास्थ्य, बेरोजगारी जैसे मुद्दे चुनावी चर्चा से बाहर हैैं (दैनिक जागरण)

[ डॉ. बृजेश ]: देश में वोट की राजनीति में केवल तीन अहम पैमाने नजर आते हैैं। पहला जाति, दूसरा मजहब, तीसरा सरकार से मोह भंग यानी एंटी इनकंबैंसी। हिंदुस्तान की सियासत इन तीन मुद्दों पर टिकी है। जाति जन्म से है जिसे बदला नहीं जा सकता। प्रजातंत्र संख्या का खेल है। जिसकी जितनी संख्या...

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