Day: April 22, 2019

एक जंग ही है जिंदगी (दैनिक ट्रिब्यून)

शेखर सुमन वक्त बहुत गुज़र गया है इन सालों में, उतना ही जितना कायदे से गुज़र जाना चाहिए था। जिन्दगी भी वैसे ही चल रही है जैसे मामूली तौर पर चला करती है। कोई चुटकुला सुना दे तो हंस देता हूं और कोई इमोशनल मूवी दिखा दे तो आंसू निकल आते हैं। हां इन बीते...

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चमकीले उपभोक्ता बाजार का सम्मोहन (दैनिक ट्रिब्यून)

जयंतीलाल भंडारी इन दिनों भारत का उपभोक्ता बाजार और भारत का ई-कॉमर्स बाजार दुनिया के सभी देशों की तुलना में सबसे तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है। भारत के बाजार की छलांगें लगाकर और आगे बढ़ने की संभावनाएं भी बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में 18 अप्रैल को ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ने निर्णय...

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धरती बचाने की जिम्मेदारी का अहसास (दैनिक ट्रिब्यून)

ज्ञानेन्द्र रावत पृथ्वी दिवस समूची दुनिया में 22 अप्रैल को मनाया जाता है। यह दिन एक ऐसे महापुरुष की दृढ़ इच्छाशक्ति के लिए जाना जाता है, जिन्होंने ठान लिया था कि हमें पृथ्वी के साथ किए जा रहे व्यवहार में बदलाव लाना है। वह थे अमेरिका के पूर्व सीनेटर गेराल्ड नेल्सन। आज के ही दिन...

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चौथाई सदी का फासला (नवभारत टाइम्स)

मैनपुरी में 19 अप्रैल को समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह और बीएसपी सुप्रीमो मायावती का मंच पर आपसी सौहार्द प्रदर्शित करना मौजूदा चुनाव के लिहाज से ही नहीं, भारत की संसदीय राजनीति की दृष्टि से भी एक अहम घटना है। करीब ढाई दशक पहले बाबरी मस्जिद ध्वंस के कुछ ही समय बाद 1993 के...

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पृथ्वी दिवस – भगीरथ प्रयास ही विकल्प (राष्ट्रीय सहारा)

रमेश ठाकुर श्व पृवी दिवस’ को पर्यावरणीण रक्षा का प्रेक्षण राष्ट्रीय दिन माना गया है। यह दिवस धरती को सहेजने के लिए हम सबको संकल्पित होने के लिए जागरूक करता है, लेकिन हम लगातार अनदेखी करते हैं। न हुकूमतें गौर कर रही हैं और न ही सामाजिक चेतना, जबकि हम भलीभांति जानते हैं कि धरती...

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प. बंगाल के बुरे हालात! (राष्ट्रीय सहारा)

चुनाव आयोग द्वारा यह कहना कि पश्चिम बंगाल की स्थिति पूर्व के बिहार जैसी है, सामान्य नहीं है। यह असाधारण वक्तव्य है। पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था को लेकर चुनाव आयोग के विशेष पर्यवेक्षक ने स्थानीय हालात का पर्यवेक्षण करने के बाद बयान दिया है। इस बयान से उन सारे लोगों की बातों की पुष्टि हो...

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इस सच की भी पड़ताल हो (राष्ट्रीय सहारा)

हेमंत करकरे का नाम अचानक सुर्खियों में आ गया है। भोपाल से भाजपा उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर अपनी उत्पीड़न के बारे में कह गई कि हेमंत करकरे को मैंने शाप दिया था। साध्वी की उम्मीदवारी के बाद से ही मौन धारण कर चुकी कांग्रेस बाहर आई और इसे शहीदों का अपमान बताया एवं भाजपा ने...

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The Danger Of Silver Bullets (The Indian Express)

Written by Ajay Vir Jakhar Farmers were sold a dream in 2014 that everything was going to change. But now they have compelling reasons to feel they were deceived. Party manifestos indicate what the politicians want us to believe. After elections, winners get either selective amnesia (Rs 15 lakh in each bank account), re-interpret promises...

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‘अर्श से फर्श पर’ जेट एयरवेज (पंजाब केसरी)

‘रंक से राजा’ बनने की कहानियां तो अक्सर ही सुनाई जाती हैं परंतु उनसे महत्वपूर्ण तथा आवश्यक ‘अर्श से फर्श’ पर गिरने की त्रासदीपूर्ण कहानियां हैं। इनमें सर्वाधिक महत्वपूर्ण अथवा प्रेरणादायक शायद वे हैं  जहां कर्मठता विनाश से बचा लेती है।  महीने भर में जैट एयरवेज एक त्रासदी बन गई जिसने 20 हजार कर्मचारियों को...

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NYAY’s impact could be much wider than expected (Hindustan Times)

Giving Rs 72000 per year to India’s poorest 20% households under the Nyuntam Aay Yojana (NYAY) is the biggest poll promise of the Congress in these elections. The party has been peddling two kinds of justifications for it. First, the scheme has been described as some sort of last-mile assault on poverty in India. The...

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