Day: April 20, 2019

सभ्य समाज में अस्वीकार्य राजनीतिक आचरण (दैनिक ट्रिब्यून)

विश्वनाथ सचदेव देश में लोकतंत्र का महापर्व मनाया जा रहा है। हर उत्तरदायी नागरिक अपने वोट से अपनी नयी सरकार चुनेगा। लोकसभा के प्रत्याशी और राजनीतिक दल मतदाता को लुभाने का हरसंभव प्रयास कर रहे हैं, और यह हमारे जनतंत्र की विशेषता है कि कुछ अपवादों को छोड़कर हर चुनाव में देश के मतदाता ने...

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चमकदार उम्मीदों के सेंसेक्स रिटर्न (दैनिक ट्रिब्यून)

आलोक पुराणिक अप्रैल में मुंबई शेयर बाजार के संवेदनशील सूचकांक ने चालीस साल पूरे किये। एक अप्रैल 1979 को आधार मानकर शुरू किया गया यह सूचकांक अब चालीस का हो गया। एक अप्रैल 1979 को इस सूचकांक की कीमत सौ रुपये मानी जाये तो आज यह सूचकांक करीब 39000 बिंदुओं के आसपास है। यानी अप्रैल...

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विराट सेना (दैनिक ट्रिब्यून)

यह चुनावी बुखार का ही असर है कि जिस क्रिकेट के पीछे देश दीवाना है, विश्व कप के लिए उसकी टीम के चयन की ज्यादा चर्चा नहीं हो पायी। बेशक घोषित टीम में ज्यादा अप्रत्याशित कुछ भी नहीं है, लेकिन नयी सनसनी ऋषभ पंत पर अनुभवी दिनेश कार्तिक और आजमाये हुए अंबाती रायडू पर नये...

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अली-बली खलबली की परवाज (दैनिक ट्रिब्यून)

अरुण अर्णव खरे पांच साल बाद राजपथ के एक मुरझाए हुए पेड़ पर तोता और मैना की फिर से मुलाक़ात हुई। दोनों ने पिछली मुलाक़ात में ही पांच साल बाद पुन: इसी पेड़ पर मिलने का वादा किया था। तब से विकास के लिए पेड़ को काटने व जड़ से उखाड़ने की कई कोशिशें हुईं...

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बेरोजगारी पर हो बात (नवभारत टाइम्स)

यह वाकई चिंता का विषय है कि नोटबंदी के बाद बीते दो वर्षों में असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले 50 लाख लोगों ने अपना रोजगार खो दिया है। यह जानकारी बेंगलुरु स्थित अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑफ सस्टेनेबल एंप्लॉयमेंट (सीएसई) द्वारा मंगलवार को जारी रिपोर्ट ‘स्टेट ऑफ वर्किंग इंडिया 2019’ में दी गई...

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आशंकाओं के बीच (नवभारत टाइम्स)

दुनियाभर के सत्ताधारी अपनी उपलब्धियों का चाहे जितना बखान करें, सच यह है कि आम आदमी की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। इसके बजाय रोज नई-नई समस्याएं उसके सामने खड़ी होती जा रही हैं। बहुराष्ट्रीय मार्केट रिसर्च कंपनी इप्सॉस के सर्वेक्षण ‘वॉट वरीज दि वर्ल्ड ग्लोबल सर्वे’ से पता चलता है...

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अंतरिक्ष में मजबूत होते कदम (राष्ट्रीय सहारा)

डॉ. विमल कश्यप सीमा पार से व्यापार कश्मीर घाटी में इस्लामी आतंकवाद का वित्तपोषण हो रहा है, राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा रिपोर्ट किए जाने के लगभग पांच साल बाद भारत ने आखिरकार इस व्यापार को ‘‘स्थगित‘‘ कर दिया। इसी तरह, जम्मू-कश्मीर में पीडीपी-बीजेपी सरकार की पारी जमीन पर हालात बदतर होने के बाद ही समाप्त...

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अपनों की एयर स्ट्राइक (राष्ट्रीय सहारा)

अनिल उपाध्याय आज जेट एयरवेज एक ऐसे मरीज के रूप में तब्दील हो चुका है, जिसकी बीमारी का निदान भी हो चुका है और उपचार भी आरम्भ हो चुका है मगर ऐन वक्त पर डॉक्टर ने दवा देने से इनकार कर दिया है। यहां डॉक्टर से हमारा इशारा स्टेट बैंक की ओर है। स्टेट बैंक...

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The justice and his report (The Indian Express)

Written by Prem Singh Today, April 20, 2019, marks the first death anniversary of Justice Rajinder Sachar — a socialist visionary, a judge par excellence, a true secular democrat, an unrelenting champion of civil liberties and a wonderful human being. I personally feel a great sense of loss without him, particularly in my political activities....

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The restive Kapu (The Indian Express)

Written by Christophe Jaffrelot, A Kalaiyarasan Reservations are often used by castes to achieve something more than redressing deprivation. The Kapu agitation in Andhra Pradesh is one such example. Unlike the agitations of Jats in Haryana, Marathas in Maharastra and Patels in Gujarat, which are marked by “fear of below”, that is, the relative mobility...

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